बारिश के Green, Yellow, Orange और Red Alert के क्‍या हैं मायने? जान लें वरना होगा भारी नुकसान!

बारिश के Green, Yellow, Orange और Red Alert के क्‍या हैं मायने? जान लें वरना होगा भारी नुकसान!

मॉनसून में मौसम विभाग की ओर से जारी ग्रीन, येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट सिर्फ रंग नहीं, बल्कि खतरे की अलग-अलग चेतावनी होते हैं. हर अलर्ट बारिश की तीव्रता और संभावित नुकसान का संकेत देता है. अगर इनका मतलब पहले से समझ लिया जाए तो किसान से लेकर आम लोग समय रहते जरूरी तैयारी कर सकते हैं और बड़े नुकसान से बच सकते हैं.

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बारिश के Green, Yellow, Orange और Red Alert के क्‍या हैं मायने? जान लें वरना होगा भारी नुकसान!बारिश के अलग-अलग अलर्ट्स का मतलब (AI Image)

मॉनसून की शुरुआत के साथ ही मौसम विभाग द्वारा आए दिन बारिश को लेकर कभी येलो, कभी ग्रीन, कभी रेड तो कभी ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी यह जानने की कोश‍िश की है कि इन अलर्ट का क्या मतलब होता है और मौसम विभाग की ओर से जारी किए जाने वाले इन अलर्ट में कितने मिलीमीटर (मि.मी.) तक बारिश होती है और उस दौरान कैसी स्थिति रहती है. इन तमाम विषयों को लेकर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के कार्यकारी निदेशक डॉ. आशुतोष उपाध्याय जानकारी देते हुए कहते हैं कि मौसम विभाग की ओर से जारी विभिन्न अलर्ट के अपने अलग-अलग मायने होते हैं.

ग्रीन अलर्ट सामान्य बारिश का संकेत

कार्यकारी निदेशक डॉ. आशुतोष उपाध्याय बताते हैं कि मौसम विभाग की ओर से बारिश को लेकर अगर ग्रीन अलर्ट जारी किया जाता है तो इस दौरान मौसम सामान्य रहता है. बारिश काफी धीमी-धीमी होती है. इस दौरान बारिश की वजह से बहुत ज्यादा नुकसान की संभावना नहीं रहती है. वहीं, कृषि पर किसी तरह का विशेष असर देखने को नहीं मिलता है. ग्रीन अलर्ट में सामान्य स्थिति में 24 घंटे के दौरान बरसात 64.4 मि.मी. से कम रहने का अनुमान रहता है.

येलो अलर्ट में बारिश को लेकर सचेत रहने की जरूरत

आईसीएआर के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के कार्यकारी निदेशक कहते हैं कि बारिश को लेकर ग्रीन अलर्ट के दौरान किसानों को बहुत ज्यादा सचेत रहने की जरूरत नहीं होती है. वहीं, अगर मौसम विभाग की ओर से येलो अलर्ट जारी किया जाता है तो इस दौरान किसानों से लेकर आम आदमी को सजग रहने की जरूरत होती है. इस अलर्ट में 24 घंटों में बरसात 64.5-115.5 मिलीमीटर तक हो सकती है. इस दौरान बारिश होने की संभावना रहती है. खेती में बहुत ज्यादा नुकसान की संभावना नहीं रहती है.

भारी बारिश और तबाही का संकेत है ऑरेंज और रेड अलर्ट

कार्यकारी निदेशक डॉ. आशुतोष उपाध्याय के अनुसार, मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया जाता है तो इस दौरान 24 घंटे के अंदर भारी बारिश होने की संभावना रहती है, जिसमें बरसात 115.6–204.4 मिली मीटर के बीच हो सकती है. आगे उन्होंने बताया कि इस दौरान सभी को अधिक समय घर पर ही गुजारना चाहिए. अगर बहुत जरूरी काम हो, तभी घर से बाहर जाना चाहिए.

वहीं, जब मौसम विभाग की ओर से रेड अलर्ट जारी किया जाता है तो 24 घंटों के दौरान भारी तबाही की आशंका बनी रहती है. इस दौरान बरसात 204.5 मि.मी. से अधिक होने का पूर्वानुमान रहता है. रेड अलर्ट में बिजली गिरने की भी संभावना अधिक रहती है.

मौसम विभाग की ओर से जिन इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया जाता है, उन इलाकों के लोगों को 24 घंटे के दौरान काफी सतर्क रहने की जरूरत होती है, क्योंकि इस दौरान प्रकृति का उग्र प्रकोप देखने को मिल सकता है. हो सके तो इस समयावधि के दौरान यात्रा करने से बचना चाहिए. 

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