शिवराज सिंह चौहान भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां थमने का नाम नहीं ले रही है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार इस डील से किसानों और मछुआरों को होने वाले नुकसान की बात कह रहे हैं, तो वहीं सरकार की ओर से लगातार उनके आरोपों को नकारा जा रहा है. इस बीच आज फिर से राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ट्रेड डील को लेकर कई सवाल पूछे हैं, जिसे लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उसका जवाब देते हुए उन्हें झूठा बताया है, और सवाल को तथ्यहीन बताया है.
शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी द्वारा पूछे गए सवालों पर कहा कि मैं साफ शब्दों में कहना चाहता हूं कि अमेरिका के साथ हुई किसी भी डील में GM (Genetically Modified) उत्पादों को कोई अनुमति नहीं दी गई है. DDGS को लेकर भी राहुल गांधी ने तथ्यहीन बातें फैलाने की कोशिश की, लेकिन सच्चाई सामने है.
राहुल गांधी नकारात्मक और भ्रम फैलाने वाली राजनीति करते हुए आपको शर्म आनी चाहिए. आपके पास न तथ्य है और न ही देश हित की समझ. मुझे तो ये समझ नहीं आता कि MSP पर आप और कांग्रेस किस मुंह से बात कर रहे हैं. याद कीजिए- स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के तहत फसलों की लागत का डेढ़ गुना MSP देने की बात आपने लागू नहीं की और उल्टा संसद में कहा कि इससे मार्केट विकृत हो जाएगा.
PM मोदी के नेतृत्व में हमारी किसान हितैषी सरकार ने MSP लागू की और किसानों से कई गुना अधिक खरीद भी सुनिश्चित की है, जो लगातार जारी है. देश समझ चुका है कि कांग्रेस का चरित्र पूरी तरह किसान विरोधी है, चाहे सत्ता में रहे या फिर विपक्ष में.
1. DDG import करने का वास्तव में क्या मतलब है? क्या इसका मतलब यह है कि भारतीय मवेशियों को GM अमेरिकी मक्का से बने distillers grain खिलाए जाएंगे? क्या इससे हमारे दूध उत्पाद प्रभावी रूप से अमेरिकी कृषि उद्योग पर निर्भर नहीं हो जाएंगे?
2. अगर हम GM सोया तेल के आयात की अनुमति देते हैं, तो मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और देशभर के हमारे सोया किसानों का क्या होगा? वे एक और कीमतों का झटका कैसे झेल पाएंगे?
3. जब आप “additional products” कहते हैं, तो उसमें क्या-क्या शामिल है? क्या यह समय के साथ दाल और अन्य फसलों को अमेरिकी आयात के लिए खोलने के दबाव का संकेत है?
4. “Non-trade barriers” हटाने का क्या मतलब है? क्या भविष्य में भारत पर GM फसलों पर अपने रुख को ढीला करने, procurement को कमजोर करने या MSP और bonuses को कम करने का दबाव डाला जाएगा?
5. एक बार यह दरवाज़ा खुल गया, तो हर साल इसे और ज्यादा खुलने से हम कैसे रोकेंगे? क्या इसकी रोकथाम होगी, या हर बार सौदे में धीरे-धीरे और भी फसलों को मेज़ पर रख दिया जाएगा?
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