Animal Breed Improvement: बार-बार एआई से गाभि‍न न हो गाय-भैंस तो करा सकते हैं भ्रूण प्रत्यारोपण, जानें तरीका 

Animal Breed Improvement: बार-बार एआई से गाभि‍न न हो गाय-भैंस तो करा सकते हैं भ्रूण प्रत्यारोपण, जानें तरीका 

Animal Breed Improvement पशु नस्ल सुधार और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination), सैक्स सॉर्टेड सीमन और भ्रूण प्रत्यारोपण (ईटी) जैसे कई तरह के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. पशुपालकों के बीच भ्रूण प्रत्यारोपण (ईटी) इस्तेमाल आमतौर पर नहीं हो रहा है. क्योंकि ये तकनीक अभी महंगी है. हालांकि सरकार इसे सस्ता बनाने पर काम कर रही है. 

जर्सी गाय से पैदा हुए बेस्ट नस्ल के बछड़ेजर्सी गाय से पैदा हुए बेस्ट नस्ल के बछड़े
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Mar 19, 2026,
  • Updated Mar 19, 2026, 2:30 PM IST

दूध उत्पादन में नबंर वन बनने के बाद अब सरकार का पूरा जोर प्रति पशु दूध उत्पादन बढ़ाने पर है. इसकी एक बड़ी वजह ये है कि हमारे देश में दूध देने वाले पशुओं की संख्या ज्यादा है, लेकिन कुछ पशु कम दूध देते हैं या फिर कुछ तो बिल्कुल भी नहीं दे  रहे हैं. इसी तरह की परेशानी को दूर करने के लिए पशुओं की नस्ल सुधार का काम तेजी से चल रहा है, और इसके लिए खासतौर पर तीन तरह की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है. पहली है कृत्रिम गर्भाधान (एआई), दूसरी है भ्रूण प्रत्यारोपण (ईटी) और तीसरी है सेक्स सॉर्टेड सीमन. 

ईटी वो तकनीक है कि जब बार-बार एआई कराने के बाद भी गाय-भैंस गाभि‍न नहीं होती है तो फिर ईटी यानि एंब्रियो ट्रांसफर किया जाता है. कुछ खास वजहों के चलते ईटी तकनीक जरूर महंगी है, लेकिन उसकी भी एक बड़ी वजह ये है कि ज्यादातर पशुपालक अभी इसे अपना नहीं रहे हैं. पशुपालकों का पूरा ध्यान अब आर्टिफिशल इंसेमीनेशन (एआई) की तरफ है. लेकिन एक्सपर्ट की मानें तो एआई ईटी का विकल्प नहीं है. दोनों के बीच खासा अंतर है. 

ईटी से जुड़े सवालों के ये हैं जवाब      

प्रश्न- ईटी क्या है? क्या यह कृत्रिम गर्भाधान का विकल्प है? मेरी गाय-भैस बार-बार एआई कराने पर भी गाभिन नहीं हो रही है, क्या मैं उन्हें गाभिन करने के लिए ईटी का उपयोग कर सकता हूं?

उत्तर- ईटी तकनीक में उच्च गुणवत्ता वाले गाय-भैंस से भ्रूण पैदा कर उन्हें ग्राही (रेसीपीएंट) गाय-भैंस के गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया जाता है. ग्राही गाय-भैंस उसका पूर्ण गर्भकाल तक पालन करती है. यह एक ऐसी तकनीक है जिसके द्वारा उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता वाले पशुओं से उनके पूरे जीवन काल में सामान्य से अधिक बच्चे पैदा लिए जा सकते है.

ईटी एआई (कृत्रिम गर्भाधान) का विकल्प नहीं है. यह जरूरी नहीं कि एआई कराने के बाद बार-बार रिपीट होने वाली गाय-भैस पर ईटी पूरी तरह से कामयाब हो. अगर गाय-भैंस के गर्भाशय में कोई बीमारी या खराबी है तो ईटी तकनीक सफल नहीं होगी. 

प्रश्न- गाय-भैंस के लिए मुझे ईटी की सुविधा कौन उपलब्ध करा सकता है? उसके लिए क्या कीमत चुकानी होगी? क्या में ईटी से नर या मादा का चुनाव कर सकता हूं?

उत्तर- देश में ईटी की सुविधा कालसी फार्म, देहारादून (उत्तराखंड), साबरमती आश्रम गौशाला (बीडज, गुजरात), बुल मदर फार्म (हृष्ट, पश्चिम बंगाल), ईटी सेन्टर (नाभा, पंजाब) और बायफ (पुणे, महाराष्ट्र) द्वारा ईटी तकनीक की सुविधा दी जा रही है. इस तकनीक के लिए सभी केन्द्रों पर वीर्य (सीमेन) उत्पादन के लिए उच्च गुणवत्ता वाले सांड़ों को पैदा करते हैं. ईटी की सेवा व्यक्तिगत स्तर पर नहीं दी जाती है.

ये सुविधा अभी सामान्यता बड़े फार्म वाली संस्थाओं को दी जा रही है. कीमत की बात करें तो ईटी की कीमत भ्रूण की नस्ल, उसकी गुणवत्ता और गर्भधारण की सफलता पर निर्भर करती है. सेक्स सॉर्टेड सीमन (वीर्य) द्वारा नर या मादा बच्चे में चुनाव की सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है.

एनिमल एक्सपर्ट डॉ. सज्जन सिंह का कहना है कि आमतौर पर पशुपालक यही समझते हैं कि एआई और ईटी तकनीक एक ही है. लेकिन ऐसा नहीं है. एआई में सीमेन एक खास गन से पशु के अंदर पहुंचाया जाता है. जबकि ईटी में इस गन का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. भूण का प्रत्यारोपण करने के लिए एक खास तकनीक इस्तेमाल की जाती है. इसलिए किसी भी ऐसे इंसान के झासे में ना आएं जो ये कहता हो कि वो एआई की गन से ईटी करा देगा.

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