
पशु यानि गाय-भैंस जरा भी तनाव में हैं तो उसका असर उनकी खुराक पर पड़ता है. तनाव में आते ही गाय-भैंस खाना-पीना कम कर देती हैं. और फिर खुराक कम होने से उनका उत्पादन भी घट जाता है. जबकि एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो पशुओं की सेहत और ज्यादा उत्पादन के लिए हरे-सूखे चारे संग मिनरल मिक्चर देना बहुत जरूरी होता है. क्योंकि एक्सपर्ट का मानना है कि पशु की खुराक ना सिर्फ उसका पेट भरती है बल्कि उत्पादन बढ़ाने के साथ ही उसकी सेहत को भी ठीक रखती है.
लेकिन ध्यान रहे कि मौसम के मुताबिक और सुबह-दोपहर, शाम के हिसाब से पशुओं की खुराक तय होती है. पशुओं के लिए भी वक्त से संतुलित खुराक तय की गई है. तय खुराक के मुताबिक पशुओं को ना कोई चीज कम और ना कोई दूसरी चीज ज्यादा खिला सकते हैं. क्योंकि खाने की लापरवाही पशुओं को बीमार कर सकती है. पशुओं को चारे और मिनरल मिक्चर खिलाने में की गई जरा सी भी लापरवाही बहुत भारी पड़ सकती है.
सीआईआरबी के रिटायर्ड साइंटिस्ट डॉ. सज्जन सिंह का कहना है कि दाना मिक्सचर को चारे के साथ अच्छी तरह मिलाकर खिलाने से कम गुणवत्ता और कम स्वाद वाले चारे की भी खपत बढ़ जाती है. इसके चलते चारे की बरबादी नहीं होती है. क्योंकि भैंस चुन-चुन कर खाने की आदत के कारण बहुत सारा चारा खाने के दौरान बरबाद कर देती है.
एकसपर्ट का कहना है कि भैंस को दाना मिक्सचर खिलाने से पहले उसे अच्छी तरह से पीस लेना चाहिए. क्योंकि अगर साबुत दाना मिक्सचर भैंस को खाने में दिया तो वो गोबर के साथ निकल जाता है. इसलिए ठीक तरह से पिसा दाना मिक्सचर ही भैंस को खिलाना चाहिए. क्योंकि खराब तरह से पिसा दाना मिक्सचर भैंस को पचता भी नहीं है. भैंस को खिलाने से पहले दाना मिक्सचर को भिगोने से वह और स्वादिष्ट-पाचक हो जाता है.
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