यूपी में किसानों को सिंचाई के लिए मिलेगा भरपूर पानी, योगी सरकार ने मंजूर किए 717 करोड़ रुपये

यूपी में किसानों को सिंचाई के लिए मिलेगा भरपूर पानी, योगी सरकार ने मंजूर किए 717 करोड़ रुपये

UP News: इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद उत्तर प्रदेश को कुल 3.721 बीसीएम (31.05 प्रतिशत) जल प्राप्त होगा. इस अतिरिक्त जल का उपयोग पूर्वी यमुना नहर प्रणाली और आगरा नहर प्रणाली के माध्यम से सिंचाई के लिए किया जाएगा. साथ ही इससे यमुना नदी में जल प्रवाह बढ़ेगा और नदी की तनुता में भी सुधार होगा.

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यूपी में किसानों को सिंचाई के लिए मिलेगा भरपूर पानी, योगी सरकार ने मंजूर किए 717 करोड़ रुपयेमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के किसानों को सिंचाई के लिए पानी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में निर्माणाधीन दो महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं में उत्तर प्रदेश की वित्तीय हिस्सेदारी को मंजूरी दी गई. कैबिनेट ने लखवार मल्टीपरपज प्रोजेक्ट और रेणुकाजी डैम प्रोजेक्ट के लिए राज्य के हिस्से की धनराशि खर्च करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की.

लखवार बहुउद्देशीय परियोजना

योगी कैबिनेट ने उत्तराखंड के देहरादून और टिहरी गढ़वाल जिले के लोहारी गांव के पास यमुना नदी पर निर्माणाधीन लखवार बहुउद्देशीय परियोजना में उत्तर प्रदेश के हिस्से के रूप में 356.07 करोड़ रुपये खर्च करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इस परियोजना की पुनरीक्षित लागत 5747.17 करोड़ रुपये (प्राइस लेवल 2018) है. परियोजना के तहत 204 मीटर ऊंचा बांध, 300 मेगावाट क्षमता का भूमिगत बिजलीघर और एक बैराज के साथ संतुलन जलाशय (Balancing Reservoir) का निर्माण किया जा रहा है.

इस परियोजना में लाभार्थी राज्यों द्वारा वहन की जाने वाली कुल लागत 1146.69 करोड़ रुपये है, जिसमें उत्तर प्रदेश का जल उपभोग शेयर 31.05 प्रतिशत है. इस परियोजना से हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित लाभार्थी राज्यों के लगभग 33,780 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही घरेलू और औद्योगिक उपयोग के लिए 78.83 एमसीएम जल तथा 300 मेगावाट (572.54 मिलियन यूनिट) आकस्मिक विद्युत उत्पादन का भी प्रावधान है. इस परियोजना को वर्ष 2008 में राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया था और इसे दिसंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

रेणुकाजी बांध परियोजना

कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में गिरी नदी पर निर्माणाधीन रेणुकाजी बांध परियोजना में भी उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी के रूप में 361.04 करोड़ रुपये खर्च करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इस परियोजना की कुल लागत 6946.99 करोड़ रुपये (प्राइस लेवल 2018) है, जबकि जल घटक की लागत 6647.46 करोड़ रुपये है. इस परियोजना के तहत 148 मीटर ऊंचा और 430 मीटर लंबा बांध बनाया जा रहा है, जिसकी कुल जल संचयन क्षमता 498 एमसीएम और लाइव स्टोरेज क्षमता 330 एमसीएम होगी.

इसके अलावा परियोजना से 40 मेगावाट बिजली उत्पादन भी प्रस्तावित है. लाभार्थी राज्यों द्वारा वहन की जाने वाली कुल लागत 1162.66 करोड़ रुपये है, जिसमें उत्तर प्रदेश का जल उपभोग शेयर 31.05 प्रतिशत है. इस परियोजना के माध्यम से संग्रहित जल का उपयोग हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों में सिंचाई के लिए किया जाएगा. इस परियोजना को वर्ष 2009 में राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया था और इसे दिसंबर 2032 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

उत्तर प्रदेश को मिलेगा अतिरिक्त जल

इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद उत्तर प्रदेश को कुल 3.721 बीसीएम (31.05 प्रतिशत) जल प्राप्त होगा. इस अतिरिक्त जल का उपयोग पूर्वी यमुना नहर प्रणाली और आगरा नहर प्रणाली के माध्यम से सिंचाई के लिए किया जाएगा. साथ ही इससे यमुना नदी में जल प्रवाह बढ़ेगा और नदी की तनुता में भी सुधार होगा.

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