पटना में सम्राट का बड़ा दांवबिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को शपथ ली. सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार गुरुवार को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होने जा रहा है, जिसमें करीब 27 से 28 मंत्री शपथ ले सकते हैं. इसे बिहार सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार का एक नया चरण माना जा रहा है. वहीं राजनीति के क्षेत्र में पकड़ रखने वाले जानकारों का मानना है कि यह मंत्रिमंडल आने वाले समय में भाजपा के कोटे से बने मुख्यमंत्री के प्रदर्शन का ग्राफ भी तैयार करेगा. जिसके चलते एनडीए का शीर्ष नेतृत्व मंत्रियों के नाम और विभागों के बंटवारे को लेकर काफी सावधानी बरत रहा है.
हालांकि, इस मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही कुछ विभागों के मंत्रियों के नामों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. मुख्य रूप से राज्य की आबादी का बड़ा हिस्सा, करीब 80 से 90 प्रतिशत, कृषि पर आधारित है, इसलिए कृषि विभाग के मंत्री पद के लिए चर्चाएं जोरों पर हैं. इस पद के लिए रामकृपाल यादव और डॉ. प्रमोद कुमार के नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि भाजपा पशुपालन एवं कृषि विभाग जदयू के कोटे में नहीं जाने देगी, क्योंकि इन दोनों विभागों को लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष ध्यान है. हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार और किस-किस को कौन से विभाग की जिम्मेदारी मिलेगी, इसकी आधिकारिक घोषणा अभी पार्टी स्तर पर नहीं हुई है.
वरिष्ठ पत्रकार सुनील कुमार पाण्डेय कहते हैं कि बिहार सरकार के प्रमुख विभागों में से एक कृषि विभाग है, जिससे राज्य की आबादी का एक बड़ा हिस्सा जुड़ा हुआ है. हालांकि, सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उनका मानना है कि कृषि विभाग एक बार फिर रामकृपाल यादव के खेमे में जाने की उम्मीद है. हालांकि वे इस बात से भी इनकार नहीं करते कि इससे पहले नीतीश कुमार की सरकार में सहकारिता मंत्री का जिम्मा संभाल चुके डॉ. प्रमोद कुमार के भी कार्य अपने विभाग में अच्छे रहे हैं. सहकारिता और कृषि विभाग एक-दूसरे के पूरक हैं, इसलिए यदि रामकृपाल यादव को कृषि मंत्री नहीं बनाया जाता है, तो डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी को कोई जिम्मेदारी मिल सकती है.
वरिष्ठ पत्रकार लव कुमार मिश्र का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी पशुपालन और कृषि विभाग अपने पास रख सकती है. क्योंकि प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद से नरेंद्र मोदी अपने भाषणों और योजनाओं के माध्यम से यह बताते रहे हैं कि पशुपालन और कृषि रोजगार और आमदनी का बेहतर माध्यम हैं. विशेष रूप से बिहार के संदर्भ में मखाना बोर्ड की स्थापना और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इसके महत्व को बताने के प्रयासों को देखते हुए यह संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में बिहार में भाजपा के मुख्यमंत्री के कार्यकाल में इन विभागों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. वहीं मछली उत्पादन में बिहार की विकास दर भी एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान, जिसके प्रांगण में कई बार मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने शपथ ली है, इस बार भी आजादी के बाद भाजपा खेमे के मुख्यमंत्री के मंत्रिमंडल के प्रस्तावित मंत्रियों के शपथ समारोह का गवाह बनने जा रहा है. इस ऐतिहासिक शपथ समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शिरकत करेंगे. सूत्रों के अनुसार, भाजपा कोटे से लगभग 12 मंत्री पद मिल सकते हैं, वहीं जनता दल (यूनाइटेड) को भी करीब 12 मंत्री पद मिलने की संभावना है. इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को दो, तथा हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक जनता दल को एक-एक मंत्री पद मिलने की उम्मीद है, जिनके सदस्य गांधी मैदान में शपथ ले सकते हैं.
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