मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डीतेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी सिंचाई के पानी को लेकर दिए गए एक बयान के बाद विवादों में घिर गए हैं. विपक्षी पार्टी भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने उनके बयान को किसानों के प्रति असंवेदनशील बताते हुए कड़ी आलोचना की है और बिना शर्त माफी की मांग की है. दरअसल, मीडिया से बातचीत के दौरान एक पत्रकार ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि अगर राज्य में सूखे जैसे हालात बनते हैं और किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलता, तो वे खेती कैसे करेंगे. इस पर जवाब देते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा, इसमें क्या है? उन्हें काटो और उनका खून खेतों में छिड़क दो, फसलें उग आएंगी. मुख्यमंत्री के इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया.
यह पूरा मामला कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है. बीआरएस का आरोप है कि सरकार को कन्नेपल्ली पंप हाउस से किसानों के लिए सिंचाई का पानी छोड़ना चाहिए. पार्टी का कहना है कि राज्य के कई इलाकों में किसानों को पानी की जरूरत है और सरकार को इस दिशा में तुरंत कदम उठाने चाहिए. वहीं, रेवंत रेड्डी सरकार का कहना है कि वह नेशनल डैम सेफ्टी अथॉरिटी (NDSA) की सिफारिशों का पालन कर रही है. अथॉरिटी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कालेश्वरम परियोजना के बैराजों में फिलहाल पानी जमा नहीं करने की सलाह दी है. सरकार का कहना है कि किसानों की सुरक्षा और परियोजना की मजबूती को ध्यान में रखते हुए ही फैसले लिए जा रहे हैं.
मुख्यमंत्री के बयान पर बीआरएस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव और वरिष्ठ नेता और पूर्व सिंचाई मंत्री टी. हरीश राव ने इसे किसानों का अपमान बताया है. उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय मुख्यमंत्री इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो उचित नहीं है.
टी. हरीश राव ने कहा कि उन्होंने सरकार से किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की मांग की थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने पानी की जगह खून की बात की. उन्होंने कहा कि अगर किसानों को पानी देने की कीमत हमारा खून है, तो हम उसके लिए भी तैयार हैं, हम ऐसे लोग नहीं हैं जो ऐसा करने से हिचकिचाएंगे. लेकिन किसानों को पानी जरूर मिलना चाहिए. मुख्यमंत्री के बयान को लेकर अब तेलंगाना की राजनीति गरमा गई है. विपक्ष लगातार सरकार पर हमला बोल रहा है, जबकि राज्य में सिंचाई के पानी और कालेश्वरम परियोजना को लेकर बहस तेज हो गई है. आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक तूल पकड़ सकता है. (अब्दुल बशीर की रिपोर्ट)
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today