मध्य प्रदेश में MSP पर गेहूं खरीदी में रफ्तार, 17 हजार किसानों से 7.75 लाख क्विंटल खरीद

मध्य प्रदेश में MSP पर गेहूं खरीदी में रफ्तार, 17 हजार किसानों से 7.75 लाख क्विंटल खरीद

Madhya Pradesh में न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर गेहूं खरीदी का अभियान तेजी से जारी है. अब तक 17 हजार से अधिक किसानों से 7.75 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है और करोड़ों रुपये सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं. राज्य सरकार ने 3000 से अधिक उपार्जन केंद्रों के जरिए खरीदी प्रक्रिया को सुचारू बनाया है, जबकि लाखों किसानों ने पहले ही स्लॉट बुक कर लिया है.

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मध्य प्रदेश में MSP पर गेहूं खरीदी में रफ्तार, 17 हजार किसानों से 7.75 लाख क्विंटल खरीदWorkers packing wheat the Anaj Mandi or wheat market in Ballabgarh, Haryana- photo by Vikram Sharma

मध्य प्रदेश में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी जारी है. मध्य प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अभी तक 17 हजार 572 किसानों से 7 लाख 75 हजार 240 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है. किसानों को 6 करोड़ 97 लाख रुपये का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा चुका है. गेहूं का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम डिवीजन में 9 अप्रैल से शुरू हो चुका है. उन्होंने बताया कि बाकी डिवीजनों में 15 अप्रैल से गेहूं का उपार्जन शुरू किया जाएगा. अभी तक 2 लाख 9 हजार 369 किसानों द्वारा 93 लाख 21 हजार 682 क्विंटल गेहूं की बिक्री के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं. गेहूं खरीदी के लिए 3171 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं. गेहूं की खरीदी काम के दिनों (ऑफिस डे) में होती है.

गेहूं की खरीद इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9 अप्रैल से शुरू हो चुका है. उन्होंने बताया कि बाकी डिवीजन में 15 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू की जाएगी. अभी तक एक लाख 90 हजार 261 किसानों ने 85 लाख 12 हजार 830 क्विंटल गेहूं बिक्री के लिए स्लॉट बुक किए हैं. गेहूं खरीदी के लिए 3171 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं. गेहूं की खरीदी काम के दिनों (ऑफिस डे) में होती है.

गेहूं बिक्री की सभी सुविधाएं मौजूद

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि जिन जिलों में गेहूं खरीदी की प्रक्रिया शुरू हो गई है, वहां गेहूं बिक्री की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. उपार्जन केंद्रों में छायादार स्थान में बैठने और पेय जल की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है. केंद्र में बारदाने, तौल कांटे, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, क्वालिटी टेस्ट उपकरण और उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छनना आदि की व्यवस्थाएं भी की गई हैं.

खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया है कि रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 में किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और राज्य सरकार की ओर से घोषित 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद की जा रही है. गेहूं खरीदी के लिए जरूरी बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है. 

बारदाने की कमी नहीं

खरीदे गए गेहूं को रखने के लिए जूट बारदानों के साथ ही पीपी या एचडीपी बैग और जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है. समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है. उपार्जित गेहूं में से 1 लाख 5 हजार 260 क्विंटल गेहूं की ढुलाई की जा चुकी है.

मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए इस साल रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है. पिछले साल समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी. इस साल युद्व की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों से सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा है, जो कि पिछले साल से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है.

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