Analog Paneer: होली पर बाजार में नकली नहीं सस्ते पनीर को बेच रहे महंगा, जानें कैसे 

Analog Paneer: होली पर बाजार में नकली नहीं सस्ते पनीर को बेच रहे महंगा, जानें कैसे 

Analog Paneer होली के मौके पर बाजार में तीन तरह का पनीर बिक रहा है. इसमे से दो तरह का पनीर खाने लायक है, लेकिन नकली पनीर तो बेचना भी जुर्म है. वहीं दूसरे नंबर के सस्ते पनीर को भी बेचने के लिए गाइड लाइन है. उसी का पालन करते हुए बाजार में सस्ता पनीर बेचा जा रहा है.  

असली पनीर की पहचान कैसे करेंअसली पनीर की पहचान कैसे करें
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Mar 03, 2026,
  • Updated Mar 03, 2026, 2:44 PM IST

जरूरी नहीं कि होली के मौके पर दुकानदार आपको नकली पनीर बेचकर चूना लगा रहा हो. पनीर के नाम पर ठगने का दुकानदारों ने एक और नया तरीका निकाल लिया है. अब नकली की जगह सस्ता वाला पनीर ऊंचे दाम पर डेयरी वाला बताकर बेचा जा रहा है. जबकि ये डेयरी वाला पनीर नहीं है. पनीर के नाम पर ठगी का बाजार में ये नया तरीका निकाला गया है. हालांकि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) इसे लेकर गाइड लाइन भी जारी कर चुका है. गाइड लाइन में ये एकदम साफ किया गया है कि अगर कोई इस तरह का पनीर बेचता है तो पनीर की पैकिंग पर उसे लिखना होगा कि ये डेयरी पनीर नहीं है. 

इतना ही नहीं होटल और रेस्टारेंट को भी बताना होगा कि वो जो पनीर खि‍ला रहे हैं वो डेयरी पनीर नहीं है. बावजूद इसके पनीर के नाम पर ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है. इस सस्ते पनीर को एनालॉग के नाम से जाना जाता है. राहत की बात ये है कि खाने पर ये पनीर नुकसान नहीं करता है, लेकिन इसके दाम डेयरी पनीर के बराबर ही वसूले जाते हैं.   

ये हैं एनालॉग पनीर बेचने के नियम 

FSSAI की गाइड लाइन के मुताबिक ही अब बाजार में एनालॉग पनीर बेचा जाएगा. सबसे पहले तो ये कि अगर एनालॉग पनीर पैकिंग में बेचा जा रहा है तो उस पर लिखकर बताना होगा कि ये एनालॉग पनीर है. अगर खुला बेचा जा रहा है तो ग्राहक को बताना होगा कि ये एनालॉग पनीर है. इतना ही नहीं अगर किसी होटल-रेस्टारेंट में एनालॉग पनीर खि‍लाया जा रहा है तो वहां भी मेन्यू कार्ड पर लिखना होगा कि हम आपको एनालॉग पनीर खि‍ला रहे हैं. साथ ही सबसे बड़ी बात ये कि एनालॉग पनीर बेचने और खि‍लाने वालों को दाम भी कम लेने होंगे. डेयरी एक्सपर्ट की माने तो डेयरी पनीर के मुकाबले एक किलो एनालॉग पनीर की लागत 100 से 150 रुपये किलो तक कम आती है.

ऐसे तैयार किया जाता है एनालॉग पनीर 

डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि डेयरी पनीर बनाने के लिए सिर्फ दूध का ही इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन एनालॉग पनीर बनाने के लिए वनस्पति तेल और दूध पाउडर इस्तेमाल किया जाता है. इसके साथ ही सोया, नारियल तेल और जड़ वाली सब्जियों सहित प्लांट बेस्ड सामग्री भी मिलाई जाती है. इतना ही नहीं टैपिओका, खमीर और एसिड जैसे गाढ़े पदार्थ का भी इस्तेमाल किया जाता है. 

ऐसे करें एनालॉग पनीर की पहचान 

डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि डेयरी पनीर को बनाने के लिए सिर्फ दूध का ही इस्तेमाल होता है. इसलिए ये पनीर इतना मुलायम होता है कि मुंह में रखते ही घुल जाता है. इसमे 24 फीसद तक फैट होता है तो इसलिए ये बहुत ज्यादा मुलायम होता है. जबकि एनालॉग पनीर को खाने के लिए बहुत चबाना पड़ता है. होटल-रेस्टोरेंट में इसे ग्रेबी के साथ मुलायम करने की कोशि‍श की जाती है. वहीं नकली पनीर दो दिन बाद खराब होकर नीला दिखाई देने लगता है.

Meat Production: पश्च‍िम बंगाल नहीं, UP को द‍िया गया मीट उत्पादन में नंबर वन बनने का टॉरगेट 

PDFA: ये हैं 80 और 30 लीटर दूध देकर ट्रैक्टर जीतने वालीं गाय-भैंस, गांव में हो रहा स्वागत 

MORE NEWS

Read more!