विधानसभा चुनाव में पार्टियों ने किसानों के लिए कई वादे किए हैपांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के रिजल्ट लगभग आ चुके हैं. खबर लिखे जाने तक पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में बीजेपी की जीत तो तमिलनाडु में टीवीके और केरल में यूडीएफ सरकार बनाने जा रही है. चुनाव में जीत के पीछे इन पार्टियों के घोषणा पत्र का बड़ा रोल है. हर पार्टी ने चुनाव को लोकलुभावन बनाने और मतदाताओं को अपनी ओर खींचने के लिए घोषणा पत्र तैयार किया. इस बार किसानों पर भी खास फोकस रहा और पार्टियों ने कई बड़े वादे किए. तो आइए जानते हैं घोषणा पत्र में क्या वादा है और उसका क्या असर होगा.
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने घोषणा पत्र में कहा है, पीएम किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को मिलने वाली राशि को 6,000 से बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रति वर्ष किया जाएगा. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की जहां तक बात है तो धान (Rice) के किसानों के लिए 3,100 प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करने का वादा है.
फसल सहायता के तौर पर आलू और आम की खेती करने वाले किसानों के लिए विशेष सहायता और बेहतर बुनियादी ढांचा (कोल्ड स्टोरेज) देने का भरोसा दिया गया है. बीजेपी ने राज्य में प्रचलित 'सिंडिकेट राज' और 'कट मनी' संस्कृति को खत्म करने का वादा किया है, ताकि किसानों को सीधे लाभ मिल सके. मछुआरा कल्याण के अंतर्गत मछुआरों को पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत रजिस्टर करने और पश्चिम बंगाल को मछली निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाने की योजना है. अब बीजेपी के चुनाव जीतने के बाद इन वादों को निभाने का पूरा दबाव रहेगा.
अपने चुनावी घोषणा पत्र में बीजेपी ने वादा किया है, किसानों की आय सुरक्षा को मजबूत करने की कोशिश रहेगी. कृषि बाजार के बुनियादी ढांचे और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन को आधुनिक बनाने और मजबूत करने के लिए ‘असम कृषि उन्नयन अभियान’ की शुरुआत करेंगे. मछली पालकों को आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी, ताकि मछली पकड़ने के मौसम के अलावा अन्य समय में भी उन्हें आय का सहारा मिल सके.
जीत के बाद दोबारा हिमंता बिस्वा शर्मा मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं तो लोगों की नजर इस बात रहेगी कि घोषणात्र में किए गए वादे कितनी जल्दी पूरे किए जाते हैं.
तमिलनाडु में टीवीके को प्रचंड जीत मिली है. अभिनेता से नेता बने विजय इस पार्टी के प्रमुख हैं. उन्होंने किसानों के लिए कई वादे किए हैं, जिस पर अब सबकी निगाहें लगी हैं. किसानों के लिए टीवीके के प्रमुख वादे हैं-
5 एकड़ से कम जमीन वाले किसानों के कृषि सहकारी समितियों से लिए गए सभी फसली कर्ज पूरी तरह माफ किए जाएंगे.
5 एकड़ से ज्यादा जमीन वाले किसानों को फसली कर्ज में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी.
धान के लिए 3,500 रुपये प्रति क्विंटल और गन्ने के लिए 4,500 रुपये प्रति टन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिया जाएगा.
नारियल उगाने वाले किसानों के लिए कोपरा पर रेट स्टेबलाइजेशन स्कीम लागू की जाएगी, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिल सकें.
घोषणापत्र में बटाईदार किसानों और खेतिहर मजदूरों के लिए सालाना 10,000 रुपये की सीधी आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है. इसके अलावा 5 लाख मुफ्त सोलर पंप सेट और 100 प्रतिशत फसल बीमा कवरेज का भी वादा किया गया है.
केरल के किसानों के लिए UDF (जीत दर्ज करने वाली पार्टी) का 2026 का घोषणापत्र कर्ज कम करने और सही दाम दिलाने पर केंद्रित है. इसमें एक अलग कृषि बजट का वादा किया गया है, साथ ही रबर के समर्थन मूल्य को बढ़ाकर 300/kg और धान के समर्थन मूल्य को 35/kg करने का भी वादा है. मुख्य प्रस्तावों में 40 नारियल खरीद केंद्रों को फिर से खोलना, बड़े पैमाने पर कर्ज माफी देना और कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करना शामिल है.
किसानों के लिए अलग कृषि बजट बनाने का वादा है. किसानों और मछुआरों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि खेती को कर्ज-मुक्त बनाया जा सके. पहले बंद हो चुके 40 नारियल खरीद केंद्रों को फिर से खोलना, जिसका मकसद किसानों को सीधे तौर पर मदद पहुंचाना है.
यूडीएफ के वादे में कोल्ड-चेन और भंडारण सुविधाओं का विकास करना, साथ ही बाजार तक किसानों की पहुंच को बेहतर बनाना, खेती से जुड़े भारी कर्ज की समस्या का समाधान करना शामिल है. किसान औसतन लगभग 5.5 लाख रुपये के कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं. सरकार का ध्यान इस बोझ को कम करने पर रहेगा. मछुआरा समुदाय की विशेष जरूरतों को शामिल करना, जिसके लिए संभवतः एक अलग मत्स्य पालन मंत्रालय भी बनाया जा सकता है.
पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के घोषणापत्र में कृषि क्षेत्र को दोबारा मजबूत करने पर खास जोर दिया गया है. पार्टी ने किसानों को बेहतर सुरक्षा और सहायता देने के उद्देश्य से 200 करोड़ रुपये का फसल राहत कोष बनाने का वादा किया है. घोषणापत्र के मुताबिक, इस कोष का मकसद प्राकृतिक आपदाओं और फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहारा देना है, ताकि उनकी आजीविका सुरक्षित रह सके.
किसानों के लिए प्रमुख वादे
BJP ने अपने घोषणापत्र में कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं. इनमें शामिल हैं—
फसल राहत कोष: किसानों को खेती में होने वाले नुकसान से बचाने के लिए 200 करोड़ का विशेष फंड.
पशुधन सहायता: कृषि समुदाय के लिए पशुधन से जुड़ी सहायता और कल्याणकारी योजनाओं को मजबूत करना.
कृषि आधारभूत ढांचा: बेहतर भंडारण, सिंचाई और कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं के विकास के लिए ‘कृषि बुनियादी ढांचा मिशन’ और अन्य केंद्रीय योजनाओं का प्रभावी उपयोग.
मत्स्य पालन को बढ़ावा: समुद्र में 61 दिनों की मछली पकड़ने पर रोक के दौरान मछुआरों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता को बढ़ाने का वादा.
सहायक कृषि क्षेत्र: आधुनिक कृषि तकनीक को बढ़ावा देना और केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत सब्सिडी उपलब्ध कराना.
कृषि क्षेत्र को मजबूती देने की योजना
BJP का कहना है कि इन पहलों के जरिए पुडुचेरी के किसानों और मछुआरों की आय बढ़ाने, जोखिम कम करने और कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में काम किया जाएगा. पार्टी का लक्ष्य है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ राज्य के किसानों तक पहुंचे और कृषि क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान हो सके.
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