बिहार के किसानों के लिए राहत की खबर है. अब कृषि लोन पर केंद्र सरकार की 3% ब्याज सहायता के अलावा बिहार सरकार 1% अतिरिक्त ब्याज अनुदान देगी. साथ ही 3 लाख रुपये तक के पात्र कृषि लोन पर मिलने वाली इस राहत से किसानों को कम ब्याज में खेती के लिए कर्ज लेने में मदद मिलेगी.
बिहार में कमजोर मॉनसून और सिंचाई की बढ़ती लागत के बीच राज्य सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है. खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए डीजल पंपसेट इस्तेमाल करने वाले किसानों को 750 रुपये से लेकर 2250 रुपये प्रति एकड़ तक सब्सिडी मिलेगी. योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 17 अगस्त से शुरू हो चुकी है और किसान 30 अक्टूबर तक इसका लाभ उठा सकेंगे.
बिहार में किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने कृषि से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी है।.सरकार ने नलकूपों से सिंचाई, किसानों के लिए गोदाम, पशुओं की बेहतर नस्ल और नहरों की मरम्मत समेत कई योजनाओं के लिए करोड़ों रुपये मंजूर किए हैं.
बिहार में करीब सात साल बाद प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की दोबारा शुरुआत होने जा रही है. रबी सीजन 2026-27 से किसानों को इसका लाभ देने के लिए सहकारिता विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं. अधिकारियों के ट्रेनिंग के साथ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया जा रहा है. फसल नुकसान होने पर किसानों को आर्थिक सहायता मिलेगी, जबकि सरकार अब किसानों के बीच जागरुकता बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है.
बिहार सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रति एकड़ 4,000 रुपये तक अनुदान दे रही है. नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत 5,700 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का विस्तार किया जाएगा. किसानों को तकनीकी सहायता देने के लिए 800 कृषि सखियों की तैनाती की गई है, जबकि राज्य में पहले से 50 हजार किसान 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती से जुड़े हुए हैं.
बिहार के आम, अमरूद और लीची किसानों के लिए राहत की खबर है. बागों में कीट नियंत्रण के लिए पेस्टिसाइड छिड़काव पर किसानों को 75 फीसदी तक सब्सिडी मिलेगी. इससे बागवानों का खर्च कम होगा और फसल को कीटों से बचाने में मदद मिलेगी.
बिहार सरकार दाल प्रसंस्करण इकाई स्थापना योजना के तहत नई दाल मिल लगाने पर 33% तक या अधिकतम 25 लाख रुपये का अनुदान दे रही है. इच्छुक आवेदक 31 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
बिहार में चाय की खेती का दायरा लगातार बढ़ रहा है. राज्य सरकार ने चाय विकास योजना के तहत 6.55 करोड़ रुपये मंजूर कर किशनगंज के साथ पूर्णिया और कटिहार में भी चाय की खेती को बढ़ावा देने की तैयारी की है.
बिहार सरकार ने बागवानी किसानों के लिए "बगीचों में कीट प्रबंधन योजना" शुरू की है. इसके तहत आम, लीची और अमरूद के बगीचों में कीट एवं रोग नियंत्रण के लिए दवा छिड़काव पर करीब 75% तक सब्सिडी मिलेगी. किसान कृषि विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.
बिहार सरकार ने खरीफ सीजन 2025-26 में धान खरीद के बाद चावल आपूर्ति में देरी पर सख्ती दिखाई है. सहकारिता विभाग ने 17 जिलों की पैक्स समितियों और 31 प्रखंडों के सहकारिता पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है. मंत्री रामकृपाल यादव ने शत-प्रतिशत चावल आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए लापरवाही बरतने वाली समितियों, राइस मिलों और अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है. 429 समितियों में अभी भी चावल आपूर्ति लंबित है.
बिहार विधानसभा ने कृषि भूमि को गैर-कृषि उपयोग में बदलने से जुड़े पुराने कानून को खत्म करने वाला विधेयक पारित कर दिया है. राज्यपाल की मंजूरी के बाद किसान अपनी कृषि भूमि पर बिना भूमि रूपांतरण (बदलाव) कराए उद्योग और व्यवसाय शुरू कर सकेंगे. सरकार इसे निवेश और उद्योग के लिए बड़ा कदम बता रही है, जबकि किसान नेताओं ने इसे किसानों की जमीन अधिग्रहण को आसान बनाने वाला कानून बताया है.
बिहार सरकार के कृषि विभाग ने पीएमआरकेबीवाई के तहत सब्जी एवं मसाला विकास योजना में खरीफ प्याज की खेती को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी योजना शुरू की है. योजना का लाभ किसान पंजीकरण (DBT ID) वाले पात्र किसानों को मिलेगा. इसका उद्देश्य प्याज उत्पादन बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देना है.
बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में वाटरशेड विकास घटक के तहत ₹66.15 करोड़ मंजूर किए हैं. इस राशि से जल संरक्षण, खेत-तालाब, चेक डैम, मेड़बंदी, नाला उपचार और वृक्षारोपण जैसे कार्य किए जाएंगे. योजना का उद्देश्य बारिश के पानी का बेहतर उपयोग, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, मिट्टी का संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाना है.
बिहार के किसानों के लिए जरूरी खबर है. कृषि फीडर से बिजली इस्तेमाल करने वाले किसानों को अब हर महीने बिल भरना होगा. अभी तक यह नियम तीन महीने के लिए था. यानी किसानों को हर तीन महीने पर बिल भरना होता था. सरकार के इस फैसले पर किसानों ने मिली जुली प्रतिक्रिया दी है.
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों के लिए कृषि फीडरों पर सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बिना रुकावट बिजली की सप्लाई सुनिश्चित की जाए. मुख्यमंत्री ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को भी पूरे प्रदेश में तेजी से लागू करने की जरूरत पर बल दिया.
बिहार सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 में मत्स्य प्रजाति विविधीकरण योजना के तहत मछली पालन के साथ मोती पालन को बढ़ावा देगी. राज्य में 50 एकड़ क्षेत्र में मोती उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिससे करीब 1.2 लाख मोती तैयार होने का अनुमान है. चयन ऑनलाइन आवेदन से होगा और किसानों को 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा.
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