सीएम नायडू ने केंद्रीय मंत्री के सामने रखे कई प्रस्ताव (फोटो- X@girirajsinghbjp)आंध्र प्रदेश सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने और कृषि आधारित उद्योगों को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे हैं. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह के साथ बैठक में ऐसे उद्योगों को बढ़ावा देने की मांग की, जिनसे केले, नारियल, बांस और अन्य बागवानी फसलों से अतिरिक्त आय हासिल की जा सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर केले की खेती होती है और फसल कटाई के बाद बचने वाले तनों से मूल्यवान फाइबर निकाला जा सकता है.
इस फाइबर का इस्तेमाल टेक्सटाइल, हस्तशिल्प, जियोटेक्सटाइल, विशेष कागज और निर्यात के लायक कपड़े बनाने में किया जा सकता है. इसके लिए कडप्पा, अनंतपुर, नंदयाल, पश्चिम गोदावरी, कृष्णा और पूर्वी गोदावरी जैसे प्रमुख जिलों में फाइबर एक्सट्रैक्शन सेंटर बनाने की मांग की.
राज्य सरकार ने जनजातीय और ऊंचाई वाले क्षेत्रों के किसानों को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत बांस फाइबर प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना का प्रस्ताव रखा. वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश में नारियल की खेती से जुड़े किसानों के लिए मशीनीकृत भूसी प्रसंस्करण इकाइयों और कॉयर उद्योगों को बढ़ावा देने की भी मांग की गई. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होंगे.
बैठक के दौरान नायडू ने अमरावती में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) परिसर स्थापित करने और चित्तूर जिले के कुप्पम क्षेत्र में पीएम मित्र पार्क विकसित करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक के प्रमुख टेक्सटाइल क्लस्टरों के निकट स्थित है, जहां बड़ी संख्या में पावरलूम और स्पिनिंग मिलें संचालित हैं.
मुख्यमंत्री ने केंद्र से अमरावती में हैंडलूम एवं हस्तशिल्प संग्रहालय, मंगलगिरि में हैंडलूम पार्क और प्रमुख टेक्सटाइल क्लस्टरों में इंटीग्रेटेड वेट प्रोसेसिंग पार्क स्थापित करने में सहयोग मांगा. इसके अलावा उन्होंने आंध्र प्रदेश को नेशनल न्यू एज फाइबर मिशन के तहत प्राथमिकता वाले राज्य का दर्जा देने की भी मांग रखी.
नायडू ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि अमरावती में निफ्ट परिसर के लिए 10 एकड़ भूमि पहले ही आवंटित की जा चुकी है. उन्होंने इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए 280 करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया, ताकि राज्य में फैशन और टेक्सटाइल शिक्षा को नई गति मिल सके.
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने राज्य सरकार के प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आंध्र प्रदेश को देश के प्रमुख टेक्सटाइल केंद्रों में विकसित करने के लिए प्रयास करेगी. कृष्णा जिले के औद्योगिक क्षेत्र के दौरे के दौरान भी उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों के साथ कपड़ा और रेशम उद्योग के विस्तार पर चर्चा की.
केंद्रीय गिरिराज सिंह ने कहा कि भारत में कपास की औसत उत्पादकता वैश्विक स्तर की तुलना में काफी कम है. उन्होंने उत्पादन बढ़ाने के लिए बीज नीति सहित विभिन्न सुधारों की आवश्यकता बताई. मंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश के हैंडलूम क्षेत्र को और मजबूत बनाने के प्रयास जारी हैं तथा राज्य को आधुनिक टेक्सटाइल विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है. (पीटीआई)
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