केन्द्र सरकार कृत्रिम गर्भाधान (AI) को बढ़ावा दे रही है. गाय-भैंस ही नहीं भेड़-बकरियों को भी कृत्रिम रूप से गाभिन कराया जा रहा है. साइंटीफिक तरीके से होने वाले पशुपालन में अब कृत्रिम गर्भाधान का तरीका जमकर अपनाया जा रहा है. यही वजह है कि बाजार में सीमन (वीर्य) की डिमांड बढ़ गई है. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो सीमन का बाजार लगातार बढ़ रहा है. इसके एक नहीं कई तरह के फायदे हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि इसके चलते दूध उत्पादन बढ़ने के साथ ही पशु नस्ल सुधार भी होता है.
यही वजह है कि कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने के लिए हर नस्ल के ब्रीडर सांड तैयार किए जा रहे हैं. पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की ओर से खानपान और रहन-सहन से संबंधित एडवाइजरी जारी की जाती हैं. यहां तक की गाय-भैंस को प्राकृतिक तरीके से गाभिन कराने के लिए भी ब्रीडर सांड कैसा हो इसके लिए भी गाइड लाइन तैयार की गई है. अगर आप भी सीमन बेचकर मुनाफा कमाना चाहते हैं तो इस तरह ब्रीडर सांड तैयार किया जा सकता है.
ब्रीडर बुल है तो ऐसे करें देखभाल
- बाड़ा ऐसा हो जो सांड को सर्दी-गर्मी से बचाया जा सके.
- गर्भाधान का स्थान भैंसों के बाड़े से दूर होना चाहिए.
- सांड का बाड़ा आरामदायक और बड़ा हो, जहां से वो दूसरे पशुओ को भी देख सके.
- गर्भाधान के लिये सांड की उम्र कम से कम ढाई साल और वजन 350 किलोग्राम होना चाहिए.
- कम उम्र के सांड को हफ्ते में दो या तीन बार ही ब्रीडिंग के लिए इस्तेमाल करना चाहिए.
- दो गर्भाधान के बीच सांड को कम से कम एक दिन का आराम देना चाहिए.
- सांड को संगम कराने से पहले उसे मैथुन के लिए उत्तेजित करना जरूरी होता है.
- उत्तेजित करने के लिऐ सांड को दो-तीन बार भैंस के ऊपर कुदाऐं और तुरंत हटा ले.
- अगर सांड सुस्त है तो भैस दिखाने के बाद उसे दूर ले जाए.
- आसपास ही थोड़ा घुमाने के बाद उसे भैंस पर कुदाएं.
- भैंस के पास कोई दूसरा सांड बांधने से भी दूसरे सांड को उत्तेजना मिलती है.
- भैस पर कुदाते समय सांड के साथ सख्त व्यवहार नहीं करना चाहिए.
- ब्रीडर सांड का भैंस से संगम कराने के दौरान उसके साथ मारपीट नहीं करनी चाहिए.
- सांड को प्रतिदिन कम से कम एक घंटा कसरत करानी चाहिए.
- सांड की हर रोज मालिश करने के बाद उसे नहलाना चाहिए.
- हर छह महीने के बाद सांड के खून की जांच करा लेनी चाहिए.
- समय-सयम पर सांड में ब्रुसेलोसिस समेत दूसरे यौन रोग जांच करानी चाहिए.
- चार्ट के मुताबिक सांड का टीकाकरण कराते रहना चाहिए.
- एक्सपर्ट द्वारा बताई गई डाइट ही सांड को देनी चाहिए.
- खूंखार सांड से किसान की सुरक्षा का इंतजाम बाड़े में जरूर करें.
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