
पशु अगर किसी भी तरह की शारीरिक और मानसिक परेशानी के चलते तनाव में है तो उसका उत्पादन घटना तय है. ये परेशानी संक्रमण और बीमारी किसी भी तरह की हो सकती है. हालांकि एनिमल प्रोडक्ट उत्पादन की बात करें तो हमारा देश दूध, मीट और अंडा उत्पादन में पहले से लेकर चौथे स्थान पर है. लेकिन एनिमल प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट ना के बराबर होता है. और इसकी बड़ी वजह है बीमारियां. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो पशुओं की बहुत सारी बीमारियों का एक मात्र इलाज उन्हें कंट्रोल करना ही है. इसी के लिए पशुओं का समय-समय पर वैक्सीनेशन कराया जाता है. लेकिन वैक्सीनेशन कराने में बहुत सावधानी बरतने की जरूरत होती है.
अगर आप भी अपने पशुओं का वैक्सीनेशन कराने जा रहे हैं तो एक्सपर्ट के बताए टिप्स का पालन जरूर करें. वैक्सीनेशन का एक बड़ा ये भी है कि ये पशुओं में एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) को नहीं पनपने देता है. एएमआर की परेशानी पशुओं को बीमारी में एंटी बायोटिक्स खिलाने से सामने आती है. और विदेशों में एएमआर फ्री एनिमल प्रोडक्ट की डिमांड की जाती है. जबकि डेयरी, पोल्ट्री और फिशरीज में ये एक बड़ी परेशानी बन चुकी है.
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