किसान कारवांशारदा, घाघरा, गोमती, सरयू सहित कई नदियों की धाराओं की गोद और हिमालय के आधार पर तराई के भीतर बसे जिला लखीमपुर खीरी में किसान कारवां पहुंचा. अपनी उपजाऊ मिट्टी और परंपरागत फसलों के साथ आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ाते इस जिले में किसान तक का किसान कारवां, यूपी के 75 जनपदों की यात्रा का 60वां पड़ाव रहा. 59 जिलों की यात्रा सम्पन्न करने के बाद, जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर धौरहरा ब्लॉक के जंगलवाली पहाड़ियापुर गांव पहुंचने पर किसान कारवां को लेकर ग्रामीणों के बीच एक अलग ही उत्साह देखने को मिला. वहीं, कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में हो रहे बदलाव तथा सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को लेकर केवीके, कृषि विभाग एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किसानों को जानकारी दी गई. इसमें मुख्य रूप से बदलते जलवायु परिदृश्य में आधुनिक तकनीकों के जरिए खेती कर किसानों की आय दोगुनी से तिगुनी करने के उपाय बताए गए और उद्योग आधारित कृषि अपनाने की सलाह दी गई.
भारत की सबसे बड़ी चीनी मिलों में से एक, गोला गोकर्णनाथ चीनी मिल के बदौलत लखीमपुर खीरी जिले की पहचान चीनी का कटोरा के तौरपर हो रहा है. गन्ना की खेती, परंपरागत फसलों की तुलना में आय का बेहतर जरिया बना चुक है. हालांकि, बीते कुछ वर्षों में मेंथॉल (पुदीना) की खेती का विस्तार जिले में तेजी से हुआ है. वहीं, जनपद के जंगलवाली पहाड़ियापुर गांव में आयोजित किसान कारवां कार्यक्रम में केवल कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी ही शामिल नहीं रहे, बल्कि उर्वरक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाले इफ्फको और धनुका के प्रतिनिधियों ने भी किसानों को उर्वरकों के सही उपयोग के साथ अपने विभिन्न उत्पादों की जानकारी दी. कार्यक्रम के दौरान किसानों के मनोरंजन के लिए सलमान जादूगर ने अपने जादू के माध्यम से खेती और पशुपालन से जुड़ी जानकारियां रोचक ढंग से प्रस्तुत कीं. इसके अलावा, 12 किसानों को लकी ड्रॉ के माध्यम से नकद राशि भी वितरित की गई.
पहले चरण में लखीमपुर खीरी जनपद के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार सचान ने किसानों को सरकार द्वारा दी जा रही देसी पशुओं के लिए मिनी नंदिनी गौ संवर्धन योजना और नंदिनी गौ संवर्धन योजना से जुड़ी योजनाओं के बारे में जानकारी दी.इसके साथ ही गौशाला से गाय लेने पर मिलने वाली योजना के बारे में किसानों को विस्तार से जानकारी दी. इसके साथ ही उन्होंने किसानों को पशु एम्बुलेंस 1962 टोल-फ्री की जानकारी देते हुए कहा कि किसान फोन करके अपने पशुओं का इलाज करवा सकते हैं. उन्होंने कहा कि मात्र ₹5 में किसान घर बैठे अपने पशु का इलाज करवा सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से पशुओं की आपातकालीन स्थिति के लिए शुरू की गई है.
दूसरे चरण में इफको लखीमपुर खीरी के क्षेत्रीय प्रबंधक विवेक चौधरी ने कहा कि खेतों की उर्वरा शक्ति अब खत्म हो रही है, इसके लिए अब किसानों को अपनी खेती में बदलाव करना होगा, साथ ही उर्वरकों का सही उपयोग भी करना होगा. साथ ही उन्होंने किसान बीमा के बारे में बताया और कहा कि बीमा कंपनी दो लाख रुपए तक का बीमा देती है. इसके साथ ही उन्होंने किसानों को नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, नैनो जिंक सहित अन्य उत्पादों के बारे में विस्तार से बताया.
तीसरे चरण में इफको एमसी के प्रतिनिधि रवि त्रिवेदी ने इफको एमसी से जुड़े हुए उत्पादों के बारे में किसानों को विस्तार से बताया. उन्होंने फसल सुरक्षा इफको एमसी के उत्पादों से कैसे की जा सकती है, इसके विभिन्न उत्पादों के बारे में भी किसानों को जानकारी दी. आगे उन्होंने किसानों को माइकोजिन का प्रयोग कैसे करना है और इसके प्रयोग से फसल को कितना फायदा मिलेगा, इसके बारे में भी जानकारी दी. साथ ही उन्होंने किसानों को शीरासागी, ससागे सहित अन्य उत्पादों के बारे में भी जानकारी दी.
चौथे चरण में धानुका के प्रतिनिधि अनुज सिंह तोमर ने कंपनी के 90 उत्पादों के बारे में विस्तार से बताया. इसके साथ ही उन्होंने किसानों को धानुका के कोनिका, सेम्प्रा सहित अन्य उत्पादों का धान, गेहूं, गन्ना सहित अन्य फसलों में उपयोग कैसे करें, इसको लेकर किसानों को जानकारी दी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि धानुका के सभी उत्पादों पर बारकोड लगा रहता है, जिससे उत्पादों से जुड़ी पूरी जानकारी हासिल की जा सकती है.
पांचवें चरण में कृषि विभाग के एडीओ एजी चेतराम ने किसानों को कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी. इसके साथ ही उन्होंने किसान रजिस्ट्रेशन की जानकारी दी और इसके महत्व के बारे में भी बताया. इसके साथ ही उन्होंने किसानों को बीजों के वितरण से जुड़ी सरकार द्वारा मिलने वाली अनुदान के बारे में बताया. आगे उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में उन्हीं किसानों को उर्वरक मिलेगा, जिन्होंने फार्मर आईडी बनवाया है. इसके अलावा उन्होंने किसानों को कृषि यंत्रों से जुड़ी जानकारी भी दी.
छठवें चरण में जादूगर सलमान ने अपनी कला के माध्यम से खेती से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत की. उन्होंने किसानों को गोबर खाद के उपयोग और पशुपालन को बढ़ावा देने का सुझाव दिया. इसके साथ ही उन्होंने किसानों से हर शुभ अवसर पर वृक्ष लगाने की अपील की. इसके अलावा उन्होंने किसानों को आय डबल करने को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी.
अंतिम, सातवें चरण में लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया, जिसमें 10 विजेताओं को 500 रुपये और इसके साथ ही दूसरा विजेता ब्रजबिहारी को 2000 रुपए दिया गया और प्रथम पुरस्कार रेखा को तीन हजार रुपए का पुरस्कार मिला. .किसान तक’ का यह कारवां किसानों को आधुनिक तकनीक, बाजार से जुड़ाव और आय बढ़ाने के उपायों से जोड़ने का एक प्रभावी मंच प्रदान कर रहा है.
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