बेमौसम बारिश का कहर: रबी फसलों को पहुंचा नुकसान, CM मोहन यादव ने दिए सर्वे के निर्देश

बेमौसम बारिश का कहर: रबी फसलों को पहुंचा नुकसान, CM मोहन यादव ने दिए सर्वे के निर्देश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि उन्होंने प्रशासन को राज्य भर में बेमौसम बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है. और किसानों को सरकार की ओर से पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया है.

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बेमौसम बारिश का कहर: रबी फसलों को पहुंचा नुकसान, CM मोहन यादव ने दिए सर्वे के निर्देशरबी फसलों को पहुंचा नुकसान

मध्य प्रदेश के फसल नुकसान वाले किसानों के लिए एक खुशखबरी है. दरअसल, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को कहा कि उन्होंने प्रशासन को राज्य भर में बेमौसम बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है. और किसानों को सरकार की ओर से पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा कि हमें राज्य में बेमौसम बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान की सूचना मिली है. मैंने प्रशासन को नुकसान का आकलन करने के लिए सतर्क कर दिया है. साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है.  

बारिश से फसलों को भारी नुकसान

बता दें कि इस हफ्ते राज्य में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला और कई इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि हुई. बुधवार सुबह देवास क्षेत्र में तेज हवाएं चलीं और ओलावृष्टि हुई, जिससे राज्य के कई हिस्सों में भीषण बारिश हुई. ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने इलाके में फसलों को नष्ट कर दिया. एक स्थानीय निवासी ने बताया कि यहां बहुत ओलावृष्टि  हुई है, जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है.

रबी की कई फसलें हुईं नष्ट

ओलावृष्टि के कारण स्थानीय लोगों की फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें आलू और लहसुन की फसलें भी शामिल हैं. वहीं, देवास के एक स्थानीय किसान रतन सिंह ने बताया कि कई फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिसमें आलू, लहसुन, प्याज, गेहूं, यहां तक ​​कि चना भी को भी नुकसान पहुंचा है. ओलावृष्टि के साथ-साथ सुबह करीब आधे घंटे तक बारिश हुई. उन्होंने आगे कहा कि अब यह सरकार पर निर्भर है कि वो कब मुआवजा देती है.

गेहूं के लिए अमृत समान है ये बारिश

किसानों ने कहा कि इस समय गेहूं की फसल बढ़वार की अवस्था में है और हल्की से मध्यम बारिश फसल के लिए अमृत समान होती है. इससे खेतों में नमी बनी रहेगी, जड़ों को मजबूती मिलेगी और दानों का विकास बेहतर होगा. साथ ही सिंचाई पर होने वाला खर्च भी बचेगा. किसानों ने बताया कि अब कुछ दिनों तक डीजल और बिजली से सिंचाई कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे लागत कम होगी. किसानों का कहना है कि अगर बारिश सीमित मात्रा में रहती है तो यह गेहूं की पैदावार बढ़ाने में सहायक होगी, लेकिन लगातार या अत्यधिक बारिश होती है तो फसल में रोग लगने और उत्पादन प्रभावित होने की संभावना भी बनी रहेगी. (ANI)

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