आरएलएलडी नेता जयंत चौधरीउत्तर प्रदेश के सहारनपुर में राष्ट्रीय लोकदल (RLD) की स्वाभिमान रैली गुरुवार को राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का बड़ा मंच बन गई. केंद्रीय मंत्री और आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी पहली बार अपनी पत्नी चारू चौधरी और बेटी सायरा के साथ रैली में पहुंचे. परिवार की मौजूदगी और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ ने कार्यक्रम को खास बना दिया. रैली स्थल पर हजारों समर्थकों का हुजूम उमड़ा और जयंत चौधरी के स्वागत में जमकर नारेबाजी हुई.
चारू चौधरी लाल रंग की काले बॉर्डर वाली साड़ी में नजर आईं, जबकि उनकी बेटी सायरा गुलाबी और नारंगी रंग के सूट में दिखाई दीं. जयंत चौधरी के मंच पर पहुंचते ही समर्थकों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया. पूरे परिसर में स्वागत गीत और आरएलडी समर्थकों के नारों की गूंज सुनाई दी.
रैली को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल बनते ही राजनीतिक भाषा का स्तर गिरने लगता है और गाली-गलौज शुरू हो जाती है, लेकिन इसका जवाब जनता सही समय पर देगी.
इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुलकर प्रशंसा की. जयंत ने कहा कि सत्ता और व्यवस्था के खिलाफ खड़े होने वालों के लिए मुख्यमंत्री योगी बेहद सख्त हैं, लेकिन किसानों के प्रति उनका रवैया बेहद संवेदनशील है. उन्होंने कहा कि जब किसान प्रतिनिधि गन्ने के दाम और कृषि से जुड़े मुद्दे लेकर मुख्यमंत्री के पास जाते हैं तो योगी आदित्यनाथ खुद को किसान बताते हुए उनकी बात गंभीरता से सुनते हैं.
जयंत चौधरी ने मंच से एनडीए को राष्ट्रवादी गठबंधन करार दिया. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की राजनीतिक सोच ने इस गठबंधन को मजबूती दी. उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार नए-नए राजनीतिक समीकरण बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन एनडीए की राष्ट्रवादी पहचान कायम रहेगी.
उन्होंने कहा कि आरएलडी और बीजेपी का गठबंधन केवल राजनीतिक समझौता नहीं बल्कि विश्वास और पारस्परिक सम्मान पर आधारित साझेदारी है.
रैली के दौरान जयंत चौधरी ने गन्ना किसानों के मुद्दे को केंद्र में रखा. उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में गन्ना उत्पादन करीब 1400 लाख टन से बढ़कर 2400 लाख टन तक पहुंच चुका है. इसके साथ ही गन्ना किसानों के खातों में लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है.
उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब 50 लाख गन्ना किसानों की मेहनत प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और उनकी अनदेखी नहीं की जा सकती. जयंत ने विपक्षी नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि चीनी और मिठाइयों की बढ़ती कीमतों पर बहस होती है, लेकिन किसानों की लागत और आय पर पर्याप्त चर्चा नहीं होती.
उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का नाम लेते हुए कहा कि यदि किसान हितों की बात करनी है तो गन्ने के उचित मूल्य को लेकर खुलकर अपनी मांग रखनी चाहिए.
जयंत चौधरी ने गन्ना नियंत्रण आदेश (Sugarcane Control Order) के प्रस्तावित मसौदे का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मसौदे में कोल्हू और खांडसारी इकाइयों पर कई शर्तें लगाने का प्रस्ताव था, जिससे किसानों को नुकसान हो सकता था.
उन्होंने बताया कि किसानों और किसान संगठनों की ओर से बड़ी संख्या में सुझाव भेजे गए थे. इन सुझावों को प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाया गया, जिसके बाद प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली और उसे वापस लेना पड़ा. जयंत ने इसे किसानों की सामूहिक ताकत और लोकतांत्रिक भागीदारी की जीत बताया.
जयंत चौधरी ने कहा कि भविष्य में इथेनॉल और कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) किसानों की आय बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे. उन्होंने कहा कि मक्का, धान और गन्ने जैसी फसलों से इथेनॉल उत्पादन बढ़ने पर किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा और देश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा.
उन्होंने इसे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला कदम बताया.
रैली में जयंत चौधरी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बढ़ते नशे पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखकर शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता से जोड़ना समय की सबसे बड़ी जरूरत है.
उन्होंने कहा कि हर युवा का भविष्य केवल खेती तक सीमित नहीं होना चाहिए. नई पीढ़ी को स्टार्टअप, उद्योग और आधुनिक रोजगार के अवसरों से जोड़ना जरूरी है ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके.
रैली के बाद पत्रकारों से बातचीत में जयंत चौधरी ने दावा किया कि 320 बीघे का पूरा परिसर लोगों से भर गया था. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जुटना एनडीए के लिए सकारात्मक संदेश है.
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति की तारीफ करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है. बेहतर माहौल बनने से प्रदेश में उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं.
जयंत चौधरी ने कहा कि सहारनपुर से स्वाभिमान रैली की शुरुआत बेहद महत्वपूर्ण है और मंच पर बीजेपी नेताओं की मौजूदगी आरएलडी और बीजेपी के बीच मजबूत संबंधों और आपसी सम्मान का प्रतीक है.
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