
पशु मेलों में गाय-भैंस का ज्यादा दूध देने का मुकाबला भी होता है. राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले दूध मुकाबले में हर साल गाय-भैंस पहला इनाम जीतती हैं. ऐसे मुकाबलों में गाय जहां 70 से 80 लीटर तक दूध देती हैं तो भैंस 28 लीटर तक दूध देकर चर्चाओं को बढ़ा देती हैं. पशु मेला तो दो-तीन दिन बाद खत्म हो जाता है, लेकिन ज्यादा दूध देने की चर्चाएं चलती रहती हैं. गुरु अंगद देव वेटनरी एंड एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी (गडवासु), लुधियाना और प्रोग्ररेसिव डेयरी फार्मर एसोसिएशन (पीडीएफए) हर साल ऐसे पशु मेलों का आयोजन करती है. खासतौर पर मुर्रा नस्ल की भैंस इस तरह के आयोजन में ज्यादा दूध देने के मुकाबले जीत रही हैं.
एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आप भी अपनी भैंस से 28 लीटर तक रोजाना दूध उत्पादन चाहते हैं तो उसे अच्छी खुराक खिलानी होगी. मुर्रा भैंस एसोसिएशन के प्रधान नरेन्द्र सिंह का कहना है कि इस तरह के मुकाबलों के चलते भी मुर्रा भैंसों की डिमांड बढ़ी है. हरियाणा से मुर्रा भैंस की बड़े स्तर पर खरीदारी हो रही है. राज्यों की सरकारें सबसे बड़ी खरीदार के रूप में सामने आ रही हैं. इसमे आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सरकार सबसे ज्यादा मुर्रा भैंस खरीदती है.
गडवासु के एक्सपर्ट का कहना है कि आमतौर पर पशुपालक अपने पशु को तीन तरह का चारा अलग-अलग वक्त पर अलग-अलग तरीके से खिलाते हैं. जैसे सूखा चारा अलग देंगे, दाना अलग से खिलाएंगे. वहीं हरा चारा खासतौर पर शाम के वक्त अलग से खाने के लिए देंगे. लेकिन हम लोग ऐसा नहीं करते हैं. गाय-भैंस ज्यादा दूध देने वाले हों या फिर कम दूध, खाने का तरीका एक ही रहता है. यह बात अलग है कि दूध की मात्रा के मुताबिक चारे की मात्रा कम-ज्यादा होती रहती है.
अगर हम 28 लीटर दूध देनी वाली मुर्रा भैंस की बात करें तो हम सभी तरह का दाना और चारा मिक्स करके सानी की शक्ल में इसे खिलाते हैं. जैसे अगर हम मक्का या चुकंदर का सूखा (साइलेज) चारा दे रहे हैं या फिर कोई दानेदार फीड और हरा चारा, सभी को एक साथ मिलाकर उसकी सानी बना लेते हैं. फिर उस सानी को इन्हें खाने के लिए दे दिया जाता है.
प्रधान नरेन्द्र सिंह बताते हैं कि टेंडर के माध्यम से राज्य सरकारें जो मुर्रा भैंस की खरीद करती हैं उनकी कीमत औसत 80 हजार से एक लाख रुपये तक आती है. जबकि मुर्रा भैंस के जो खरीदार सीधे आते हैं उन्हें एक मुर्रा भैंस एक लाख से लेकर सवा लाख रुपये तक की पड़ती है. हरियाणा से बड़ी संख्या में मुर्रा भैंस खरीदने वालों में यूपी, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, मध्या प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और बिहार के लोग होते हैं. मुर्राह भैंस के सौदे करने ज्यादातर कारोबारी सीधे हरियाणा आते हैं. पशु मेलों में यह कारोबारी पहले मुर्रा के बारे में जानकारी जुटा लेते हैं कि कहां, कैसी और कितने की मिल रही है.
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