महाराष्ट्र में मॉनसून की जोरदार एंट्री (AI- तस्वीर)महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में आखिरकार मॉनसून ने रफ्तार पकड़ ली है. अमरावती और अकोला जिलों में हुई जोरदार बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दी है. वहीं, कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात ने मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं. लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर जहां खुशी लौटी है, वहीं जलगांव जिले के रावेर और मुक्ताईनगर क्षेत्रों में भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है.
अमरावती जिले में मॉनसून की पहली तेज बारिश ने लोगों को बड़ी राहत दी है. करीब तीन से चार घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया है. भीषण गर्मी से परेशान नागरिकों को राहत मिली, वहीं खरीफ फसलों की बुवाई का इंतजार कर रहे किसानों को भी उम्मीद की नई किरण दिखाई दी है. हालांकि, तेज बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है. अमरावती के जिला सामान्य (इरविन) अस्पताल परिसर में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा. वहीं, मौसम वैज्ञानिक अनिल बने के अनुसार, विदर्भ में मॉनसून 23 जून की शाम पहुंच चुका था. उन्होंने बताया कि बीदर और मध्य प्रदेश की ओर से सक्रिय मॉनसूनी सिस्टम के कारण बारिश हो रही है और आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है.
अकोला जिले में मॉनसून की पहली जोरदार बारिश ने पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है. पिछले 24 घंटों में हुई तेज बारिश के चलते नदी और नाले उफान पर आ गए हैं. अकोट और मूर्तिजापुर तहसील के कई गांवों और निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है. कई घरों में बारिश का पानी घुस गया है, जिससे अनाज, फर्नीचर और अन्य जरूरी सामान खराब हो गए हैं. वहीं, सतपुड़ा पर्वत क्षेत्र में हुई बारिश के कारण सूखी पड़ी नदियां और नाले अब तेज बहाव के साथ बहने लगे हैं. इससे जहां जलसंकट दूर होने की उम्मीद जगी है, वहीं नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए खतरा भी बढ़ गया है. साथ ही, बारिश से खेतों में नमी लौट आई है और किसान खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी में जुट गए हैं. लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है. हालांकि, प्रशासन ने लोगों को उफनते नालों और नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दी है.
जलगांव जिले के रावेर और मुक्ताईनगर क्षेत्रों में भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है. सतपुड़ा पहाड़ियों में हुई तेज बारिश के कारण कई नदी-नाले उफान पर आ गए और निचले इलाकों में पानी भर गया है. रावेर क्षेत्र में नागजरी नाला, पातालगंगा, बेदानी और भोकर नदी में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई. कई इलाकों में घरों में पानी घुस गया, जबकि कुछ जगहों पर मकानों को भी नुकसान पहुंचा है. रावेर, उटखेड़ा और अहिरवाड़ी क्षेत्रों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है. भारी बारिश का असर खेती पर भी पड़ा है. खेतों में पानी भरने से फसलों और उपजाऊ जमीन को नुकसान पहुंचा है. हालांकि, बारिश से जलस्रोतों में सुधार हुआ है और किसानों को आने वाले सीजन के लिए उम्मीद भी जगी है. (मनीष शांताराम जोग की रिपोर्ट)
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