
‘दूध दही का खाना नंबर वन हरियाणा’ हरियाणा के बारे में ये कहावत बड़ी ही शान से कही जाती है. लेकिन जिस लिए ये कहावत कही जाती थी उसमे अब हरियाणा पिछड़ चुका है. और पीछे छोड़ने वाला कोई और नहीं पड़ोसी राज्य राजस्थान है. अगर प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता की बात करें तो हमेशा से इसमे हरियाणा और पंजाब नंबर वन और नंबर दो रहे हैं. लेकिन हाल में केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की आई रिपोर्ट के मुताबिक प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता के मामले में राजस्थान ने हरियाणा को पीछे छोड़ दिया है. अगर नंबर वन पंजाब की बात करें तो राजस्थान और पंजाब के आंकड़े में कोई बहुत ज्यादा अंतर नहीं है.
दूध उत्पादन के मामले में राजस्थान दूसरे नंबर पर है. और अगर पंजाब-हरियाणा की बात करें तो ये टॉप 1 की लिस्ट से बहुत दूर हैं. वहीं दूध उत्पादन के मामले में कर्नाटक भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. बीते छह साल में कर्नाटक के दूध उत्पादन में 68 फीसद की दर से बढ़ोतरी हुई है. यूपी-मध्य प्रदेश भी दूध उत्पादन में पंजाब-हरियाणा से बहुत आगे. खास बात ये है कि यूपी-मध्य प्रदेश और राजस्थान टॉप तीन की लिस्ट में हैं.
अगर देश में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता की बात करें तो देश के हर एक इंसान के लिए 485 ग्राम दूध उपलब्ध है. देश में बीते साल 25 करोड़ टन दूध का उत्पादन हुआ था. अगर राज्यों की बात करें तो प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता के आंकड़ों में पंजाब पहले नंबर पर और हरियाणा दूसरे नंबर पर रहा है. लेकिन चौंकाने वाली बात ये है कि साल 2025 में आई मंत्रालय की रिपोर्ट में राजस्थान ने हरियाणा को पीछे छोड़ दिया है. रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों की मानें तो हरियाणा में प्रति व्यक्ति् दूध की उपलब्धता 1128 ग्राम है, जबकि राजस्थान में ये बढ़कर अब 1229 ग्राम हो गई है.
इस तरह से राजस्थान ने हरियाणा को पीछे छोड़ दिया है. अगर साल 2018-19 से बात करें तो बीते छह साल में राजस्थान में 45 फीसद की दर से प्रति व्यक्तिं दूध उपलब्धता बढ़ रही है. जबकि हरियाणा में ये आंकड़ा 12 फीसद का है. अगर राजस्थान और पंजाब के आंकड़े देखें तो बीते 6 साल में पंजाब में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता 1165 ग्राम से 1318 ग्राम हो गई है. वहीं राजस्थान 850 ग्राम से 1229 ग्राम पर आ गया है. पंजाब में प्रति व्यक्तिक दूध उपलब्धता की रफ्तार 13 फीसद है.
प्रति व्यक्तिा दूध उपलब्धता की बढ़ती रफ्तार के संबंध में दूसरे राज्यों की बात करें तो कर्नाटक पहले नंबर पर है. बीते 6 साल में कर्नाटक में ये आंकड़ा 68 फीसद है. साल 2018-19 में ये आंकड़ा 332 ग्राम था, जो बढ़कर साल 2024-25 में 559 ग्राम हो गया है. हरियाणा में 12 फीसद की दर से 1040 से 1128 ग्राम, राजस्थान 45 फीसद की दर से 850 से 1229 ग्राम हो गया है. गुजरात 23 फीसद की दर से 593 से 730 ग्राम, कर्नाटक 68 फीसद की दर से 332 से 559 ग्राम, मध्य प्रदेश 31 फीसद की दर से 538 से 707 ग्राम, पंजाब 13 फीसद की दर से 1165 से 1318 ग्राम, यूपी 19 फीसद की दर से 377 से 447 ग्राम, बिहार 25 फीसद की दर से 228 से 285 ग्राम और महाराष्ट्र 36 फीसद की दर से 264 से 358 ग्राम प्रति व्यक्ति5 दूध उपलब्धता पर आ गया है.
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