योगी सरकार का बड़ा फैसलाउत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए आसान और राहत देने वाला फैसला लिया है. अब प्रीपेड स्मार्ट मीटर पहले की तरह तुरंत पैसे काटने की जगह पोस्टपेड की तरह काम करेंगे. इसका मतलब है कि लोगों को हर महीने बिल मिलेगा और उसे भरने के लिए 15 दिन का समय मिलेगा.
पहले लोगों को प्रीपेड मीटर से काफी परेशानी होती थी, क्योंकि उन्हें पहले ही पैसे डालने पड़ते थे. अब यह दिक्कत कम हो जाएगी. साथ ही, 30 अप्रैल तक के पुराने बकाया बिल को भी 10 आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा दी गई है. इससे लाखों लोगों को सीधा फायदा होगा.
सरकार का यह फैसला सीधे तौर पर आम लोगों को राहत देने वाला है. पिछले कुछ समय से उपभोक्ताओं की यह शिकायत थी कि प्रीपेड मीटर में बैलेंस खत्म होते ही बिजली कट जाती है, जिससे अचानक परेशानी हो जाती है. अब नई व्यवस्था लागू होने से इस समस्या से काफी हद तक छुटकारा मिलेगा. ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि यह कदम उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है. उन्होंने कहा कि अब बिलिंग सिस्टम पहले से ज्यादा आसान होगा और लोगों को समय पर बिल की जानकारी मिलती रहेगी.
नई व्यवस्था के तहत हर महीने की पहली तारीख से आखिरी तारीख तक बिजली की खपत का हिसाब तैयार किया जाएगा. इसके बाद हर उपभोक्ता को 10 तारीख तक उसका बिल भेज दिया जाएगा. यह बिल एसएमएस और व्हाट्सऐप के जरिए सीधे मोबाइल पर मिलेगा, जिससे लोगों को कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सबसे बड़ी राहत यह है कि बिल मिलने के बाद भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा, यानी अब जल्दबाजी में रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं होगी.
अगर किसी कारण से समय पर बिल नहीं मिलता है, तो उपभोक्ता परेशान न हों. वे व्हाट्सऐप चैटबॉट पर अपना कनेक्शन नंबर भेजकर बिल प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा 1912 पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर भी बिल लिया जा सकता है. जिन लोगों ने अपना मोबाइल नंबर बदल लिया है, वे उसे अपडेट कराकर दोबारा बिल अलर्ट की सुविधा ले सकते हैं. साथ ही, सरकार ने पुराने बकाया को लेकर भी राहत दी है. 30 अप्रैल तक के बकाया बिल को अब 10 किस्तों में जमा किया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं पर एकमुश्त भुगतान का बोझ नहीं पड़ेगा.
जिन उपभोक्ताओं के यहां पहले पोस्टपेड से प्रीपेड मीटर लगाए गए थे और उनकी सिक्योरिटी राशि वापस कर दी गई थी, अब नई व्यवस्था में यह राशि फिर से ली जाएगी. हालांकि, इसे एक साथ नहीं बल्कि चार किस्तों में जमा कराया जाएगा, जिससे आर्थिक बोझ कम रहेगा. स्मार्ट मीटर और बिलिंग से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए मई और जून में खंड और उपखंड स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जहां उपभोक्ता सीधे अपनी शिकायत दर्ज कर सकेंगे. ऑनलाइन शिकायत की सुविधा भी जारी रहेगी.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल बिलिंग ही नहीं, बल्कि बिजली आपूर्ति भी बेहतर होनी चाहिए. अधिकारियों को तय समय के अनुसार बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. कहीं ट्रांसफॉर्मर खराब होने पर उसे तुरंत बदला जाएगा ताकि लोगों को परेशानी न हो. इस पर लगातार निगरानी रखी जाएगी. साथ ही, बिलिंग या बिजली से जुड़ी समस्याओं के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, ताकि उपभोक्ता आसानी से सहायता प्राप्त कर सकें.
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