मन की बात (फाइल फोटो)प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 134वें एपिसोड में कृषि, भारतीय आमों की विविधता और किसानों के योगदान का विशेष उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि भारत का आम सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि देश की कृषि परंपरा, स्थानीय पहचान और किसानों की मेहनत का प्रतीक है, जो अब वैश्विक बाजारों तक अपनी पहुंच बना रहा है. गर्मी के मौसम और आम के सीजन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के हर क्षेत्र का अपना खास आम, अपना स्वाद और अपनी अलग खुशबू है.
उन्होंने उत्तर प्रदेश के काशी के लंगड़ा, महाराष्ट्र के अल्फोंसो, गुजरात के केसर और पश्चिम बंगाल के हिमसागर जैसे प्रसिद्ध आमों का उल्लेख किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय आमों की यह विविधता देश की समृद्ध कृषि विरासत को दर्शाती है. उन्होंने आम उत्पादक किसानों की सराहना करते हुए कहा कि गांवों और बागानों से शुरू होने वाला यह सफर अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच चुका है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में फल उत्पादक किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है और उनके प्रयासों से भारतीय कृषि उत्पादों की पहचान दुनिया में बढ़ रही है. कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने भीषण गर्मी को लेकर भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी.
उन्होंने नागरिकों से पर्याप्त पानी पीने, धूप में निकलते समय एहतियात बरतने और सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया. साथ ही आम पन्ना, छाछ, लस्सी, सत्तू शरबत, बेल पना, कोकम शरबत और सोल कढ़ी जैसे पारंपरिक पेय पदार्थों का उल्लेख करते हुए उन्हें भारतीय जीवनशैली और स्थानीय ज्ञान का हिस्सा बताया.
प्रधानमंत्री मोदी ने देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी बात की. उन्होंने नीदरलैंड से भारत लौटाई गई चोल काल की प्राचीन ताम्रपट्टिकाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये ऐतिहासिक धरोहरें भारत के गौरवशाली अतीत और समुद्री शक्ति की कहानी बताती हैं. उन्होंने कहा कि सरकार देश की अमूल्य विरासत के संरक्षण और पुनर्स्थापन के लिए लगातार प्रयास कर रही है.
उन्होंने छत्तीसगढ़ के मलहार में मिली पांडुवंशी काल की दुर्लभ तांबे की पट्टिकाओं का भी जिक्र किया और इसे इतिहास के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण बताया. इसके अलावा प्रधानमंत्री ने खगोल विज्ञान के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि, देशभर में सक्रिय खगोल विज्ञान क्लबों और विज्ञान के क्षेत्र में जिज्ञासा बढ़ाने की जरूरत पर भी चर्चा की.
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने खेल जगत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय वरिष्ठ एथलेटिक्स महासंघ प्रतियोगिता में रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ियों को बधाई दी. उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, गंगा डॉल्फिन बचाव अभियान, नदियों की सफाई, जल संरक्षण और सामाजिक सेवा से जुड़े कई प्रेरक उदाहरण भी साझा किए.
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में अनेक लोग समाज और पर्यावरण के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं. उन्होंने नागरिकों से ऐसे प्रयासों की सराहना करने और स्वयं भी समाजहित के कार्यों में भागीदारी निभाने का आह्वान किया.
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