Dairy Product Brand: पशुपालन से मुनाफा कमाना है तो दूध संग दही, घी-मक्खन भी बेचना होगा, बनाएं लोकल ब्रांड

Dairy Product Brand: पशुपालन से मुनाफा कमाना है तो दूध संग दही, घी-मक्खन भी बेचना होगा, बनाएं लोकल ब्रांड

Dairy Product Brand दूध का उत्पादन और डिमांड बढ़ाने के लिए दही, घी-मक्खन को लोकल ब्रांड बनाकर लोगों से जुड़ने की जरूरत है. साथ ही डेयरी प्रोडक्ट की पैकेजिंग पर भी खास ध्यान देने की जरूरत है. इससे मुनाफा भी बढ़ेगा और बाजार में डेयरी प्रोडक्ट की डिमांड भी आएगी. वहीं पशुपालकों को भी इस पेशे में रोकने के लिए ये सब बहुत जरूरी है. 

पशुपालन के ल‍िए ट‍िप्स पशुपालन के ल‍िए ट‍िप्स
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jan 21, 2026,
  • Updated Jan 21, 2026, 11:21 AM IST

देश में दूध की कोई कमी नहीं है, हर साल दूध उत्पादन बढ़ रहा है. साल 2025 में दूध उत्पादन 25 करोड़ टन पर पहुंच गया है. डेयरी एक्सपर्ट का दावा है कि हमारे देश में पशुपालन का इंफ्रास्ट्रक्चर ऐसा है कि जरूरत के मुताबिक कभी भी दूध उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है. और पशु दूध उत्पादन बढ़ाने की तैयारी तो चल ही रही है. लेकिन इसके साथ ही ये भी जरूरी है कि दूध की डिमांड बढ़े. पशुपालन में लगे परिवारों का मुनाफा बढ़े. और ये सब दूध बेचकर मुमकिन नहीं होगा. 

इसके लिए जरूरी है कि दूध संग दही, घी-मक्खन भी बेचा जाए. बाजार में सिर्फ दूध बेचने से काम नहीं चलेगा. दूध की प्रोसेसिंग कर उसके प्रोडक्ट बनाने होंगे. तैयार प्रोडक्ट को लोकल ब्रांड बनाना होगा. ऐसा करने से जहां दूध की डिमांड बढ़ेगी वहीं पशुपालक का मुनाफा भी बढ़ेगा. आज लोगों को प्रोटीन की जरूरत है. वेजिटेरियन प्रोटीन का नाम आते ही डेयरी प्रोडक्ट की तरफ देखते हैं. इसका एक बड़ा फायदा ये भी होगा कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. 

पशुपालन में मुनाफा बढ़ाने पर क्या बोले एक्सपर्ट   

भारत का संगठित डेयरी सेक्टर नए बाजारों की तलाश में लग गया है. कंपनी छोटी हो या बड़ी सभी दूध से बने अलग-अलग प्रोडक्ट लाकर अपने बाजार को मजबूत करने में लगे हुए हैं. उनका मानना है कि इसी से मुनाफा बढ़ेगा. क्योंकि सिर्फ दूध बेचकर बाजार में एंट्री की जा सकती है, लेकिन बड़ा मुनाफा सिर्फ डेयरी प्रोडक्ट से ही आता है. 

  • दूध सिर्फ एक शुरुआत है. दूध से रेवेन्यू आता है, लेकिन मार्जिन कम है. असल मुनाफा दही और दूध से बने दूसरे प्रोडक्ट बनाकर ही आएगा. 
  • तय खपत पैटर्न कंपनियों को कुछ नया करने के लिए प्रेरित करते हैं. असल मुनाफा डेयरी प्रोडक्ट का पोर्टफोलियो बड़ा करने से ही आएगा. 
  • डेयरी-पशुपालन में मुनाफे के लिए प्रोटीन युक्त डेयरी उत्पादों की बढ़ती मांग की ओर इशारा किया.
  • इन सभी बातों का उदाहरण ये है कि हैदराबाद स्थित हेरिटेज फूड्स ने प्रोबायोटिक बटर मिल्क और प्रोबायोटिक दही लॉन्च किया है.
  • डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि प्रोटीन की लड़ाई में जो खिलाड़ी हावी होंगे, और वो बाजार की लड़ाई जीतेंगे, क्योंकि डेयरी ब्रांडों के लिए भूगोल इतिहास है. हम नए बाजारों में और ज्यादा खिलाड़ियों को प्रवेश करते देखेंगे.
  • डेयरी के हालात को देखते हुए ही अमूल ने अमेरिका और यूरोप के बाजार में एंट्री की है. कर्नाटक की नंदिनी डेयरी ने दिल्ली में कदम बढ़ा दिए हैं. हैटसन एग्रो प्रोडक्ट लिमिटेड (HAP) ने ओडिशा में डेयरी स्टार्ट-अप मिल्क मंत्रा को 233 करोड़ रुपये लगाकर अधिग्रहित किया है.

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