पंजाब के कई जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं, जिससे आमजन के साथ-साथ किसान भी फसलों के नुकसान को लेकर काफी परेशान हैं. ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेताओं ने केंद्र से स्थिति से निपटने और लोगों को राहत देने करने के लिए विशेष पैकेज की मांग की है. दरअसल, पंजाब के भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पंजाब के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा करने का आग्रह किया है.
अपने पत्र में, जाखड़ ने लिखा है कि भारत की खाद्य सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण राज्य पंजाब लगातार भारी बारिश और बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है. मैं आपको पंजाब में आई विनाशकारी प्राकृतिक आपदा की ओर तत्काल ध्यान आकर्षित करने के लिए लिख रहा हूं. पिछले कई दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश और ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में हुई अत्यधिक बरसात के कारण पूरे राज्य में बाढ़ आ गया है.
भोआ विधानसभा क्षेत्र से लेकर फाजिल्का तक फैले पाकिस्तान सीमा से लगे क्षेत्र और कपूरथला जैसे अन्य जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. जाखड़ ने लिखा कि आने वाले दिनों में लगातार भारी बारिश के मौसम विभाग के पूर्वानुमान से पहले से ही विकट स्थिति और बिगड़ने का ख़तरा है. उन्होंने यह भी लिखा कि बाढ़ ने आबादी के एक बड़े हिस्से को प्रभावित किया है, जिससे कई परिवार बेघर हो गए हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय खाद्य आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण हजारों एकड़ में लगी खरीफ की कई फसलें नष्ट हो गई हैं.
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और वित्तीय सहायता के माध्यम से केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए, जाखड़ ने आपदा की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त और तत्काल सहायता की आवश्यकता पर ज़ोर दिया. उन्होंने प्रधानमंत्री से जमीनी स्थिति का आकलन करने और पंजाब की बाढ़ प्रभावित आबादी के लिए एक विशेष राहत पैकेज की घोषणा करने के लिए केंद्रीय मूल्यांकन दल तैनात करने का आग्रह किया है.
एक सीमावर्ती राज्य के रूप में पंजाब के महत्व और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में इसकी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, जाखड़ ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री इस संकट के दौरान सहायता करेंगे.
वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी प्रधानमंत्री मोदी से राज्य के लिए एक विशेष पैकेज की घोषणा करने की मांग की है. बाजवा ने भी PM मोदी को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने लिखा है कि पंजाब दशकों में अपनी सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है. पिछले हफ़्ते में विनाशकारी बाढ़ ने 23 लोगों की जान ले ली है और राज्य भर के 1,018 गांव तबाह हो गए हैं.
उन्होंने लिखा है कि जमीनी स्तर पर स्थिति बेहद गंभीर है. हज़ारों परिवार जलमग्न गांवों में बिना भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों या उचित आश्रय के फंसे हुए हैं. तीन लाख एकड़ से ज़्यादा कृषि भूमि जलमग्न है, जिससे खड़ी फसलें नष्ट हो रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था चरमरा रही है. बाजवा ने कहा कि विनाश का पैमाना पंजाब के अकेले संभालने की क्षमता से परे है राज्य को तत्काल राहत देने और दीर्घकालिक सुधार सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग की तत्काल आवश्यकता है.
बाजवा ने लिखा है कि, मैं आपसे विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि कृपया पंजाब के लिए एक विशेष केंद्रीय राहत पैकेज की घोषणा करें. मृतकों के परिवारों और अपनी फसलें खोने वाले किसानों को मुआवजा दें. बाजवा ने आगे लिखा मैं आपसे पंजाब आकर तबाही का मंज़र देखने और प्रभावित परिवारों को आश्वस्त करने की भी अपील करता हूं.
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता अमरिंदर सिंह ने कहा कि विनाशकारी बाढ़ ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है, जिससे जीवन, कृषि और बुनियादी ढांचे को नुकसान हुआ है. उन्होंने एक बयान में कहा कि हज़ारों एकड़ में लगी फसलें नष्ट हो गई हैं, पशुधन नष्ट हो गए हैं और ग्रामीण परिवार विस्थापित हो गए हैं. सिंह ने अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बचाव और राहत अभियान चलाने के लिए सेना, एनडीआरएफ और राज्य प्रशासन की टीमों के प्रयासों की भी सराहना की.
उन्होंने कहा कि समय पर सहायता महत्वपूर्ण है, ताकि प्रभावित परिवारों और किसानों को चुपचाप कष्ट सहने के लिए न छोड़ा जाए. सिंह ने कहा कि पंजाब की अर्थव्यवस्था पहले से ही दबाव में है और केंद्र के तत्काल हस्तक्षेप के बिना इस विनाश को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है. (सोर्स- PTI)
Copyright©2025 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today