बिजली कटौती पर एक्शन में सीएम योगीउत्तर प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रदेश में बिना कटौती बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को बेहतर, भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना सरकार की पहली प्राथमिकता है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बढ़ती मांग को देखते हुए बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाई जाए और सभी उत्पादन इकाइयों को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाए. साथ ही ट्रांसमिशन नेटवर्क को और मजबूत बनाने, फीडरवार निगरानी बढ़ाने और बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का समय पर समाधान करने के निर्देश भी दिए है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में बिजली व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं. वहीं, अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में बिजली की पीक मांग 30,339 मेगावाट तक पहुंच चुकी है. इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में बिजली आपूर्ति प्रभावित नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में बढ़ती मांग को देखते हुए पहले से बेहतर तैयारी की जाए ताकि उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना न करना पड़े.
मुख्यमंत्री ने बिजली बिलिंग और राजस्व संग्रह प्रणाली में सुधार लाने के निर्देश भी दिए. स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय पर और सही बिल उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि उपभोक्ता संतुष्टि सरकार की प्राथमिकता है. साथ ही ऊर्जा मंत्री और राज्य मंत्री को बिजली हेल्पलाइन कॉल सेंटर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए.
आंधी, तूफान और अन्य आपात स्थितियों में बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने के लिए त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय रखने पर भी मुख्यमंत्री ने विशेष बल दिया है. उन्होंने कहा कि आम जनता को बिजली आपूर्ति और शिकायत निस्तारण से जुड़ी सही और समय पर जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए.
हालांकि, मुख्यमंत्री के इन निर्देशों के बीच विपक्ष ने सरकार के दावों पर सवाल भी उठाए हैं. समाजवादी का आरोप है कि प्रदेश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी अघोषित बिजली कटौती की शिकायतें मिल रही हैं और जमीनी स्तर पर हालात सरकारी दावों से अलग हैं. वहीं, बहुजन समाजवादी पार्टी ने बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने के लिए और प्रभावी कदमों की जरूरत है. दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी ने बढ़ते बिजली बिल, स्मार्ट मीटर और ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति की स्थिति को लेकर सरकार की आलोचना की है.
इसके बावजूद राज्य सरकार का दावा है कि प्रदेश में बिजली व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है और आने वाले समय में उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था में सुधार के जरिए उपभोक्ताओं को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
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