पंजाब के किसान एक बार फिर गुस्साए हुए हैं. मुफ्त बिजली सप्लाई वाले पंजाब राज्य में किसान पावर कट से परेशान हैं. गुरुवार को किसानों ने दोराहा में बिजली विभाग के ऑफिस में जमकर हंगामा किया. इन किसानों ने आरोप लगाया है कि उनके घरों पर आठ घंटे तक बिजली की सप्लाई नहीं हो रही है. उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए. इन किसानों ने धमकी भी दी है कि अगर यह मसला नहीं सुलझा तो फिर वो सड़कों पर उतरेंगे.
प्रदर्शनकारी किसानों ने बिजली विभाग के ऑफिस में ही ताला लगा दिया. किसान नेता सुखबीर सिंह गुरजीत सिंह ने कहा है कि दोराहा के किसानों को खैरा और रामपुर फीडर्स से बिजली नहीं मिल रही है. उन्होंने कहा कि उन्हें दिन में चार से पांच घंटे ही बिजली मिलती है और आरोप लगाया कि सिस्टम में खराबी आने पर कोई रिकवरी नहीं होती. किसान नेताओं ने दावा किया है कि कुछ दिन पहले उन्होंने पीएसपीसीएल के कार्यकारी अभियंता से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था.
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किसानों की मानें तो उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि समस्या का समाधान कर दिया जाएगा, लेकिन फिर भी कुछ नहीं हुआ. कटाना साहिब, रामपुर, महदूदन, खैरा समेत बाकी गांवों के किसानों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया. पीएसपीसीएल के एक अधिकारी ने बताया कि पटियाला से मिले निर्देश के अनुसार बिजली कटौती की जा रही है. लेकिन उन्होंने यह मानने से इनकार कर दिया कि कटौती आठ घंटे की है. उन्होंने बताया कि आठ घंटे की कटौती की जगह निर्देशानुसार बिजली आपूर्ति की जा रही है. उनकी मानें तो उन्होंने इस मामले की सूचना पीएसपीसीएल मुख्यालय को दे दी है.
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पिछले महीने ही मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा था कि राज्य सरकार धान के मौसम के दौरान किसानों को बिना रुकावट बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. अधिकारियों के साथ हुई एक मीटिंग में सीएम ने साफ कहा था कि राज्य सरकार बुवाई के मौसम के दौरान कम से कम आठ घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगी. साथ ही पीएसपीसीएल और पीएसटीसीएल को जरूरी निर्देश जारी किए गए थे.
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