24 से 48 घंटों के बाद यूपी में एक बार फिर से बारिश का दौर शुरु होने वाला है. पूरे उत्तर प्रदेश में मानसून के सक्रिय बने रहने और कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ केंद्र के अनुसार 11 और 12 अगस्त तो नहीं मगर 13 अगस्त से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत बारिश होने वाली है. बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रहे नए मौसमी तंत्र की वजह से फिर से भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है. जानकारी के मुताबिक, सबसे अधिक 5 सेंटीमीटर बारिश इटावा के ताखा में दर्ज की गई. जबकि महोबा और कन्नौज में 2-2 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है. राजधानी लखनऊ और आसपास के इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और शाम या रात में हल्की बारिश तथा गरज-चमक की संभावना है. वहीं, अधिकतम तापमान 33°C और न्यूनतम तापमान 28°C के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है.
लखनऊ के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बुंदेलखंड, रोहिलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का जो दौर चल रहा था, उसमें 11 अगस्त से थोड़ा कम होगा.
वहीं, लखनऊ, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और आसपास के क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है.
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि आने वाले दो दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, अयोध्या, आजमगढ़, देवरिया और पूर्वांचल के जिलों में ‘कहीं-कहीं’ पर ही हल्की छिटपुट बारिश या गरज-चमक की गतिविधियां दर्ज हो सकती हैं. उन्होंने बताया कि पूर्वी और पश्चिमी दोनों ही संभागों में कल किसी भी जिले में भारी या अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट नहीं है. हालांकि, बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी व उमस से हल्की राहत मिलेगी.
मौसम केंद्र लखनऊ की वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उसके पड़ोसी तटीय इलाकों के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है जो समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई तक फैला है. इसके प्रभाव से 12 अगस्त 2026 के आसपास बंगाल की खाड़ी के इसी क्षेत्र में एक नया ‘कम दबाव का क्षेत्र’ (Low Pressure Area) बनने की प्रबल संभावना है.
उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के असर से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अचानक मानसूनी हवाएं सक्रिय होंगी और ‘कहीं-कहीं भारी बारिश’ की चेतावनी लागू हो जाएगी. सिंह ने किसानों को खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने की सलाह दी है. गरज-चमक के दौरान खुले खेतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है.
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