
पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि मुर्गियों को सबसे ज्यादा बीमारी पेट संबंधी होती हैं. और पेट की बीमारी छोटी हो या बड़ी, लेकिन उसका सीधा असर मुर्गे-मुर्गियों के उत्पादन पर पड़ता है. अगर मुर्गी अंडा देने वाली है तो अंडों की संख्या घट जाती है, वहीं अगर मुर्गा चिकन के लिए पाला गया है तो उसकी ग्रोथ रुक जाती है और उसका वजन नहीं बढ़ता है. हालांकि पेट की बीमारियों के कई कारण होते हैं, लेकिन इसमे पीने का पानी एक खास वजह है. पोल्ट्री फार्म में मुर्गे-मुर्गियों के लिए साफ-स्वच्छ पानी बहुत जरूरी होता है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पोल्ट्री फार्म खोलने का पहला नियम ये है कि जिस जमीन पर फार्म खोलना है वहां के ग्राउंड वॉटर की जांच करा लें.
अगर पीने के पानी की क्वालिटी सही नहीं है तो फिर फार्म पर मुर्गियां आए दिन बीमार होंगी. पोल्ट्री एक्सपर्ट मु्र्गियों के पीने के साफ पानी पर बहुत जोर देते हैं. अगर फार्म पर मुर्गियां खराब पानी पी रही हैं तो फिर उन्हें आप खाने में कितना भी अच्छा फीड दे दिजिए उसका कोई असर नहीं पड़ेगा. उल्टे खराब पानी पीकर बीमार होने से फार्म की लागत बढ़ जाएगी. जिसके चलते पोल्ट्री प्रोडक्ट जैसे अंडे और चिकन को बाजार में बेचने पर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.
पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि बरसात के दिनों में और बाढ़ आने पर पानी के दूषित होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है. इतना ही नहीं अगर पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों के पीने का पानी अगर ज्यादा दिन तक टैंक में स्टोर किया जाता है तो उसमे पानी की गंदगी जमा होने लगती है और उससे भी कोलीफॉर्म जीवों की संख्या बढ़ जाती है. पानी की क्वालिटी और उसका स्वाद कैसा होगा ये पानी में मौजूद मिनरल्स और मौसम पर भी निर्भर करता है.
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