कैसा रहेगा आज का मौसमदेश के कई हिस्सों में मॉनसून सक्रिय बना हुआ है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 जुलाई के लिए उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जबकि मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक अपेक्षाकृत कम बारिश देखने को मिल सकती है. मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश पर बना निम्न दबाव क्षेत्र धीरे-धीरे कमजोर होगा, लेकिन इसके प्रभाव से उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी.
देशभर के मौसम की बात करें तो 11 जुलाई को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है. पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है.
पूर्वोत्तर राज्यों में भी मॉनसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा और असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम तथा त्रिपुरा में कई स्थानों पर अच्छी वर्षा होने के आसार हैं. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के कुछ हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा.
वहीं, गुजरात, कोंकण-गोवा और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. दूसरी ओर दक्षिण भारत के अधिकांश राज्यों में बारिश की तीव्रता अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है, हालांकि तटीय कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग ने बुलेटिन में कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 11 जुलाई को दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने यहां हल्की बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई है. अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है.
वहीं, पश्चिमी दिशा से 20 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. इसके बाद 12 और 13 जुलाई को भी आसमान में बादल बने रहेंगे. तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन उमस बनी रहेगी और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना भी रहेगी.
मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव, विजिबिलिटी कम होने, यातायात प्रभावित होने और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका जताई है. ऐसे क्षेत्रों में लोगों को गैर जरूरी यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की सलाह दी गई है.
किसानों के लिए भी मौसम विभाग ने विशेष सलाह जारी की है. जिन क्षेत्रों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है वहां खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करें ताकि धान की नर्सरी, मक्का, कपास, सब्जियों और अन्य खरीफ फसलों में जलभराव न हो.
तेज हवा और बारिश की आशंका वाले इलाकों में सब्जियों और बागवानी फसलों को सहारा दें और कटाई के बाद तैयार उपज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित स्थान पर रखें.
पशुपालकों को बारिश के दौरान मवेशियों को खुले में न छोड़ने, चारे को सूखी जगह पर रखने और मछली पालकों को तालाबों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today