बिहार के 40 गन्ना किसान आधुनिक खेती और उत्पादन बढ़ाने की तकनीक सीखने लखनऊ पहुंचे हैं. प्रशिक्षण में उन्नत गन्ना प्रजातियों, फसल प्रबंधन और वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी जाएगी, ताकि किसान बेहतर उत्पादन हासिल कर सकें.
बिहार के गन्ना किसानों के लिए 'गन्ना साथी' AI चैटबॉट और 'गन्ना किसान पहचान पत्र' लॉन्च किया गया है. किसान QR कोड और चैटबॉट की मदद से योजनाओं, आवेदन, परमिट और दावों की स्थिति समेत विभागीय सेवाओं की जानकारी आसानी से पा सकेंगे.
बिहार में मखाना किसानों को बेहतर बाजार और दाम दिलाने के लिए छह कृषि विज्ञान केंद्रों में छोटे-छोटे स्तर पर मखाना प्रोसेसिंग यूनिटें लगाई जाएंगी. इसके लिए अररिया, मधेपुरा, कटिहार, सहरसा, सुपौल और पूर्णिया के कृषि विज्ञान केंद्रों का चयन किया गया है.
बिहार में करीब 7 साल बाद प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना फिर लागू होने जा रही है. रबी सीजन 2026 से शुरू हो रही योजना के लिए किसान 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक आवेदन कर सकेंगे. फसल नुकसान पर किसानों को बीमा सुरक्षा और क्षतिपूर्ति देने की व्यवस्था होगी.
बिहार में सहकारिता नीति 2026 को जमीन पर लागू करने की तैयारी तेज हो गई है. सरकार का फोकस सहकारी समितियों को आधुनिक बनाने, युवाओं को रोजगार और बिजनेस से जोड़ने और मखाना-शहद जैसे स्थानीय उत्पादों का कारोबार बढ़ाने पर है.
बिहार में बाढ़ का पानी कम होने के साथ खेती-किसानी को हुए नुकसान की तस्वीर सामने आने लगी है. शुरुआती अनुमान के मुताबिक करीब 1.5 लाख हेक्टेयर में लगी फसलें प्रभावित हुई हैं. धान, मक्का, सब्जियों और केले की खेती को नुकसान पहुंचा है. प्रभावित किसानों के लिए इनपुट सहायता का प्रावधान किया गया है, जिसमें असिंचित और सिंचित जमीन के साथ गन्ने की फसल के लिए अलग-अलग दरों पर मदद दी जाएगी. जानिए बिहार में बाढ़ से किसानों और खेती को कितना नुकसान हुआ और प्रभावित किसानों को क्या सहायता मिलेगी.
बिहार में ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण को चुना है. किसानों को पौध सामग्री और शुरुआती देखभाल के लिए सब्सिडी दी जाएगी.
बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए गन्ना की खेती में जैविक इनपुट के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की योजना शुरू की है. इसके तहत किसानों को जैव उर्वरक, जैव कीटनाशी, हरी खाद, कम्पोस्ट और अन्य इनपुट पर 50 से 75 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी.
बिहार सरकार ने आपदा से प्रभावित मछुआरों और मछली पालकों को बड़ी राहत दी है. बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं में नाव, जाल, मछली चारा और मत्स्य फार्मों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी. आंशिक और पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त नाव और जाल के लिए अलग-अलग सहायता राशि तय की गई है. सरकार का उद्देश्य प्रभावित मछली पालकों की आजीविका को जल्द पटरी पर लाना और मत्स्य पालन गतिविधियों को दोबारा शुरू करने में मदद करना है.
बिहार कैबिनेट ने किसानों, ग्रामीण रोजगार, सिंचाई और धार्मिक पर्यटन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है. मखाना विकास योजना के लिए 89.80 करोड़ रुपये, ऑयल पाम खेती को बढ़ावा देने के लिए 2.10 करोड़ रुपये और बाढ़ प्रबंधन व सिंचाई कार्यों के लिए 1000 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि मंजूर की गई है. इसके अलावा राज्य के सभी 38 जिलों में 125 दिन रोजगार की गारंटी वाली नई ग्रामीण योजना लागू करने का फैसला भी लिया गया है.
बिहार सरकार ने मृत रैयतों के नाम दर्ज जमीन को उनके उत्तराधिकारियों के नाम अपडेट करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने हर राजस्व कर्मचारी को हर महीने कम से कम 5 मामले निपटाने का लक्ष्य दिया है. साथ ही लंबित मापी, फर्जी दस्तावेजों, म्यूटेशन और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मामलों में भी सख्ती के निर्देश जारी किए गए हैं.
बिहार सरकार ने बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने की कवायद तेज कर दी है. नवादा, मोतीपुर और गोपालगंज के सासामूसा में चीनी मिलों को मार्च 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार निवेश नीति में बदलाव, जलजमाव और नीलगाय जैसी समस्याओं के समाधान पर भी काम कर रही है ताकि गन्ना उद्योग को मजबूती मिल सके.
बिहार के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है. कृषि विभाग के अनुसार, जिन किसानों की Farmer ID अभी तक नहीं बनी है, उन्हें भी PM Kisan Samman Nidhi का लाभ मिलता रहेगा. हालांकि नए आवेदकों के लिए Farmer ID अनिवार्य कर दी गई है. राज्य में 73 लाख से अधिक किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं, जबकि करीब 49 लाख लाभार्थियों की Farmer ID अभी नहीं बनी है.
फसलों को कीटों से बचाने के लिए किसानों को अब कम खर्च में आधुनिक तकनीक अपनाने का मौका मिलेगा. पौधा संरक्षण योजना के तहत फेरोमोन, स्टिकी और फ्रूट फ्लाई ट्रैप पर 75% तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है.
बिहार सरकार ने जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे को लेकर सख्ती बढ़ा दी है. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने हर अमीन को महीने में कम से कम 20 मापी करने का निर्देश दिया है. साथ ही सरकारी जमीन की पहचान, म्यूटेशन और अतिक्रमण से जुड़े लंबित मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
बिहार के किसानों के लिए राहत की खबर है. अब कृषि लोन पर केंद्र सरकार की 3% ब्याज सहायता के अलावा बिहार सरकार 1% अतिरिक्त ब्याज अनुदान देगी. साथ ही 3 लाख रुपये तक के पात्र कृषि लोन पर मिलने वाली इस राहत से किसानों को कम ब्याज में खेती के लिए कर्ज लेने में मदद मिलेगी.
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