UP: मुजफ्फरनगर की गंगा किसान सहकारी चीनी मिल होगी हाईटेक, योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला

UP: मुजफ्फरनगर की गंगा किसान सहकारी चीनी मिल होगी हाईटेक, योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला

Yogi Cabinet Meeting: मोरना स्थित किसान सहकारी चीनी मिल के विस्तारीकरण का कार्य शीघ्र प्रारम्भ होगा. पिछले कई सालों से किसान विस्तारीकरण की मांग कर रहे थे. मिल के विस्तारीकरण के बाद किसानों को पेराई के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. इससे पहले मोरना चीनी मिल की वर्तमान क्षमता 2,500 टन प्रतिदिन (टीसीडी) है जो क्षेत्र में गन्ने के बढ़ते उत्पादन को देखते हुए नाकाफी है. 

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UP: मुजफ्फरनगर की गंगा किसान सहकारी चीनी मिल होगी हाईटेक, योगी कैबिनेट का बड़ा फैसलाउत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Photo-UP CM Social media)

उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों को बड़ी राहत दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुजफ्फरनगर के मोरना में गंगा किसान सहकारी चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने और नई तकनीक से मिल का आधुनिकीकरण करने का बड़ा फैसला लिया गया है. कैबिनेट ने मंजूरी दी है कि मिल की वर्तमान क्षमता 2,500 (टीसीडी) से बढ़ाकर पहले 3,500 (टीसीडी) और बाद में 5,000 (टीसीडी) तक की जाएगी. वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रेसवार्ता में कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बैठक में कुल 32 प्रस्ताव आए, जिनमें 30 को कैबिनेट की स्वीकृति मिली. 

नई आधुनिक मशीन से बढ़ेगा उत्पादन

दरअसल, जर्जर प्लांट व पुरानी तकनीक की वजह से किसानों को बहुत लाभ नहीं हो रहा था, लेकिन नई आधुनिक मशीनरी वाली मिल में न सिर्फ उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि इसके संचालन में दक्षता भी आएगी. सबसे बड़ा लाभ सीधे गन्ना उगाने वाले किसानों को मिलेगा. वहीं नई तकनीक के कारण पेराई क्षमता बढ़ने से गन्ना किसानों की आय भी दोगुनी किए जाने और समय से गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित किए जाने में सहायता मिलेगी.

किसानों की बढ़ेगी आय

इस पहल से किसानों की आय बढ़ेगी और वे आर्थिक रूप से मजबूत होंगे. यह कदम गन्ना किसानों को उनका हक दिलाने और सहकारी मिल के जरिए कृषि को मजबूत करने की दिशा में अहम है. नई आधुनिक मिल की स्थापना से क्षेत्र के किसानों का भरोसा बढ़ेगा और उत्पादन के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.

किसान कर रहे थे विस्तारीकरण की मांग

बता दें कि मोरना स्थित किसान सहकारी चीनी मिल के विस्तारीकरण का कार्य शीघ्र प्रारम्भ होगा. पिछले कई सालों से किसान विस्तारीकरण की मांग कर रहे थे. मिल के विस्तारीकरण के बाद किसानों को पेराई के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. इससे पहले मोरना चीनी मिल की वर्तमान क्षमता 2,500 टन प्रतिदिन (टीसीडी) है जो क्षेत्र में गन्ने के बढ़ते उत्पादन को देखते हुए नाकाफी है. 

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