उत्तर प्रदेश में अब बारिश की रफ़्तार कम हो गई है. कुछ जगहों पर बारिश तो हो रही हैं लेकिन, हल्की बौछारें ही देखने को मिल रही है, जिसकी वजह से उमस भरी गर्मी भी हो रही है. लखनऊ के अमौसी स्थित मौसम केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, 30 अगस्त से बारिश का ग्राफ बढ़ सकता है, जिसके बाद भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलना शुरू हो जाएगी. इसी क्रम में वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 29 अगस्त यानी शुक्रवार को प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्से में कहीं-कहीं पर बारिश व गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. इस दौरान प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना नहीं है.
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को सहारनपुर, शामली, बिजनौर, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, अमरोहा और मुरादाबाद में हल्की-फुल्की बारिश होने की संभावना है. इसी तरह पीलीभीत, बरेली, रामपुर, संभल, अलीगढ़, हापुड़, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर में भी हल्की बारिश होने के आसार जताए गए हैं. हालांकि आज भारी बारिश होगी फिलहाल ऐसी कोई चेतावानी नहीं जारी की गई है.
राजधानी लखनऊ में आसमान में थोड़े बादल नजर आ सकते हैं. हालांकि धूप छांव के बीच यहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है. वहीं अगले 24 घंटे बाद यहां अधिकतम तापमान में गिरावट देखी जाएगी. लखनऊ के अलावा रायबरेली, अमेठी, कानपुर, बाराबंकी, उन्नाव, सीतापुर, अयोध्या, गोंडा, बस्ती, प्रतापगढ़ में भी धूप खिली रहेगी.
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 30 अगस्त को पश्चिमी यूपी में कुछ स्थानों पर और पूर्वी यूपी में कहीं-कहीं पर बारिश व गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार जताए गए हैं. वहीं शनिवार से बारिश में तेजी आ सकती है. जिसके बाद प्रदेश में झमाझम बारिश होने की संभावना जताई गई है. फिलहाल प्रदेश में गर्मी पड़ रही है.आईएमडी के रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को बुलंदशहर में 31 मिमी, फतेहगढ़ में 8 मिमी, बस्ती में 6.4 मिमी और बरेली में 0.8 मिमी तक बारिश रिकॉर्ड की गई है.
प्रदेश के उरई जिले में सबसे ज्यादा 37.2℃ अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है, जबकि कानपुर ग्रामीण में 36.2℃ अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया है. अयोध्या में 35℃, फुरसतगंज में 34.7℃, गाजीपुर में 34.5℃ अधिकतम तापमान रहा है.
राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि इस वर्ष उत्तर प्रदेश में मानसून के दौरान बरसात और नदियों के प्रकोप ने प्रदेश के 43 जिलों को प्रभावित किया. जहां बलिया, बहराइच, बदायूं, चंदौली, फर्रुखाबाद, गोंडा, गाजीपुर, हरदोई, कानपुर नगर, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मेरठ, मीरजापुर, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, शाहजहांपुर, उन्नाव, वाराणसी, मऊ, औरैया, अमरोहा, बस्ती, बांदा, बाराबंकी, कन्नौज, हापुड़, बिजनौर, संभल, संत कबीर नगर, गौतमबुद्ध नगर, गोरखपुर, मुरादाबाद, कानपुर देहात, फतेहपुर, अयोध्या, जालौन, आगरा, इटावा, चित्रकूट, हमीरपुर, भदोही, मथुरा और श्रावस्ती समेत 43 जिले बाढ़ में शामिल रहे.
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