राशन की लंबी कतारों से राहत! ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ से कुछ मिनटों में मिल रहा अनाज

राशन की लंबी कतारों से राहत! ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ से कुछ मिनटों में मिल रहा अनाज

छत्तीसगढ़ के सरकंडा में ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ के जरिए अब हितग्राहियों को लंबी कतारों में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ रहा है.बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद मशीन स्क्रीन पर पात्रता के अनुसार मात्रा दिखाती है और निर्धारित राशन स्वतः थैले में भर देती है.

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राशन की लंबी कतारों से राहत! ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ से कुछ मिनटों में मिल रहा अनाज

राशन लेने के लिए घंटों लंबी कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करने की परेशानी अब कम होती दिखाई दे रही है. छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को तकनीक से जोड़ते हुए ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ की शुरुआत की गई है. सरकंडा में शुरू हुई इस नई व्यवस्था के माध्यम से हितग्राहियों को कुछ ही मिनटों में निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराया जा रहा है.

ग्रेन एटीएम के जरिए राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया मशीन आधारित है. इसमें हितग्राही का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण किया जाता है. इसके बाद स्क्रीन पर पात्रता के अनुसार मिलने वाले राशन की मात्रा दिखाई देती है.हितग्राही द्वारा पुष्टि किए जाने के बाद डिस्पेंसर के नीचे थैला रखने पर निर्धारित मात्रा में चावल स्वतः थैले में भर जाता है.

लंबी लाइन से मिली राहत, कुछ मिनटों में राशन

चिंगराजपारा निवासी हितग्राही प्रीति मानिकपुरी के लिए राशन लेने का अनुभव अब पहले से आसान हो गया है. उनका कहना है कि ग्रेन एटीएम के माध्यम से राशन मिलने से लंबी लाइन में खड़े होकर इंतजार नहीं करना पड़ता.मशीन से राशन मिलने के कारण प्रक्रिया सरल होने के साथ तौल को लेकर भी चिंता नहीं रहती.

इसी तरह हितग्राही दुर्गेश कुमार यादव बताते हैं कि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद मशीन की स्क्रीन पर उनकी पात्रता के अनुसार राशन की मात्रा स्पष्ट दिखाई देती है.पुष्टि के बाद डिस्पेंसर के नीचे थैला रखने पर निर्धारित मात्रा में चावल सीधे थैले में भर जाता है. इससे राशन की मात्रा को लेकर उनका भरोसा बढ़ा है.

मशीन से सटीक तौल और पारदर्शी वितरण

अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ की खासियत यह है कि राशन वितरण की प्रक्रिया हितग्राही के सामने पूरी होती है.बायोमेट्रिक सत्यापन से लेकर पात्रता की जानकारी और राशन की निर्धारित मात्रा तक हर चरण मशीन के माध्यम से पूरा किया जाता है.

इससे राशन की मात्रा को लेकर पारदर्शिता बढ़ती है और हितग्राही को यह स्पष्ट रूप से पता रहता है कि उसे कितनी मात्रा में राशन मिलना है. स्वचालित वितरण से तौल में होने वाली किसी भी तरह की परेशानी की संभावना भी कम होती है.

राशन वितरण व्यवस्था हो रही व्यवस्थित

ग्रेन एटीएम की संचालिका रिंकू सिंह ठाकुर के अनुसार नई व्यवस्था से राशन वितरण का काम अधिक व्यवस्थित हुआ है. मशीन आधारित प्रक्रिया के कारण भीड़ को नियंत्रित करने, समय बचाने और पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराने में सुविधा मिल रही है.

इससे राशन वितरण केंद्र पर लगने वाली भीड़ और हितग्राहियों के इंतजार के समय को कम करने में मदद मिल रही है.

तकनीक के साथ बढ़ रहा हितग्राहियों का भरोसा

‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में एक नई पहल है. इस व्यवस्था में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, डिजिटल स्क्रीन पर पात्रता की जानकारी और स्वचालित राशन वितरण जैसी सुविधाओं को एक साथ जोड़ा गया है.

इस पूरी प्रक्रिया से वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलती है.शुरुआती अनुभवों में ही राशन लेने में लगने वाले समय में कमी और हितग्राहियों के भरोसे में बढ़ोतरी दिखाई दे रही है.

जनसुविधा से जुड़ रही तकनीक

छत्तीसगढ़ शासन की यह पहल तकनीक को सीधे जनसुविधा से जोड़ने का प्रयास है. इसका उद्देश्य केवल हितग्राहियों तक राशन पहुंचाना नहीं, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सरल, पारदर्शी, समयबद्ध और सम्मानजनक बनाना भी है.

यदि इस तरह की तकनीक आधारित व्यवस्था का विस्तार किया जाता है तो आने वाले समय में राशन वितरण प्रणाली को और अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है.‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आया है.

 

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