Water for Animals: 45 डिग्री तापमान पर नहीं घटेगा एनिमल प्रोडक्ट का उत्पादन, पानी में मिलाएं ये पाउडर 

Water for Animals: 45 डिग्री तापमान पर नहीं घटेगा एनिमल प्रोडक्ट का उत्पादन, पानी में मिलाएं ये पाउडर 

Water for Animals एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि गर्मियों में पानी की कमी के चलते पशुओं को डिहाइड्रेशन का सामना भी करना पड़ता है. इसीलिए साफ और ताजा पानी पीना बहुत जरूरी है. पानी ना पीने से किस तरह की परेशानी हो सकती है, उसके लक्षण क्या हैं और परेशानी होने पर किस तरह के नुकसान उठाने पड़ सकते हैं और उससे बचाव के तरीके क्या हैं ये इस खबर में बताया गया है. 

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jun 17, 2026,
  • Updated Jun 17, 2026, 1:21 PM IST

जैसे ही गर्मियों में तापमान 30 डिग्री से ऊपर जाता है तो गाय-भैंस, भेड़-बकरी, मछली और मुर्गी पालन से जुड़े लोगों की धड़कन बढ़ जाती है. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो सभी के लिए तापमान तय है. जैसे मुर्गियों के लिए 30 डिग्री से ऊपर का तापमान खतरा बनने लगता है. ऐसे ही पशुपालन में 30-31 डिग्री से ऊपर का तापमान नुकसान पहुंचाने लगता है. सेहत पर असर पड़ने के साथ ही उत्पादन भी घट जाता है. इसी को दोहरा नुकसान कहा जाता है. एक तो बीमार होने पर इलाज का खर्च और दूसरे उत्पादन घटने का नुकसान. लेकिन इस नुकसान से बचा जा सकता है. 

जैसे पशु-पक्षि‍यों के लिए चारा और दाना बहुत जरूरी है उसी तरह से पानी का महत्व भी कम नहीं है. खासतौर से गर्मियों के दौरान तो ये बहुत ही जरूरी हो जाता है. अगर पानी पिलाने में जरा सी भी कोताही बरती गई तो 45 डिग्री वाले तापमान, लू वाली तेज गर्म हवाएं और हीट स्ट्रैस के चलते पशुओं को किसी भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. लेकिन तापमान बढ़ते ही अगर पानी में ग्लूकोज या इलेक्ट्राल पाउडर शामिल कर लिया जाए तो फिर परेशानियों से बचा जा सकता है. 

गर्मी से सबसे ज्यादा परेशान होती हैं मुर्गियां 

पोल्ट्री एक्सपर्ट डॉ. एनके महाजन का कहना है कि अगर मुर्गियां हीट स्ट्रैस में आ गईं तो समझिए की उनका पूरा अंदरुनी सिस्टम तक हिल जाता है. उनकी पाचन क्रिया तक सब कुछ प्रभावित हो जाती है. उन्हें कई तरह की और दूसरी बीमारियां लग जाती हैं. अगर लेअर बर्ड है तो अंडा देना कम कर देगी और चिकन वाली मुर्गी है तो उसका वजन बढ़ना कम हो जाएगा. इसलिए जरूरी है कि जैसे ही तापमान बढ़ने लगे तो मुर्गियों को ताजा साफ पानी पिलाएं. किसी भी हाल में पानी का तापमान 21-22 डिग्री से कम नहीं होना चाहिए. साथ ही शेड का तापमान भी 30-31 डिग्री से ऊपर नहीं होना चाहिए. शेड में तापमान मेंटेन रहेगा और पानी गर्म नहीं होगा तो मुर्गियों के हीट स्ट्रैस में आनी की आशंका उतनी ही कम हो जाएगी. 

गाय-भैंस को पानी पिलाने के टिप्स 

  • जहां तक मुमकिन हो गाय-भैंस को ताजा-ठंडा पानी ही पिलाएं.
  • पानी की कमी होने पर पशु को नमक-चीनी का घोल पिलाएं.
  • गाय-भैंस को पानी में गुड़ मिलाकर भी दिया जा सकता है.
  • पशुओं में पानी की कमी होने पर इलेक्ट्रॉल पाउडर पिलाएं. 
  • पशुओं के शरीर पर दिन में कम से कम तीन बार पानी छिड़कें. 
  • पशु के सामने हमेशा नमक की ढेली रखें, इसे चाटने से प्यास लगती है. 
  • गर्मियों में पशुओं को सुबह-शाम नहलाना बहुत जरूरी है. 
  • जहां पशु बांधे जाते हैं वहां भी पानी का छिड़काव करें. 

ये भी पढ़ें: 

Milk Production: गाय-भैंस के बच्चा देने के बाद इन 5 कारणों से कम हो सकता है दूध उत्पादन
EL-Nino: डेयरी-पशुपालन पर बढ़ा अल नीनो का खतरा, कम हो सकता है दूध उत्पादन!

MORE NEWS

Read more!