धान खरीद मुद्दे पर बवालओडिशा विधानसभा में किसानों के मुद्दे को लेकर BJD और कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. दरअसल, धान खरीद प्रक्रिया में मिसमैनेजमेंट का आरोप लगाते हुए विपक्षी BJD और कांग्रेस विधायकों के प्रदर्शन ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन ओडिशा विधानसभा की कार्यवाही में रुकावट डाली. जैसे ही सुबह 10.30 बजे प्रश्नकाल के लिए सदन शुरू हुआ, BJD और कांग्रेस के सदस्य सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए प्लेकार्ड लेकर वेल में आ गए. प्रदर्शन के दौरान BJD के कुछ सदस्य स्पीकर के पोडियम पर चढ़ते देखे गए.
BJD विधायकों ने आरोप लगाया कि खरीफ धान खरीद प्रक्रिया में मिसमैनेजमेंट के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. दूसरी ओर, कांग्रेस विधायकों ने BJP सरकार पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि वह 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने सहित अपने चुनाव से पहले के वादों को पूरा नहीं कर पा रही है.
जब हंगामा कर रहे सदस्यों ने स्पीकर सुरमा पाधी की बार-बार अपनी सीटों पर जाने की अपील पर ध्यान नहीं दिया, तो उन्होंने कार्यवाही सुबह 11.30 बजे तक के लिए टाल दी. प्रश्नकाल के दौरान सदन तीन मिनट तक चल सका, इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री मुकेश महालिंग ने दो विधायकों के जल संसाधन विभाग से जुड़े सवालों के जवाब दिए. जब सदन शून्यकाल के लिए दोबारा शुरू हुआ, तो भी ऐसे ही नज़ारे देखने को मिले. छह मिनट बाद, स्पीकर पाधी ने शाम 4 बजे तक दूसरी बार कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा की.
BJD सदस्य गौतम बुद्ध दास ने कहा कि वे खाद्य आपूर्ति मंत्री केसी पात्रा का इस्तीफा और सरकार से किसानों से माफी चाहते हैं. उन्होंने सदन के बाहर मीडिया से कहा कि BJP सरकार किसानों से बातचीत नहीं कर रही है, जो धान खरीद में गड़बड़ी के शिकार हैं. सरकारी मंडियां किसानों से धान नहीं खरीद रही है और किसी न किसी बहाने उन्हें परेशानी में डाल रही है. कांग्रेस MLA सोफिया फिरदौस ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार लोगों की नहीं सुन रही है, जबकि वह "लोगों की सरकार" होने का दावा करती है.
उन्होंने कहा कि हम सरकार द्वारा किसानों को 'नकली' और उनकी हालत को 'नौटंकी' (ड्रामा) कहने की कड़ी निंदा करते हैं. BJP ने किसानों की बात न सुनने की आदत डाल ली है. BJP MLA मनोरंजन ज्ञान सामंत्रे ने दावा किया कि BJD और कांग्रेस किसानों के लिए "मगरमच्छ के आंसू" बहा रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे किसानों के लिए विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि इस स्थिति से राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें विधानसभा में किसानों के मुद्दों पर चर्चा के लिए आने दें. (PTI)
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