Farmers Protest: पंजाब में किसानों-मजदूरों का विरोध-प्रदर्शन, विधायक-मंत्रियों और CM के आवास के सामने देंगे धरना

Farmers Protest: पंजाब में किसानों-मजदूरों का विरोध-प्रदर्शन, विधायक-मंत्रियों और CM के आवास के सामने देंगे धरना

Punjab Farmers Protest: पंजाब में आज किसान-मजदूर संगठन KMM बड़ा विरोध दर्ज कराने जा रहा है. इस दौरान विधायकों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री आवासों के सामने धरने दिए जाएंगे. जानिए संगठन ने कौन-सी मांगे उठाई है...

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पंजाब में किसानों-मजदूरों का विरोध-प्रदर्शन, विधायक-मंत्रियों और CM के आवास के सामने देंगे धरनाKMM आज पंजाब में करेगा विरोध-प्रदर्शन (AI Generated Image)

KMM चैप्टर पंजाब ने आज प्रदेश में एक दिवसीय व्यापक धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया है. किसान संगठन से जुड़े आंदोलन के तहत किसान 21 विधायकों, 6 कैबिनेट मंत्रियों और मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवासों के सामने शांतिपूर्ण धरने देंगे. किसान-मजदूर संगठन ने कहा है कि सरकारों की अनदेखी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ यह आंदोलन करना उनकी मजबूरी बन गया है. किसान संगठन ने अपनी प्रमुख मांगें सामने रखी है. 

KMM ने रखी ये प्रमुख मांगें

KMM की प्रमुख मांगों में शंभू-खनौरी आंदोलन के दौरान हुए नुकसान के लिए 3 करोड़ 77 लाख रुपये का मुआवजा, MSP को कानूनी गारंटी देने के लिए कानून बनाना, किसानों और मजदूरों की संपूर्ण कर्जमाफी और सभी लंबित मांगों को तुरंत पूरा करना शामिल है. 

किसान-मजदूर संगठन ने आंदोलन में घायल लोगों और शहीदों के परिजनों को शेष मुआवजा और सरकारी नौकरियां देने की मांग भी दोहराई है. साथ ही किसानों-मजदूरों पर अत्याचार करने और उनका सामान चोरी करने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है.

बीज और बिजली कानून पर प्रस्‍ताव लाने की मांग

इसके अलावा किसानों ने बाढ़ से नष्ट हुई फसलों, घरों और पशुओं के नुकसान का शेष मुआवजा तुरंत जारी करने की भी मांग उठाई है. वहीं, बिजली संशोधन बिल 2025, बीज अधिनियम 2025 और भारत-अमेरिका सहित अन्य देशों के साथ किए जा रहे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से कृषि को बाहर रखने की मांग की गई है. किसान संगठन ने अपने बयान में पंजाब सरकार से कहा है कि वह विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर इन कानूनों और समझौतों के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजे.

आंदोलन में स्मार्ट मीटर या प्री-पेड मीटर जबरन लगाए जाने पर तुरंत रोक, पराली प्रदूषण के नाम पर की गई रेड एंट्रियां, जुर्माने और पुलिस केस वापस लेने, यूरिया खाद की कमी दूर करने और इसकी कालाबाजारी बंद करने, साथ ही चालू गन्ना सीजन की बकाया पेमेंट तुरंत जारी करने की मांग भी शामिल है.

संगठन ने कहा है कि बड़े जन-समागमों में पारित प्रस्तावों के जरिए गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई की आड़ में आम युवाओं और निर्दोष रिश्तेदारों पर हो रहे कथित अत्याचारों को बंद करने की मांग की जाएगी. नशे की चपेट में आए युवाओं के इलाज और पुनर्वास, बड़े नशा माफिया, सत्ताधारी नेताओं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के गठजोड़ पर सख्त कार्रवाई तथा सीमा पार से ड्रोन के जरिए आ रहे नशे पर रोक लगाने की मांग भी उठेगी.

इन जिलों में किसान देंगे धरना

KMM की ओर से अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, मोगा, मुक्तसर साहिब, लुधियाना, बठिंडा, संगरूर, पटियाला, मलेरकोटला, मोहाली और मानसा सहित कई जिलों में धरने आयोजित किए जाएंगे. संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

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