केंद्र सरकार द्वारा मखाना बोर्ड बनाए जाने के बाद बिहार के पूसा में मखाना अनुसंधान एवं विकास केंद्र की शुरुआत की गई. केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने इसका उद्घाटन किया. यह केंद्र किसानों को मखाना उत्पादन, बीज तकनीक, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निर्यात जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करेगा. विश्वविद्यालय ने 17 वैज्ञानिकों की टीम तैयार की है जो मखाना की पूरी वैल्यू चेन पर काम करेगी. दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश भर के वैज्ञानिक, किसान और उद्यमी शामिल हुए.
केंद्र सरकार ने बिहार में धान खरीद की अंतिम तिथि 28 फरवरी से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी है. अब तक 4.28 लाख किसानों से 29.22 लाख टन धान खरीदा जा चुका है. MSP पर बेचने का किसानों को अधिक अवसर मिलेगा.
बिहार में गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत किसानों को मशीन खरीद पर 50 से 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है. चौथे रैंडमाइजेशन में सैकड़ों किसानों को परमिट जारी हुए हैं और बड़ी संख्या में किसानों ने मशीनें खरीदी हैं.
बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने स्पष्ट किया कि फार्मर आईडी बनने तक भी किसानों को किसी योजना का लाभ मिलने में रुकावट नहीं होगी. राज्य में मिशन मोड में फार्मर रजिस्ट्री का काम तेजी से चल रहा है, जहां 85.53 लाख पीएम किसान लाभार्थियों में से 45.18 लाख किसानों की आईडी बन चुकी है. सरकार का लक्ष्य डिजिटल कृषि को बढ़ावा देना और बिचौलियों को खत्म कर योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाना है.
नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार ने बिहार की 25 लाख महिलाओं के खाते में फिर से नकद धनराशि भेजी है. सीएम नीतीश ने इन महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये की धनराशि भेजी है.
बिहार ने फार्मर आईडी निर्माण में 50 प्रतिशत का लक्ष्य पार कर लिया है. 51 प्रतिशत किसानों की डिजिटल पहचान तैयार होने से राज्य को केंद्र से 269.89 करोड़ रुपये की विशेष सहायता मिलेगी. यह उपलब्धि किसानों को योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.
किसानों की आर्थिक तरक्की को लेकर कई योजनाएं चला रही है, जिससे किसानों को कम लागत पर अधिक उपज मिल सके. इसी कड़ी में इस राज्य सरकार ने बगीचों और बागवानी फसलों की सुरक्षा के लिए कीट प्रबंधन योजना के तहत किसानों को सब्सिडी दर पर कीटनाशक का छिड़काव करवा रही है.
बिहार में बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने और सकरी (मधुबनी) और रैयाम (दरभंगा) में सहकारी मॉडल पर नई मिलें स्थापित करने को लेकर उच्चस्तरीय बैठक हुई. NFCSF और इंडियन पोटाश लिमिटेड ने सहयोग का भरोसा दिया, गन्ना उत्पादन बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा.
बिहार की नई सरकार ने 3.47 लाख करोड़ रुपये का पहला बजट पेश किया. किसानों को सालाना 9000 रुपये, 1 करोड़ रोजगार, एक्सप्रेस-वे, शिक्षा और स्वास्थ्य पर बड़े ऐलान किए गए.
बिहार सरकार ने विधानसभा में पेश किए अपने राज्य बजट 2026-27 में किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य के किसानों को 3,000 रुपये सालाना अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की है. पढ़ें पूरी खबर...
ये सरकार बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए 27 जिलों में राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत किसानों को 50 फीसदी सब्सिडी दे रही है. ऐसे में किसान इस योजना का लाभ लेकर बेहतर कमाई कर सकते हैं. पूरी खबर जानने के लिए नीचे दी गई डिटेल को पढ़ें.
बिहार में एग्रीस्टैक परियोजना के तहत 2 से 6 फरवरी तक मिशन मोड में फार्मर रजिस्ट्री अभियान चलेगा. किसानों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को सरकार की ओर से पुरस्कार भी मिलेगा.
बिहार में बागवानी आधारित निवेश को बढ़ावा देने के लिए NHB के क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत निवेशक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कोल्ड-चेन, प्रोसेसिंग और निर्यात में नए अवसर खुलेंगे.
सरकार “सब्जी विकास योजना” के तहत सब्जी की खेती पर बंपर सब्सिडी दे रही है. दरअसल, सरकार का किसानों को सब्जी उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ये बड़ा कदम है. इससे एक तरफ किसानों की लागत घटेगी, वहीं दूसरी ओर उनकी आमदनी बढ़ेगी.
बिहार में ऑफलाइन भू-लगान रसीद जारी करने पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सख्त हो गया है. उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वाले कर्मचारियों पर अनुशासनिक कार्रवाई के साथ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज होगा. कई जिलों में अब भी ऑफलाइन रसीद के मामले सामने आए हैं.
बिहार के किसान और युवा अब नर्सरी व्यवसाय शुरू कर सकते हैं, जिसमें सरकार 50% तक सब्सिडी दे रही है. कृषि वानिकी योजना के तहत निजी क्षेत्र में नर्सरी लगाने और पौध उत्पादन के लिए अनुदान मिलेगा. जानें पात्रता, सब्सिडी राशि और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया.
गुड़ उत्पादन को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से ये राज्य सरकार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत गुड़ यूनिट लगाने पर बंपर सब्सिडी दे रही है.
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के निर्देश पर सहकारिता मॉडल से शुरू होंगी बंद पड़ी चीनी मिलें, गन्ना किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा.
पटना के बिहिटा में बने बिहार के पहले ई-रेडिएशन सेंटर से मखाना, आम, लीची जैसे कृषि उत्पाद 6 से 12 महीने तक सुरक्षित रहेंगे और निर्यात होगा आसान.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा से पहले बिहार का राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग एक्शन मोड में है. सिवान, मुजफ्फरपुर और वैशाली में भूमि से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 15 वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है. लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
बिहार सरकार किसानों को आधुनिक और प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लिए अंतरराज्यीय प्रशिक्षण एवं परिभ्रमण कार्यक्रम चला रही है. ICAR हजारीबाग और लखनऊ स्थित संस्थानों में किसानों को प्राकृतिक खेती और पुराने फलों के बागों के वैज्ञानिक जीर्णोद्धार की तकनीक सिखाई जा रही है.
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