पटना के बिहिटा में बने बिहार के पहले ई-रेडिएशन सेंटर से मखाना, आम, लीची जैसे कृषि उत्पाद 6 से 12 महीने तक सुरक्षित रहेंगे और निर्यात होगा आसान.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा से पहले बिहार का राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग एक्शन मोड में है. सिवान, मुजफ्फरपुर और वैशाली में भूमि से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 15 वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है. लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
बिहार सरकार किसानों को आधुनिक और प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लिए अंतरराज्यीय प्रशिक्षण एवं परिभ्रमण कार्यक्रम चला रही है. ICAR हजारीबाग और लखनऊ स्थित संस्थानों में किसानों को प्राकृतिक खेती और पुराने फलों के बागों के वैज्ञानिक जीर्णोद्धार की तकनीक सिखाई जा रही है.
सात निश्चय–3 के तहत बिहार सरकार डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्र को नई दिशा देने जा रही है. हर गांव में दुग्ध उत्पादन समिति, सभी पंचायतों में सुधा बिक्री केंद्र, इलेक्ट्रिक कार्ट से दूध की होम डिलीवरी और ‘फ्रेश कैच’ फिश आउटलेट शुरू करने की योजना पर काम किया जा रहा है.
बिहार में फार्मर रजिस्ट्री को तेज करने के लिए एग्री स्टैक महा अभियान के तहत 38 जिलों में वरीय अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है. 17 से 21 जनवरी तक पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाकर किसानों को डिजिटल पहचान देने और सरकारी योजनाओं का पारदर्शी लाभ दिलाने की तैयारी है.
बिहार में एग्री स्टैक पहल के तहत फार्मर ID बनाने का काम तेज हो गया है. भूमि रिकॉर्ड में गड़बड़ियों के कारण आ रही दिक्कतों को देखते हुए राजस्व विभाग ने परिमार्जन प्लस पोर्टल के जरिए सुधार के निर्देश दिए हैं. सरकार का लक्ष्य अगले एक महीने में 75 लाख किसानों को ID जारी करना है ताकि उन्हें पीएम किसान योजना का लाभ मिल सके.
सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी को प्रोत्साहित करने के लिए एक खास योजना चला रही है. इस योजना का लाभ लेकर किसान नर्सरी बना सकते हैं, और अच्छी कमाई कर सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे उठाएं लाभ.
बिहार में मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन में ऐतिहासिक उछाल आया है. बीते 10 साल में 177% वृद्धि के बाद राज्य सरकार नई नीति लाकर प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को मजबूत करेगी.
बिहार की नीतीश सरकार ने कैबिनेट बैठक में कृषि विभाग के 694 पदों पर बहाली को मंजूरी दी. लंबे समय से खाली पदों को भरने से विभागीय कामकाज को गति मिलेगी.
बिहार में एग्रीस्टैक किसान रजिस्ट्री महाअभियान के तहत 10 लाख से अधिक किसानों का रजिस्ट्रेशन पूरा हुआ. जानें फार्मर आईडी, ई-केवाईसी, जिलों की प्रगति और किसानों को मिलने वाले सरकारी लाभ की पूरी जानकारी.
खेती की बढ़ती लागत के बीच बिहार सरकार ने किसानों को बड़ी सौगात दी है. कृषि लोन पर अतिरिक्त ब्याज अनुदान को लेकर बड़ा फैसला हुआ है. इससे बैंक से कर्ज लेना आसान होगा और आधुनिक खेती में निवेश को बढ़ावा मिलेगा. पढ़ें पूरी खबर...
बिहार के किसानों के पास फार्मर आईडी बनवाने का आखिरी मौका है. राज्य के 38 जिलों में मिशन मोड में रजिस्ट्रेशन चल रहा है. पंचायत भवनों में विशेष शिविर लग रहे हैं. प्रशासन ने किसानों से जल्द रजिस्ट्रेशन कराने की अपील करते हुए चेतावनी भी दी है.
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