Animal Feed: तनाव में भी होंगी तो पेट भरकर खाएंगी, गाय-भैंस को ऐसे दें खाने को 

Animal Feed: तनाव में भी होंगी तो पेट भरकर खाएंगी, गाय-भैंस को ऐसे दें खाने को 

Animal Feed यही वजह है कि खासतौर पर भैंस की खुराक को लेकर हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की गई है. रिपोर्ट केन्द्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान (सीआईआरबी), हिसार, हरियाणा भैंसों की खुराक कैसी हो इसे लेकर रिपोर्ट जारी कर चुका है. अच्छी खुराक देने के साथ-साथ पशुपालक को ये भी मालूम होना चाहिए कि एक भैंस को कब और कितना मिनरल मिक्चर और चारा खिलाना है.

कोई भी गोवंश सड़क पर बेसहारा न घूमे और उन्हें सुरक्षित वातावरण मिल सकेकोई भी गोवंश सड़क पर बेसहारा न घूमे और उन्हें सुरक्षित वातावरण मिल सके
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jun 18, 2026,
  • Updated Jun 18, 2026, 2:56 PM IST

पशु यानि गाय-भैंस जरा भी तनाव में हैं तो उसका असर उनकी खुराक पर पड़ता है. तनाव में आते ही गाय-भैंस खाना-पीना कम कर देती हैं. और फिर खुराक कम होने से उनका उत्पादन भी घट जाता है. जबकि एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो पशुओं की सेहत और ज्यादा उत्पादन के लिए हरे-सूखे चारे संग मिनरल मिक्चर देना बहुत जरूरी होता है. क्योंकि एक्सपर्ट का मानना है कि पशु की खुराक ना सिर्फ उसका पेट भरती है बल्कि उत्पादन बढ़ाने के साथ ही उसकी सेहत को भी ठीक रखती है. 

लेकिन ध्यान रहे कि मौसम के मुताबिक और सुबह-दोपहर, शाम के हिसाब से पशुओं की खुराक तय होती है. पशुओं के लिए भी वक्त से संतुलित खुराक तय की गई है. तय खुराक के मुताबिक पशुओं को ना कोई चीज कम और ना कोई दूसरी चीज ज्यादा खि‍ला सकते हैं. क्योंकि खाने की लापरवाही पशुओं को बीमार कर सकती है. पशुओं को चारे और मिनरल मिक्चर खि‍लाने में की गई जरा सी भी लापरवाही बहुत भारी पड़ सकती है. 

दाना-चारा खिलाने के ये हैं टिप्स 

  • भैंस की खुराक संतुलित होनी चाहिए. 
  • भैंस की खुराक स्वादिष्ट और पौष्टिक होनी चाहिए. 
  • पशु की खुराक में बदबू नहीं आनी चाहिए.
  • पेट पूरा भरने पर ही भैंस को संतुष्टि मिलती है. 
  • भैंस की उम्र के हिसाब से ही उसे खुराक खाने को दें.  
  • भैंस की खुराक को अचानक नहीं बदलना चाहिए. 
  • एक्सपर्ट के मुताबिक भैंस को चारा खिलाने का वक्त तय कर लें. 
  • भैंस के खाने के वक्त को बार-बार ना बदलें. 
  • खाने के दो वक्त में इतना अंतर ना रहे जिससे भैंस को भूखा रहना पड़े.  
  • भैंस की खुराक ऐसी होनी चाहिए जो उसके पेट को खराब (कब्ज‍-दस्त) ना करे. 
  • भैंस का पेट काफी बड़ा होता है इसलिए उसे भरपेट चारा खिलाना चाहिए. 
  • खुराक में ज्यादा से ज्यादा तरह के दाने और खल को शामिल करें.  
  • खुराक में ज्यादा दाने-खल होने से मिक्सचर की क्वालिटी-स्वाद दोनों में बढ़ोतरी होती है.
  • भूखे रहने पर भैंस मिट्टी, चिथड़े और दूसरी गन्दी चीजें खाना शुरू कर देती है.
  • खुराक में शामिल दाना मिक्सचर प्रोटीन और ऊर्जा के स्रोत वाला होना चाहिए.

भैंस को ऐसे खि‍लाएं चारा और दाना मिक्सचर 

सीआईआरबी के रिटायर्ड साइंटिस्ट डॉ. सज्जन सिंह का कहना है कि दाना मिक्सचर को चारे के साथ अच्छी तरह मिलाकर खिलाने से कम गुणवत्ता और कम स्वाद वाले चारे की भी खपत बढ़ जाती है. इसके चलते चारे की बरबादी नहीं होती है. क्योंकि भैंस चुन-चुन कर खाने की आदत के कारण बहुत सारा चारा खाने के दौरान बरबाद कर देती है.

जब भी खिलाएं दाना पीसकर ही खि‍लाएं

एकसपर्ट का कहना है कि भैंस को दाना मिक्सचर खि‍लाने से पहले उसे अच्छी तरह से पीस लेना चाहिए. क्योंकि अगर साबुत दाना मिक्सचर भैंस को खाने में दिया तो वो गोबर के साथ निकल जाता है. इसलिए ठीक तरह से पिसा दाना मिक्सचर ही भैंस को खि‍लाना चाहिए. क्योंकि खराब तरह से पिसा दाना मिक्सचर भैंस को पचता भी नहीं है. भैंस को खिलाने से पहले दाना मिक्सचर को भिगोने से वह और स्वादिष्ट-पाचक हो जाता है.

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