Trade Deal: दूध और किसानों को नहीं होगा नुकसान, व्यापार समझौतों पर अमित शाह का भरोसा

Trade Deal: दूध और किसानों को नहीं होगा नुकसान, व्यापार समझौतों पर अमित शाह का भरोसा

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने यूके, यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौतों का बचाव करते हुए कहा कि किसानों और डेयरी उद्योग के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इन समझौतों को लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है. सरकार का दावा है कि इन डील से किसानों के लिए वैश्विक बाजार के नए अवसर खुलेंगे.

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Trade Deal: दूध और किसानों को नहीं होगा नुकसान, व्यापार समझौतों पर अमित शाह का भरोसाअमित शाह ने किसानों को दिलाया भरोसा

भारत सरकार ने हाल ही में यूके, यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका (US) के साथ व्यापार समझौते किए हैं. इन समझौतों को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) कहा जाता है. इन पर देश में चर्चा चल रही है. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इन समझौतों का समर्थन करते हुए कहा है कि किसानों और डेयरी उद्योग के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं.

क्या कहा अमित शाह ने?

गांधीनगर में एक कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कहा कि इन व्यापार समझौतों से किसानों को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित किया है कि किसानों और दूध उत्पादन से जुड़े लोगों का पूरा ध्यान रखा जाए. उन्होंने साफ कहा कि “किसानों को डरने की जरूरत नहीं है.”

अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे किसानों को गुमराह कर रहे हैं. शाह ने कहा कि यह कहना गलत है कि इन समझौतों से डेयरी उद्योग खत्म हो जाएगा. उनके अनुसार, सरकार ने ऐसे नियम बनाए हैं जिससे भारतीय दूध और डेयरी उत्पाद सुरक्षित रहें.

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट क्या होता है?

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का मतलब है कि दो या अधिक देश आपस में व्यापार को आसान बनाते हैं. इससे सामान खरीदना और बेचना सरल हो जाता है. टैक्स कम होते हैं और व्यापार बढ़ता है. सरकार का कहना है कि इन समझौतों से भारत के किसानों को अपने अनाज, फल, सब्जियां और मछली जैसे उत्पाद विदेशों में बेचने का मौका मिलेगा.

अमित शाह ने कहा कि इन समझौतों से भारत के कृषि और मत्स्य उत्पादों के लिए दुनिया के बाजार खुल गए हैं. इसका मतलब है कि हमारे किसान अपनी फसल दूसरे देशों में बेच सकेंगे. इससे उनकी कमाई बढ़ सकती है.

डेयरी उद्योग पर क्या असर होगा?

भारत दुनिया में दूध उत्पादन में आगे है. इसलिए लोगों को चिंता थी कि विदेशी कंपनियां भारत में आकर नुकसान पहुंचा सकती हैं. लेकिन अमित शाह ने कहा कि सरकार ने डेयरी उद्योग की पूरी सुरक्षा की है. उन्होंने कहा कि यह समझौते डेयरी को आगे बढ़ाने के लिए हैं, न कि उसे नुकसान पहुंचाने के लिए.

सरकार का कहना है कि भारतीय किसानों और डेयरी से जुड़े लोगों के हित सबसे पहले हैं. इन समझौतों में ऐसे प्रावधान किए गए हैं जिससे देश के छोटे और मध्यम किसानों को कोई हानि न हो.

सरकार का भरोसा

अमित शाह ने अपने भाषण में बार-बार कहा कि किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि ये समझौते भारत के लिए नए अवसर लेकर आएंगे. इससे भारत का सामान दुनिया के कई देशों में आसानी से पहुंच सकेगा. सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.

अंत में, अमित शाह ने कहा कि इन व्यापार समझौतों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सरकार पर भरोसा रखें. सरकार का दावा है कि ये समझौते देश के किसानों, डेयरी उद्योग और कृषि क्षेत्र के लिए फायदेमंद साबित होंगे.

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