लखनऊ में देखा गया पीएम के कार्यक्रम का लाइव प्रसारणप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को असम के गुवाहाटी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी की. डीबीटी के माध्यम से देशभर के किसानों के बैंक खातों में यह राशि सीधे ट्रांसफर की गई. इस किस्त के तहत उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से अधिक किसानों को बड़ा लाभ मिला है और उनके खातों में कुल 4335.11 करोड़ रुपये भेजे गए हैं. राजधानी लखनऊ स्थित कृषि भवन में इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया.
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सैकड़ों किसानों के साथ कार्यक्रम देखा और उत्तर प्रदेश के किसानों की ओर से प्रधानमंत्री का आभार जताया. इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ने प्रदेश के किसानों को निरंतर आर्थिक सहारा देने का काम किया है.
कृषि मंत्री ने बताया कि योजना के तहत अब तक उत्तर प्रदेश के किसानों को बड़ी मात्रा में वित्तीय सहायता मिल चुकी है. 21वीं किस्त तक किसानों को कुल 94,668.58 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके थे. 22वीं किस्त जारी होने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 99,003.69 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो किसानों के लिए बड़ी राहत और सहयोग का संकेत है.
उन्होंने वर्षवार आंकड़ों का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2018-19 में योजना के तहत प्रदेश के किसानों को 2,238.92 करोड़ रुपये मिले थे. इसके बाद सहायता राशि लगातार बढ़ती रही और वर्ष 2024-25 में किसानों को 15,594.74 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त हुई. वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक जारी तीनों किस्तों को मिलाकर 13,692.70 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में भेजे जा चुके हैं.
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर काम कर रही है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे उन्हें खेती की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है.
उन्होंने कहा कि बीज, उर्वरक, बाजार व्यवस्था और फसल बीमा जैसी योजनाओं के साथ सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है. तकनीक आधारित डीबीटी व्यवस्था के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है और योजनाओं का लाभ सीधे किसानों के बैंक खातों तक पहुंच रहा है. इस अवसर पर कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. कार्यक्रम में प्रमुख सचिव कृषि रवींद्र, कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी समेत विभाग के अन्य अधिकारी और 200 से अधिक किसान उपस्थित रहे.
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