पन्ना में बारिश से सड़ा हजारों क्विंटल सरकारी धान! बोरियों से निकले पौधे, कलेक्‍टर ने दिए जांच के आदेश

पन्ना में बारिश से सड़ा हजारों क्विंटल सरकारी धान! बोरियों से निकले पौधे, कलेक्‍टर ने दिए जांच के आदेश

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में बारिश के कारण खुले में रखा हजारों क्विंटल सरकारी धान खराब होने का मामले सामने आया है. कई बोरियों से पौधे निकलने लगे, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और कलेक्‍टर ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

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पन्ना में बारिश से सड़ा हजारों क्विंटल सरकारी धान! बोरियों से निकले पौधे, कलेक्‍टर ने दिए जांच के आदेशधान की बोरियों में उगे पौधे

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में सरकारी धान के रखरखाव में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है. जिले के बड़ागांव और लक्ष्मीपुर खरीदी केंद्रों पर हजारों क्विंटल धान लंबे समय तक खुले में पड़ा रहने से बारिश में भीग गया. लगातार हुई बारिश के कारण कई बोरियां खराब हो गईं और कुछ में धान अंकुरित होकर पौधे तक निकल आए. इस पूरी घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों में हलचल मच गई है. यह घटना सरकारी अनाज के सुरक्षित भंडारण और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है.

सही से व्यवस्था नहीं करने का आरोप

जानकारी के अनुसार किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदा गया धान समय पर सुरक्षित वेयरहाउस में नहीं पहुंचाया गया. आरोप है कि धान की बोरियों को बारिश से बचाने के लिए पर्याप्त तिरपाल और अन्य सुरक्षा इंतजाम भी नहीं किए गए. लगातार बारिश के कारण बोरियों में नमी बढ़ती गई और कई जगह धान अंकुरित होने लगा. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते धान का उठाव और सुरक्षित भंडारण किया जाता तो लाखों रुपये मूल्य के सरकारी अनाज को खराब होने से बचाया जा सकता था. लोगों ने इस घटना को सरकारी संसाधनों की अनदेखी और लापरवाही का उदाहरण बताया है.

वायरल वीडियो के बाद प्रशासन हरकत में आया

धान की बोरियों से पौधे निकलने के वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया. पन्ना कलेक्टर ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया है. अब जांच समिति यह पता लगाएगी कि कितनी मात्रा में धान खराब हुआ है, नुकसान कितना हुआ और इसके लिए किस स्तर पर लापरवाही हुई. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जिम्मेदारी तय कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

जांच के बाद होगी कार्रवाई और नुकसान की रिकवरी

जेएसओ प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि लक्ष्मीपुर सहित अन्य स्थानों पर धान की बोरियों के अंकुरित होने की जानकारी विभाग के संज्ञान में आई है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की अलग से जांच कराई जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कितनी बोरियां क्षतिग्रस्त हुई हैं. धान की सुरक्षा और रखरखाव की मुख्य जिम्मेदारी वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन और संबंधित ब्रांच मैनेजर की होती है. जांच में अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. साथ ही सरकारी अनाज को हुए नुकसान की रिकवरी भी जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों से की जाएगी.

वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने भी दिए जांच के निर्देश

वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन आयोग के अध्यक्ष संजय नागायच ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित ब्रांच मैनेजर को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो कुछ दिन पुराना बताया जा रहा है, लेकिन पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है. (दिलीप शर्मा की रिपोर्ट)

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