कृषि में महिलाओं के योगदान पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी उद्घाटन 

कृषि में महिलाओं के योगदान पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी उद्घाटन 

कृषि में महिलाओं की भूमिका के लिए ‘कृषि-खाद्य श्रृंखला में महिलाओं की भागीदारी पर वैश्विक सम्मेलन (GCWAS–2026)’ आयोजित किया जा रहा है. इस सम्मेलन का उद्घाटन भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी.

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कृषि में महिलाओं के योगदान पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी उद्घाटन कृषि में महिलाओं का योगदान

कृषि में महिलाओं की भूमिका को पहचान देने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए ‘कृषि-खाद्य श्रृंखला में महिलाओं की भागीदारी पर वैश्विक सम्मेलन (GCWAS–2026)’ आयोजित किया जा रहा है. यह तीन दिन का कार्यक्रम 12 से 14 मार्च 2026 तक ICAR  सम्मेलन केन्द्र के भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम हॉल में होगा. इस सम्मेलन का उद्घाटन भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी. इस कार्यक्रम में कृषि और खाद्य क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका और उनके सशक्तिकरण पर चर्चा की जाएगी.

उद्घाटन सत्र में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे. वहीं, सम्मेलन के समापन सत्र में केंद्रीय महिला औरबाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी.

ये संस्थाएं मिलकर कर रही कार्यक्रम का आयोजन

यह खास कार्यक्रम, कृषि विज्ञान के विकास के लिए न्यास (TAAS), भारतीय कृषि अनुसंधान परिसर (ICAR), अंतर्राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान के लिए परामर्शदात्री समूह (CGIAR), और पादप किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण (PPV&FRA) ने मिलकर आयोजित किया है. इस सम्मेलन को काफी सहयोग मिला है, जिसमें 15 से ज़्यादा राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय संगठन सह-आयोजनकर्ता और ज्ञान साझेदार के तौर पर हिस्सा ले रहा है. साथ ही इतनी ही संख्या में ही प्रयोजक भी हैं. 

2026 महिला किसानों का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र ने 2026 को महिला किसानों का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष घोषित किया है. इसी मौके पर यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है. इसका विषय है “प्रगति को आगे बढ़ाते हुए, नई ऊंचाइयां प्राप्त करना”, जो महिला किसानों को आगे बढ़ाने के वैश्विक लक्ष्य से जुड़ा हुआ है. इस कार्यक्रम में भारत और दुनिया के कई देशों से वैज्ञानिक, नीति बनाने वाले विशेषज्ञ, उद्योग जगत के लोग, उद्यमी, महिला किसान, स्टार्टअप और छात्र शामिल होंगे. कुल मिलाकर 700 से ज्यादा लोगों के इसमें भाग लेने की उम्मीद है. 

इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य कृषि और खाद्य प्रणाली में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए नीतियों पर चर्चा करना, जरूरी व्यवस्था को मजबूत करना और टिकाऊ और समावेशी कृषि व्यवस्था बनाने में महिलाओं की अहम भूमिका को सामने लाना है. 

कई विशेषज्ञ और नेता अपने विचार करेंगे साझा

यह सम्मेलन मुख्य संरक्षक, डॉ. राज एस. परोदा, चेयरमैन, टीएएएस, संरक्षक डॉ. एम.एल. जाट, सचिव (डेयर) और महानिदेशक (भाकृअनुप), डॉ. इस्माहने एलौती, कार्यकारी प्रबंध निदेशक, सीजीआईएआर; डॉ. टी. महापात्रा, चेयरपर्सन, पीपीवी और एफआरए, के सम्मानित मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है. इस सम्मेलन की अध्यक्ष, डॉ. रेणु स्वरूप, कृषि सचिव, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार और सह-अध्यक्ष, डॉ. राजबीर सिंह, उप-महानिदेशक (कृषि विस्तार), आईसीएआर, होंगे.

इस सम्मेलन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई विशेषज्ञ और नेता अपने विचार साझा करेंगे. डॉ. एग्नेस कालीबाटा, संस्थापक एवं चेयर, कनेक्ट4इंपेक्ट (Connect4Impact), सलाहकार संगठन; डॉ. ब्रैम गोवार्ट्स, महानिदेशक, सिमिट; डॉ. सौम्या स्वामीनाथन, चेयरपर्सन, एमएसएसआरएफ; डॉ. शकुंतला एच. थिल्स्टेड, विश्व खाद्य पुरस्कार विजेता, डॉ. नित्या राव, निदेशक, एनआईएसडी, नॉर्विच, यूनाइटेड किंगडम, डॉ. निकोलिन डी हान, लैंगिक समानता और युवा प्रेरक मंच के निदेशक, आईएलआरआई, केन्या, के साथ-साथ कई अन्य वक्ता शामिल हैं. 

बदलाव के लिए खास कार्यक्रम

यह तीन दिन का सम्मेलन कई महत्वपूर्ण तकनीकी सत्रों के साथ आयोजित किया जाएगा. इसमें महिलाओं की भूमिका और उन्हें मजबूत बनाने से जुड़े अलग-अलग विषयों पर चर्चा होगी. इसकी मुख्य बातें इस तरह हैं:

महिला नेताओं से संवाद: इस सत्र में महिला लीडर और वैज्ञानिक अपनी प्रेरणादायक सफलता की कहानियां साझा करेंगी.

लैंगिक समानता पर जोर: खेती से जुड़ी नीतियों और संस्थाओं में महिलाओं की बराबर भागीदारी कैसे बढ़ाई जाए, इस पर चर्चा होगी.

आर्थिक रूप से मजबूत बनाना: कृषि की मूल्य श्रृंखला में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने के लिए उद्यमिता, वित्तीय मॉडल और बाजार से जुड़ने के तरीकों पर बात की जाएगी.

तकनीक से बदलाव: डिजिटल उपकरण, जलवायु के अनुकूल नई तकनीक और महिलाओं के लिए आसान तकनीकी समाधानों पर चर्चा होगी, जिससे उनकी मेहनत कम हो और उत्पादन. 

इस सम्मेलन में बनाए जाएंगे कुछ खास मंच

इस सम्मेलन में कुछ खास मंच भी बनाए जाएंगे. इनमें महिला किसान मंच होगा, जहां जमीनी स्तर पर महिलाओं को खेती में आने वाली समस्याओं पर चर्चा की जाएगी. इसके अलावा युवा मंच भी होगा, जिसमें कृषि-खाद्य क्षेत्र के युवाओं को जोड़ने और उनके बीच नेटवर्क बनाने का मौका मिलेगा. चर्चा के साथ-साथ एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी.  इसमें महिलाओं के लिए बनाई गई नई तकनीक, योजनाएं और कृषि से जुड़े समाधान दिखाए जाएंगे. साथ ही महिला उद्यमियों और स्टार्टअप्स को अपने नए उत्पाद और नवाचार दिखाने का मौका भी मिलेगा. 

इस सम्मेलन का उद्देश्य ऐसे व्यावहारिक सुझाव देना है, जिन्हें लागू किया जा सके. साथ ही दुनिया भर के अच्छे अनुभवों को साझा कर भविष्य के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करना भी इसका लक्ष्य है. उम्मीद है कि इससे महिलाओं से जुड़ी नीतियों, नई तकनीकों और समावेशी कृषि विकास को बढ़ावा मिलेगा. 

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