Green Fodder: पशु चारे को बजट में मिल  सकती है बड़ी राहत!, इसलिए लगी हैं सबकी निगाहें

Green Fodder: पशु चारे को बजट में मिल  सकती है बड़ी राहत!, इसलिए लगी हैं सबकी निगाहें

Green Fodder आज देश में लगातार हरे और सूखे चारे की कमी बढ़ती जा रही है. इसकी वजह से डेयरी पर आने वाली लागत बढ़ रही है. इसी के चलते डेयरी एक्सपर्ट बजट-2026 में केन्द्र सरकार से डेयरी को प्रोत्साहन देने के लिए चारे पर मदद मांग रहे हैं. गौरतलब रहे इस वक्त देश में हरे चारे की कमी डिमांड की 25 फीसद से भी ज्यादा है. 

पशुओं को खिलाएं ये हरा चारापशुओं को खिलाएं ये हरा चारा
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Feb 01, 2026,
  • Updated Feb 01, 2026, 9:55 AM IST

चारा पौष्टि‍क होगा तो दूध उत्पादन बढ़ेगा. दूध की क्वालिटी बढ़ेगी. दूध में फैट और एसएनएफ की मात्रा बढ़ेगी. इतना ही नहीं हर मौसम में पशुओं को उनकी जरूरत के मुताबिक चारा मिलेगा तो दूध की लागत भी कम होगी. लेकिन सभी तरह के चारे की कमी और बढ़ती कीमतों ने पशुपालन और डेयरी सेक्टर में हलचल मचा दी है. साइलेज और हे को लेकर अभी जागरुकता की कमी महसूस की जा रही है. छोटे पशुपालक जिनकी संख्या ज्यादा है उनकी सबसे ज्यादा लागत चारे में जा रही है. लागत बढ़ने से उनका मुनाफा कम हो गया है. 

डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि अब तो जब तक केन्द्र सरकार कोई राहत नहीं देगी तो डेयरी की रफ्तार नहीं बढ़ेगी. यही वजह है कि पशुपालन और डेयरी सेक्टर की निगाहें बजट 2026 पर लगी हुई हैं. ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि चारा उत्पादन के लिए बीज और चारे से साइलेज बनाने के लिए सरकार बजट में राहत दे सकती है.  

डेयरी में चारे की कमी दूर करने के टिप्स  

  • रेडी-टू-ईट टोटल मिक्चर प्लान में निवेश करें.
  • चारा बीज प्रोसेसिंग और स्टो‍रेज के लिए सुविधाओं को बढ़ाया जाए. 
  • दूध उत्पादन दक्षता में सुधार के लिए सटीक फीडिंग विधियों पर काम हो. 
  • ज्यादा पोषण मूल्य वाली चारा फसलों के विकास और मीथेन उत्सर्जन को कम करने की जरूरत है.
  • ज्यादा चारा करने वाले क्षेत्रों से कम चारे वाले क्षेत्रों में चारे के लिए ट्रांसपोर्ट पॉलिसी बनाई जाए. 
  • फसल के अवशेष के ब्लॉक, गांठ, टीएमआर और छर्रों आदि के ट्रांसपोर्ट के लिए प्रोत्साहन दें.
  • क्वाउलिटी के फीड उत्पादन सुनिश्चित करने और दूषित पदार्थों को कंट्रोल करने के लिए नियम बनें.  
  • चारा प्लस एफपीओ का लाभ उठाया जाए और एक मॉडल की तरह पेश कर दूसरों को प्रोत्साहित करें.  
  • डेटाबेस मैनेजमेंट और सूचना एक्सचेंज करने के लिए राष्ट्रीय या क्षेत्रीय चारा ऑनलाइन प्लेटफार्म बने. 

ऐसे तैयार होगा सस्ता चारा 

फिरोज अहमद, चारा एक्सपर्ट और डॉयरेक्टर, कॉर्नेक्स्ट एग्री प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का कहना है कि इस वक्त सबसे बड़ा मुद्दा ये है कि डेयरी लागत को कैसे कम किया जाए. इसके लिए एक सबसे बड़ा काम ये किया जा सकता है कि डेयरी पशुओं की खुराक में पोषण को अहमियत दी जानी चाहिए. चारे की उत्पादकता बढ़ाई जाए. विपरीत हालात में भी पशुओं के लिए चारे की कमी ना हो और सप्लाई लगातार बनी रहे इसके लिए क्षेत्रीय चारा बैंक और स्टोरेज गोदाम बनाने पर काम करने की जरूरत है.

सप्लाई में सुधार को बने योजना 

चारा एक्सपर्ट के मुताबिक चारा उत्पादक किसान क्वालिटी का चारा उत्पादन कर सकें इसके लिए के चारा और चारा बीजों की सप्लाई में सुधार के लिए राज्यस्तर पर योजनाएं बनानी होंगी. बरसीम जैसे फलीदार बीजों की घरेलू स्तर पर उपलब्धता बढ़ानी होगी. इतना ही नहीं नॉन फारेस्ट बंजर जमीन, चरागाह और सामुदायिक जमीन का इस्तेमाल पशुओं के हरे चारे की खेती करने को बढ़ावा देना होगा.

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