India-US Trade Deal को लेकर SKM का बड़ा ऐलान, राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की यह अपील

India-US Trade Deal को लेकर SKM का बड़ा ऐलान, राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की यह अपील

संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को किसानों के खिलाफ बताते हुए बड़ा मोर्चा खोल दिया है. SKM ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग के साथ देशभर में जनसभाओं का ऐलान किया है.

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India-US Trade Deal को लेकर SKM का बड़ा ऐलान, राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की यह अपीलकिसान संगठनों ने इंडिया-US ट्रेड डील साइन न करने की मांग उठाई (Photo: ITG)

नई दिल्ली में किसान संगठनों के संयुक्त मंच संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. मोर्चे ने आरोप लगाया है कि यह समझौता किसानों के हितों के खिलाफ है और इससे देश की कृषि और डेयरी अर्थव्यवस्था पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) का दबदबा बढ़ेगा. इसी आशंका के चलते एसकेएम ने इस करार को पूरी तरह रद्द करने की मांग की है. ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद जारी बयान में एसकेएम ने राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से हस्तक्षेप की अपील की. 

राष्‍ट्रपति से की यह मांग

संगठन ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि वह पीएम नरेंद्र मोदी को इस समझौते पर हस्ताक्षर न करने के लिए कहें. किसान संगठनों का कहना है कि अगर यह डील लागू होती है तो देश की खाद्य सुरक्षा, किसानों की आय और राज्यों के अधिकारों पर गंभीर असर पड़ेगा. एसकेएम ने ऐलान किया है कि बजट सत्र के दोबारा शुरू होने से पहले देशभर में जनसभाएं आयोजित की जाएंगी.

बैठकों में ट्रेड डील के असर पर होगी चर्चा 

इन बैठकों में किसानों के बीच इस व्यापार समझौते के संभावित प्रभावों पर चर्चा होगी और राष्ट्रपति के नाम एक खुला पत्र पारित कर भेजा जाएगा. संगठन ने वाणिज्य मंत्री पर भी तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि कृषि और डेयरी क्षेत्रों को विदेशी कंपनियों के लिए खोलकर आत्मनिर्भरता और संप्रभुता से समझौता किया जा रहा है.

गेहूं-धान बोनस पर केंद्र की चिट्ठी पर आपत्ति

संगठन ने वित्त मंत्रालय की एक हालिया चिट्ठी पर भी आपत्ति जताई है, जिसमें केरल सरकार से गेहूं और धान पर दिए जा रहे बोनस की समीक्षा कर उसे बंद करने पर विचार करने को कहा गया था. एसकेएम ने मांग की कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस पत्र को तुरंत वापस लें. किसान नेताओं ने कहा कि यह कदम राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता पर हमला है और किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम दिलाने के अधिकार को कमजोर करता है.

सीएम-नेता प्रतिपक्ष से बात करेंगे SKM के प्रतिनिधमंडल

एसकेएम ने यह भी घोषणा की कि 27 फरवरी को या उसके बाद किसी उपयुक्त तारीख पर संगठन के राज्य समन्वय समिति के प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष से मुलाकात करेंगे. इन बैठकों में न केवल भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध दर्ज कराया जाएगा, बल्कि राज्यों के संघीय अधिकारों की रक्षा और किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग भी रखी जाएगी. संयुक्त किसान मोर्चा ने संकेत दिया है कि अगर सरकार ने किसानों की आशंकाओं को नजरअंदाज किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन तेज होगा.

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