
छत्तीसगढ़ में किसानों की फसलों की वास्तविक और अद्यतन जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज करने के उद्देश्य से बलरामपुर जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम तेजी से जारी है. इस सर्वे के जरिए खेत में मौके पर जाकर बोई गई फसल का सत्यापन किया जा रहा है और उसकी जानकारी डिजिटल एप में दर्ज की जा रही है. प्रशासन का मानना है कि फसलवार सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से कृषि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के साथ आगामी धान खरीदी व्यवस्था को भी अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी.
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में राजस्व अधिकारियों और सर्वे टीमों को खेतों तक पहुंचकर फसलों का प्रत्यक्ष सत्यापन करने की जिम्मेदारी दी गई है. टीम द्वारा खेत में मौजूद फसल का मौके पर निरीक्षण किया जाता है.इसके बाद संबंधित खेत में कौन-सी फसल बोई गई है, इसकी फसलवार जानकारी डिजिटल एप के माध्यम से रिकॉर्ड की जा रही है.
डिजिटल क्रॉप सर्वे की खास बात यह है कि इसमें फसल की जानकारी केवल कागजी रिकॉर्ड या अनुमान के आधार पर दर्ज नहीं की जा रही, बल्कि सर्वे टीम खेत में पहुंचकर वास्तविक स्थिति का अवलोकन कर रही है.
टीम द्वारा खेत में खड़ी फसल की पहचान और सत्यापन के बाद उसकी जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज की जा रही है. इससे किसी खेत में वास्तव में कौन-सी फसल बोई गई है, इसका रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा.
कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व अधिकारी भी फील्ड में पहुंचकर सर्वे की प्रगति का निरीक्षण कर रहे हैं. जरूरत पड़ने पर मौके पर ही फसल की स्थिति का सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी अधिक सटीक हो.
डिजिटल क्रॉप सर्वे पूरा होने के बाद जिले में अलग-अलग फसलों से संबंधित अधिक सटीक और नए आंकड़े उपलब्ध होंगे.इससे कृषि क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को समझने में प्रशासन को मदद मिलेगी.
फसलवार डिजिटल डेटा उपलब्ध होने से भविष्य में किसानों के लिए बनाई जाने वाली कृषि योजनाओं और नीतियों को जमीनी जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में सुविधा हो सकती है.साथ ही कृषि से जुड़े आंकड़ों को अपडेट रखने और योजनाओं के क्रियान्वयन की बेहतर निगरानी में भी यह रिकॉर्ड उपयोगी साबित होगा.
डिजिटल क्रॉप सर्वे का एक महत्वपूर्ण फायदा आगामी धान खरीदी व्यवस्था में देखने को मिल सकता है.खेत में वास्तव में कौन-सी फसल बोई गई है, इसकी डिजिटल और जानकारी उपलब्ध होने से धान खरीदी से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी.
फसल की वास्तविक स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड होने से खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और किसानों से संबंधित प्रक्रियाओं को सुगम बनाने में मदद मिल सकती है. यही वजह है कि डिजिटल क्रॉप सर्वे को कृषि व्यवस्था के साथ-साथ धान खरीदी की तैयारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
जिला प्रशासन ने किसानों से डिजिटल क्रॉप सर्वे टीम को सहयोग करने की अपील की है. सर्वे टीम जब खेत पर पहुंचे तो किसान अपने खेत में बोई गई वास्तविक फसल की सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि डिजिटल रिकॉर्ड में सही विवरण दर्ज किया जा सके.
किसानों के सहयोग से खेत और फसल से जुड़ा डिजिटल रिकॉर्ड अधिक सटीक एवं नया बनाया जा सकेगा.भविष्य में इसी तरह के डिजिटल रिकॉर्ड का उपयोग कृषि योजनाओं, फसल आधारित नीतियों और खरीदी व्यवस्था को बेहतर बनाने में किया जा सकता है.
डिजिटल क्रॉप सर्वे केवल फसल की जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि कृषि व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सटीक और डेटा आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.खेत में मौजूद फसल का मौके पर सत्यापन और उसका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से प्रशासन के पास जिले की वास्तविक फसल स्थिति की बेहतर तस्वीर उपलब्ध होगी.
बलरामपुर में चल रहा यह सर्वे पूरा होने के बाद किसानों की फसलों से संबंधित जानकारी एक व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में उपलब्ध होगी. इससे कृषि योजनाओं की बेहतर योजना बनाने, फसल संबंधी आंकड़ों को अपडेट रखने और आगामी धान खरीदी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है.
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