बिहार में एग्रीस्टैक परियोजना के तहत 2 से 6 फरवरी तक मिशन मोड में फार्मर रजिस्ट्री अभियान चलेगा. किसानों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को सरकार की ओर से पुरस्कार भी मिलेगा.
बिहार में बागवानी आधारित निवेश को बढ़ावा देने के लिए NHB के क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत निवेशक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कोल्ड-चेन, प्रोसेसिंग और निर्यात में नए अवसर खुलेंगे.
सरकार “सब्जी विकास योजना” के तहत सब्जी की खेती पर बंपर सब्सिडी दे रही है. दरअसल, सरकार का किसानों को सब्जी उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ये बड़ा कदम है. इससे एक तरफ किसानों की लागत घटेगी, वहीं दूसरी ओर उनकी आमदनी बढ़ेगी.
बिहार में ऑफलाइन भू-लगान रसीद जारी करने पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सख्त हो गया है. उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वाले कर्मचारियों पर अनुशासनिक कार्रवाई के साथ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज होगा. कई जिलों में अब भी ऑफलाइन रसीद के मामले सामने आए हैं.
बिहार के किसान और युवा अब नर्सरी व्यवसाय शुरू कर सकते हैं, जिसमें सरकार 50% तक सब्सिडी दे रही है. कृषि वानिकी योजना के तहत निजी क्षेत्र में नर्सरी लगाने और पौध उत्पादन के लिए अनुदान मिलेगा. जानें पात्रता, सब्सिडी राशि और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया.
गुड़ उत्पादन को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से ये राज्य सरकार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत गुड़ यूनिट लगाने पर बंपर सब्सिडी दे रही है.
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के निर्देश पर सहकारिता मॉडल से शुरू होंगी बंद पड़ी चीनी मिलें, गन्ना किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा.
पटना के बिहिटा में बने बिहार के पहले ई-रेडिएशन सेंटर से मखाना, आम, लीची जैसे कृषि उत्पाद 6 से 12 महीने तक सुरक्षित रहेंगे और निर्यात होगा आसान.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा से पहले बिहार का राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग एक्शन मोड में है. सिवान, मुजफ्फरपुर और वैशाली में भूमि से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 15 वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है. लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
बिहार सरकार किसानों को आधुनिक और प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लिए अंतरराज्यीय प्रशिक्षण एवं परिभ्रमण कार्यक्रम चला रही है. ICAR हजारीबाग और लखनऊ स्थित संस्थानों में किसानों को प्राकृतिक खेती और पुराने फलों के बागों के वैज्ञानिक जीर्णोद्धार की तकनीक सिखाई जा रही है.
सात निश्चय–3 के तहत बिहार सरकार डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्र को नई दिशा देने जा रही है. हर गांव में दुग्ध उत्पादन समिति, सभी पंचायतों में सुधा बिक्री केंद्र, इलेक्ट्रिक कार्ट से दूध की होम डिलीवरी और ‘फ्रेश कैच’ फिश आउटलेट शुरू करने की योजना पर काम किया जा रहा है.
बिहार में फार्मर रजिस्ट्री को तेज करने के लिए एग्री स्टैक महा अभियान के तहत 38 जिलों में वरीय अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है. 17 से 21 जनवरी तक पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाकर किसानों को डिजिटल पहचान देने और सरकारी योजनाओं का पारदर्शी लाभ दिलाने की तैयारी है.
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