देशभर में बारिश का कहरदेश में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के साप्ताहिक पूर्वानुमान के अनुसार 6 से 12 अगस्त 2026 के दौरान कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मॉनसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है और पूरे सप्ताह इसी क्षेत्र में सक्रिय रहने की उम्मीद है.
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवाती सर्कुलेशन बना हुआ है, जो आगे बढ़कर कम दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है. वहीं दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में भी कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इसके असर से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी.
पूर्वी भारत में बनने वाला कम दबाव का क्षेत्र गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा, झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ से गुजरते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है. इसके कारण अगले दो से तीन दिनों में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में बारिश का जोर बढ़ने की संभावना जताई गई है.
मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में सप्ताह भर अच्छी से बहुत अच्छी बारिश हो सकती है. कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है. मध्य भारत में अगले दो दिनों तक और पश्चिमी भारत में अगले दो से तीन दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है.
पूर्वोत्तर भारत में सप्ताह के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश होने की संभावना है, जबकि देश के कई हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान भी आ सकते हैं. सप्ताह के अंत में महाराष्ट्र से लेकर उत्तरी केरल तट तक ऑफ-शोर ट्रफ बनने की संभावना है, जिससे पश्चिमी तट के राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
भारी बारिश की आशंका को देखते हुए किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है. ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, असम, मेघालय, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु सहित कई राज्यों में धान, मक्का, दलहन, तिलहन, सब्जियों और फलों के बागानों से अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह दी गई है.
केला, पपीता, गन्ना, टमाटर और बेल वाली फसलों को सहारा देने और खाद और कीटनाशक के प्रयोग को फिलहाल टालने की भी सलाह दी गई है. जिन क्षेत्रों में खेतों की स्थिति ठीक है, वहां तैयार सब्जियों और अन्य फसलों की कटाई कर सुरक्षित भंडारण करने को कहा गया है.
मौसम विभाग का कहना है कि पूरे देश में सप्ताह के पहले हिस्से में बारिश सामान्य के आसपास रहने की संभावना है, जबकि दूसरे हिस्से में यह सामान्य से कुछ कम रह सकती है. हालांकि कई राज्यों में स्थानीय स्तर पर भारी बारिश की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं, इसलिए लोगों और किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है.
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