प्याज की बढ़ती कीमतों पर सरकार का बड़ा कदम, 24 अगस्त से दिल्ली समेत 5 शहरों में बफर स्टॉक की सप्लाई

प्याज की बढ़ती कीमतों पर सरकार का बड़ा कदम, 24 अगस्त से दिल्ली समेत 5 शहरों में बफर स्टॉक की सप्लाई

प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने कहा है कि देश में प्याज की उपलब्धता पर्याप्त है और घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. सरकार 24 अगस्त 2026 से नासिक से दिल्ली, चेन्नई, मदुरै, कोच्चि और गुवाहाटी सहित प्रमुख उपभोग केंद्रों तक बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति शुरू करेगी. सरकार का कहना है कि अगस्त-सितंबर में होने वाली मौसमी मूल्य वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया है.

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प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम, 24 अगस्त से दिल्ली समेत 5 शहरों में बफर स्टॉक की सप्लाईसरकार खुले बाजार में उतारेगी प्याज

देश के कई हिस्सों में प्याज की कीमतों में तेजी के बीच केंद्र सरकार ने कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है. सरकार के अनुसार देश में प्याज का उत्पादन और उपलब्धता पर्याप्त है और आने वाले महीनों की घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है.

उपभोक्ताओं को राहत देने और बाजार में अनावश्यक मूल्य वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति बढ़ाने का फैसला किया है. इसके तहत 24 अगस्त 2026 से महाराष्ट्र के नासिक से प्रमुख उपभोग केंद्रों तक प्याज की ढुलाई और रिलीज शुरू की जाएगी.

पहले चरण में चेन्नई, मदुरै, दिल्ली, कोच्चि और गुवाहाटी को इस योजना में शामिल किया गया है. सरकार ने कहा है कि बाजार की मांग और मूल्य स्थिति को देखते हुए आगे और शहरों को भी इस अभियान में जोड़ा जाएगा.

उत्पादन लगभग पिछले साल के बराबर

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 में प्याज उत्पादन करीब 307.37 लाख मीट्रिक टन (LMT) रहने का अनुमान है. यह पिछले साल के 307.67 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के लगभग बराबर है.

सरकार का कहना है कि उत्पादन स्तर स्थिर रहने के कारण देश में प्याज की कोई वास्तविक कमी नहीं है और आने वाले महीनों में घरेलू मांग पूरी करने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी.

क्यों बढ़ते हैं अगस्त-सितंबर में दाम?

सरकार के अनुसार अगस्त और सितंबर के महीनों में प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी एक सामान्य मौसमी प्रवृत्ति है. इस दौरान त्योहारी सीजन के कारण मांग बढ़ जाती है. इसके अलावा मौसम संबंधी चुनौतियां और सप्लाई चेन में आने वाली बाधाएं भी कीमतों पर असर डालती हैं.

इसी मौसमी दबाव को कम करने और खुदरा बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकार समय-समय पर अपने बफर स्टॉक का इस्तेमाल करती है.

बफर स्टॉक से जारी होगा प्याज

सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह नियंत्रित मात्रा में बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतार रही है ताकि कीमतों में अनावश्यक उतार-चढ़ाव को रोका जा सके. नासिक से शुरू होने वाली नई आपूर्ति व्यवस्था का उद्देश्य प्रमुख उपभोक्ता बाजारों में उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों पर दबाव कम करना है.

'कांदा एक्सप्रेस' से मिली थी मदद

सरकार ने बताया कि 2025-26 के दौरान 'कांदा एक्सप्रेस' पहल के तहत करीब 88,000 मीट्रिक टन प्याज देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाया गया. इसके लिए 86 रेलवे रेकों का उपयोग किया गया और प्याज को 16 प्रमुख शहरों तक भेजा गया.

सरकार का मानना है कि रेलवे आधारित परिवहन व्यवस्था ने प्याज की तेजी से आपूर्ति सुनिश्चित करने और बाजार में उपलब्धता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

आगे और शहरों को जोड़ा जाएगा

सरकार ने कहा है कि यदि बाजार की स्थिति और मांग को देखते हुए जरूरत महसूस हुई तो प्याज की आपूर्ति योजना का दायरा बढ़ाया जाएगा और अतिरिक्त शहरों को भी इसमें शामिल किया जाएगा. सरकार लगातार कीमतों और उपलब्धता पर नजर बनाए हुए है ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके और बाजार में स्थिरता बनी रहे.

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