PM-KISAN Data: 7 साल में कितना पैसा मिला और कितना खर्च हुआ? RTI में खुलासा

PM-KISAN Data: 7 साल में कितना पैसा मिला और कितना खर्च हुआ? RTI में खुलासा

RTI के जरिए सामने आए आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2019-20 से 2025-26 के बीच PM-KISAN योजना के लिए कुल 4.67 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया, जबकि वास्तविक खर्च 4.21 लाख करोड़ रुपये रहा. चार वर्षों में खर्च बजट से कम रहा, जबकि तीन वर्षों में आवंटित राशि से अधिक खर्च दर्ज किया गया.

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PM-KISAN Data: 7 साल में कितना पैसा मिला और कितना खर्च हुआ? RTI में खुलासाPM-KISAN: हर साल नहीं खर्च हुआ पूरा बजट

कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने PM-KISAN सम्मान निधि योजना के लिए वित्त वर्ष 2019-20 से वित्त वर्ष 2025-26 तक के बजट और खर्च की जानकारी मांगने वाली एक RTI अर्जी का जवाब दिया. नई दिल्ली के कृषि भवन में किसान कल्याण विभाग की ओर से जारी इस जवाब में बताया गया है कि हर साल PM-KISAN के लिए कितना पैसा बांटा गया और असल में कितना खर्च हुआ.

इन आंकड़ों से पता चलता है कि PM-KISAN के लिए लगातार बड़ा बजट रखा गया है, जिसमें सात सालों के दौरान आवंटन 60,000 रुपये से 75,000 करोड़ रुपये के बीच रहा है. हालांकि, असल खर्च में उतार-चढ़ाव रहा है. कभी यह मंजूर की गई राशि से काफी कम रहा, तो कभी उससे थोड़ा अधिक.

किस साल कितना खर्च हुआ?

शुरुआती सालों में, आवंटन के मुकाबले खर्च काफी कम रहा. वित्त वर्ष 2019-20 में 75,000 करोड़ रुपये के आवंटन के मुकाबले सिर्फ 48,714 करोड़ रुपये खर्च हुए, जिससे पता चलता है कि खर्च काफी कम हुआ.

वित्त वर्ष 2020-21 में खर्च बढ़कर 60,990 करोड़ रुपये हो गया, लेकिन यह भी 75,000 करोड़ रुपये के आवंटन से कम था. इससे साफ पता चलता है कि योजना का दायरा तो बढ़ रहा था, लेकिन पूरा बजट इस्तेमाल नहीं हो रहा था.

वित्त वर्ष 2021-22 में बदली स्थिति

वित्त वर्ष 2021-22 में स्थिति बदल गई, जब 65,785 करोड़ रुपये का खर्च 65,000 करोड़ रुपये के आवंटन से थोड़ा अधिक रहा, जो पूरे इस्तेमाल और मामूली रूप से ज्यादा खर्च को दिखाता है.

वित्त वर्ष 2023-24 और वित्त वर्ष 2024-25 में भी ऐसा ही पैटर्न दिखा, जहां असल खर्च क्रमशः 61,441 करोड़ और 66,138.91 करोड़ रुपये रहा, जो मंजूर किए गए 60,000 करोड़ रुपये के आवंटन से ज्यादा था.

2024-25 में अब तक का सबसे ज्यादा खर्च 66,138.91 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जबकि आवंटन 60,000 करोड़ रुपये था.

इसके उलट, वित्त वर्ष 2022-23 और वित्त वर्ष 2025-26 में खर्च फिर से आवंटन से कम रहा, जो समय के साथ खर्च के असमान ट्रेंड को दिखाता है. 

ये आंकड़े क्यों अहम हैं?

PM-KISAN किसानों के लिए केंद्र सरकार के प्रमुख इनकम सपोर्ट प्रोग्राम में से एक है. इसकी सफलता न सिर्फ मजबूत बजट आवंटन पर, बल्कि समय पर और पूरे इस्तेमाल पर भी निर्भर करती है. इस योजना के जरिये पूरे भारत में पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. यह पैसा हर चार महीने में 2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खातों में भेजा जाता है. इसमें आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे कैश ट्रांसफर किया जाता है और इसकी फंडिंग केंद्र सरकार द्वारा 100% की जाती है.

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