
पशुपालन और डेयरी टेक्नोलॉजी अपनाने के मामले में हम पीछे हैं. यहां तक की दूध उत्पादन और डेयरी प्रोडक्ट एक्सपोर्ट के मामले में भी हम पीछे हैं. बेशक विश्व में हम दूध उत्पादन में नंबर वन हैं, लेकिन उसके पीछे भी एक बड़ी वजह है. विश्व में सबसे ज्यादा पशु भारत में हैं, इसी वजह से हमारे यहां दूध उत्पादन ज्यादा है. लेकिन उत्पादन के मामले में एक परेशानी वाली बात ये है कि हमारे देश में प्रति पशु दूध उत्पादन बहुत कम है. विश्व के उन छोटे-छोटे देशों से भी कम जो आबादी और क्षेत्रफल के हिसाब से हमसे बहुत छोटे हैं. यही वजह है कि हमारे देश में बढ़ते दूध उत्पादन को कामयाबी के तौर पर नहीं देखा जाता है. ऐसा नहीं है कि हमारे देश में टेक्नोलॉजी की कोई कमी है.
लेकिन परेशानी ये है कि आज भी गांवों में वही पुराने ट्रेडीशनल तरीके से गाय-भैंस और भेड़-बकरियों का पालन किया जाता है. ये छोटे-छोटे वो कारण हैं जिनकी वजह से दूध में नंबर वन भारत एक्सपोर्ट की टॉप 10 की लिस्ट में भी शामिल नहीं है. इस सब से निपटने के लिए डेयरी एक्सपर्ट और अमूल के पूर्व एमडी डॉ. आरएस सोढ़ी पशुपालन और डेयरी में खास काम करने के लिए कुछ टिप्स देते हैं. उनका कहना है कि इंडियन डेयरी का ढांचा इस तरह का है कि उसके हिसाब से दूध उत्पादन को कभी भी बढ़ाया जा सकता है.
डॉ. आरएस सोढ़ी ने डेयरी में मुनाफा बढ़ाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए कुछ टिप्स दिए हैं. डेयरी की तस्वीर बदलने के लिए मिल्क रेव्युलेशन-2 की तरह से काम करने पर जोर दिया है. उनका कहना है कि अगर ऐसा होता है तो डेयरी सेक्टर और उससे जुड़े पशुपालकों की तस्वीर एकदम बदल जाएगी.
ये भी पढ़ें- Egg Rate: बाजार में पहली बार 8 से 12 रुपये तक का बिक रहा अंडा, ये है बड़ी वजह
ये भी पढ़ें- Egg Testing: अंडा खरीद रहे हैं तो भूलकर भी न करें ये काम, ऐसे जांचें अंडे की क्वालिटी