KTR का अल्टीमेटमBRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (KTR) ने नागार्जुन सागर लेफ्ट कैनाल में पानी छोड़ने को लेकर तेलंगाना सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार 14 सितंबर तक पानी छोड़ने का साफ शेड्यूल जारी नहीं करती है, तो वह हजारों किसानों के साथ कोडाड से हालिया तक पदयात्रा करेंगे. KTR ने किसानों के महा-धरने को संबोधित करते हुए कहा कि नागार्जुन सागर जलाशय में करीब 180 TMC पानी उपलब्ध है. इसके बावजूद लेफ्ट कैनाल में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है. इससे इस नहर पर निर्भर किसान अपनी फसलों को लेकर परेशान हैं और उन्हें सिंचाई के लिए पानी मिलने की चिंता सता रही है.
KTR ने कहा कि सरकार को तुरंत यह बताना चाहिए कि लेफ्ट कैनाल में कब पानी छोड़ा जाएगा और किसानों को सिंचाई के लिए कितनी बार पानी मिलेगा. KTR के मुताबिक, किसानों को पानी की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की अनिश्चितता नहीं होनी चाहिए. KTR ने इस दौरान वर्ष 2003 के आंदोलन को भी याद किया. उन्होंने बताया कि उस समय K. चंद्रशेखर राव (KCR) ने किसानों की पानी की समस्या को लेकर कोडाड से हालिया तक पदयात्रा की थी. इस आंदोलन के बाद सरकार पर किसानों की मांगों पर ध्यान देने का दबाव बना था.
केटी रामा राव ने कहा कि उसी आंदोलन से प्रेरणा लेते हुए वह भी किसानों के लिए सड़क पर उतरने को तैयार हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि BRS सरकार के समय नागार्जुन सागर क्षेत्र में खेती को बढ़ावा मिला था, लेकिन अब किसान पानी की कमी से परेशान हैं. उन्होंने कहा कि नागार्जुन सागर लेफ्ट कैनाल के कमांड एरिया में आने वाले किसानों को यह भी पता नहीं है कि उनकी फसलों के लिए पानी कब और कितना मिलेगा. ऐसे में सरकार को बिना देरी किए पानी छोड़ने का पूरा कार्यक्रम जारी करना चाहिए.
KTR ने कांग्रेस सरकार पर किसानों से किए गए चुनावी वादे पूरे नहीं करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कर्ज माफी, आर्थिक मदद और फसल बोनस जैसे कई वादे अब तक पूरे नहीं किए गए हैं. KTR ने साफ कहा कि अगर 14 सितंबर तक पानी छोड़ने का शेड्यूल जारी नहीं किया गया, तो वह हजारों किसानों के साथ पदयात्रा करेंगे. उन्होंने कहा कि BRS का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक किसानों के लिए पानी नहीं छोड़ा जाता और उनके हितों की रक्षा नहीं होती. (इनपुट- अब्दुल)
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