Mustard Honey Export: पहली बार दुबई पहुंचा त्रिपुरा का सरसों शहद, APEDA ने की बड़ी मदद

Mustard Honey Export: पहली बार दुबई पहुंचा त्रिपुरा का सरसों शहद, APEDA ने की बड़ी मदद

APEDA की मदद से त्रिपुरा के डेरगांग किसान उत्पादक संगठन (Dergang FPO) ने पहली बार 1 मीट्रिक टन सरसों के शहद का दुबई निर्यात किया है. इस उपलब्धि से राज्य के मधुमक्खी पालकों और किसानों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार के नए अवसर खुलेंगे.

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पहली बार दुबई पहुंचा त्रिपुरा का सरसों शहद, APEDA ने की बड़ी मददएपीडा ने की एक्‍सपोर्ट में मदद (सांकेतिक तस्वीर)

त्रिपुरा के लिए कृषि निर्यात के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि दर्ज हुई है. कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) की मदद से राज्य के डेरगांग किसान उत्पादक संगठन (Dergang FPO) ने पहली बार 1 मीट्रिक टन सरसों के शहद (मस्टर्ड हनी) की खेप दुबई भेजी है. यह पहली बार है जब इस क्षेत्र का सरसों शहद अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचा है. इस निर्यात के साथ त्रिपुरा के मधुमक्खी पालकों और किसानों के लिए विदेशी बाजारों के दरवाजे खुलने की उम्मीद है. संगठित तरीके से निर्यात होने से स्थानीय उत्पादकों को बेहतर बाजार मिलने के साथ अपनी उपज का अधिक मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी. इससे शहद उत्पादन को क्‍वालिटी आधारित और निर्यात केंद्रित बनाने को भी बढ़ावा मिलेगा.

FPO मॉडल से मजबूत होगी वैल्यू चेन

APEDA का कहना है कि इससे राज्य के अन्य किसान उत्पादक संगठन (FPO) और किसान भी वैल्‍यू एडिशन, क्‍वालिटी सुधार और निर्यात आधारित उत्पादन की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित होंगे. इससे पूर्वोत्तर क्षेत्र में कृषि निर्यात की संभावनाओं को भी मजबूती मिलेगी.

इस पहल में मेसर्स सॉल्‍ट रेंज फूड्स प्राइवेट ल‍िमिटेड ने डेरगांग FPO के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. कंपनी ने मधुमक्खी पालन को मजबूत करने, निर्यात योग्य शहद की सप्‍लाई चेन विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने में मदद की. इस साझेदारी के जरिए किसानों को निर्यात मूल्य श्रृंखला से जोड़ने का अवसर मिला है.

कृषि मंत्री ने बताया बड़ी उपलब्धि

वहीं, त्रिपुरा के कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने कहा कि डेरगांग FPO द्वारा पहली बार सरसों के शहद का निर्यात राज्य के किसानों और मधुमक्खी पालकों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि त्रिपुरा के कृषि और जैविक उत्पाद वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना सकते हैं. राज्य सरकार मधुमक्खी पालन, जैविक खेती और किसान उत्पादक संगठनों को बड़े बाजारों से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है.

शहद की इस पहली निर्यात खेप को कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने रवाना किया. इस अवसर पर कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के सचिव अपूर्व रॉय, IFOAM ऑर्गेनिक्स एशिया की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर जेनिफर चांग, APEDA के अधिकारी, निर्यातक, लॉजिस्टिक्स साझेदार और क्षेत्र के प्रगतिशील मधुमक्खी पालक भी मौजूद रहे.

पूर्वोत्तर से कृषि निर्यात बढ़ाने पर जोर

APEDA ने कहा कि वह राज्य सरकारों, FPO, निर्यातकों और अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर पूर्वोत्तर क्षेत्र से कृषि निर्यात बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहा है. बाजार से जोड़ने, क्षमता निर्माण, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्यात सुविधा उपलब्ध कराने जैसी पहल के जरिए किसानों के लिए स्थायी बाजार तैयार करने और भारतीय कृषि उत्पादों की वैश्विक पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है.

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