उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी के चलते लोगों का हाल-बेहाल है (File Photo-ITG)उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी का दौर जारी है. इसी बीच मौसम विभाग ने 25 जून यानी गुरुवार को 9 जिलों में लू को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती जिला शामिल है. आईएमडी के अनुसार, गाजियाबाद और नोएडा समेत पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कई इलाकों में गुरुवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. इसके साथ ही कई इलाकों में हल्की बारिश होने का भी अनुमान है. जबकि लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों में हीटवेव की चेतावनी जारी की है.
वहीं वाराणसी और उसके आसपास के इलाकों में आज मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है. प्रदेश में बुधवार को बांदा में सबसे ज्यादा गर्म वाला जिला रहा, जहां का तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया.
अमौसी मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अगले दो-तीन दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के उत्तर प्रदेश में एंट्री के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. उन्होंने बताया कि 27 जून को यूपी में मॉनसून की एंट्री हो सकती है. इसके साथ ही 28 जून से यूपी के कई हिस्सों में मॉनसूनी बारिश होने की संभावना है. इस दौरान प्रदेश के पूर्वी, तराई व कुछ अन्य इलाकों में तेज हवाएं चलने और मामूली बारिश होने की भी संभावना है.
उन्होंने बताया कि 25 से 27 जून तक सूबे के अलग-अलग हिस्सों में गर्मी और लू का असर रहेगा. वहीं, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, मऊ और वाराणसी समेत अन्य इलाकों में आज हल्की बारिश होने का अनुमान है. मौसम वैज्ञानिक ने आगे बताया कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के पूर्वी, तराई और अन्य इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश का अनुमान है.
वहीं बीते बुधवार को सूबे के कई जिलों में लोग तपिश भरी गर्मी से परेशान रहे. 44.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ बांदा जिला प्रदेश का सबसे अधिक गर्म जिला रहा. वहीं प्रयागराज में अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस, वाराणसी, लखीमपुर और झांसी में 42 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया.
ये भी पढ़ें-
अल नीनो अपडेट्स: मध्य और पश्चिम भारत में सूखे के आसार, मॉनसून पर मंडराया खतरा
महंगे इनपुट्स और अल नीनो का असर, सोयाबीन की खेती से दूर हो रहे किसान
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today