बिहार में बाढ़ से 49.72 लाख लोग प्रभावित (Photo ITG)बिहार में इस साल अब तक सामान्य से काफी कम बारिश हुई है, लेकिन इसके बावजूद राज्य के कई इलाकों में भीषण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को कहा कि बिहार में अब तक 30 प्रतिशत से भी कम बारिश हुई है. इसके बावजूद नेपाल और पड़ोसी राज्यों में हुई तेज बारिश का पानी बिहार की नदियों में आने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है. राज्य में करीब 49.72 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.
बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए बिहार सरकार ने आर्थिक सहायता जारी की है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को 15 जिलों के 8.27 लाख बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में कुल 579.23 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए. हर प्रभावित परिवार को 7,000 रुपये की सहायता दी गई है. सरकार का कहना है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों और किसानों तक राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन को लगातार काम करने के निर्देश दिए गए हैं.
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में बाढ़ की एक बड़ी वजह दूसरे क्षेत्रों में हुई भारी बारिश है. झारखंड और उत्तर प्रदेश में तेज बारिश के कारण गंगा, सोन और गंडक जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. इसके अलावा नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण वहां से बिहार की ओर आने वाली नदियों में भी पानी बढ़ा है. नदियों के कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश होने से बिहार के कई जिलों में बाढ़ का संकट गहरा गया है. सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. उनका कहना है कि राज्य में बारिश कम होने के बावजूद दूसरे क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण हर साल कई इलाकों को बाढ़ का सामना करना पड़ता है.
बाढ़ के कारण भागलपुर, बेगूसराय, सारण समेत कुछ अन्य जगहों पर तटबंध टूटने की घटनाएं भी सामने आई हैं. मुख्यमंत्री के मुताबिक, अधिकारियों ने इन जगहों पर तुरंत कार्रवाई की और तटबंधों को सुरक्षित करने के साथ लोगों की सुरक्षा पर ध्यान दिया गया. प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को बाढ़ से हुए नुकसान की पूरी रिपोर्ट तैयार करने को कहा है. यह रिपोर्ट केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बिहार दौरे से पहले तैयार की जानी है. शिवराज सिंह चौहान बुधवार को केंद्रीय टीम के साथ बिहार पहुंचेंगे और बाढ़ की स्थिति का जायजा लेंगे.
बाढ़ का असर सिर्फ लोगों के घरों और सड़कों तक ही सीमित नहीं है. बड़ी संख्या में किसानों की फसलें भी पानी में डूब गई हैं. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फसल नुकसान का आकलन प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ-साथ प्रभावित किसानों की भी पहचान की जाए, ताकि उन्हें जरूरी सहायता दी जा सके. सरकार ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत का काम भी जल्द पूरा करने को कहा है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दुर्गा पूजा से पहले खराब सड़कों की मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो.
बिहार में कई प्रमुख नदियों का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है. आपदा प्रबंधन विभाग की ताजा जानकारी के अनुसार, कोसी नदी बलतारा और कुरसेला में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. बूढ़ी गंडक खगड़िया में और गंगा दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में खतरे के निशान से ऊपर है. इसके अलावा पुनपुन नदी श्रीपालपुर में, बागमती बेनीबाद में और घाघरा नदी दरौली में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. नदियों का जलस्तर बढ़ने से आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ी हुई है.
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को भोजन और जरूरी सुविधाएं देने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत कार्य शुरू किया है. राज्य में 1,089 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं. इन रसोई के जरिए बाढ़ प्रभावित लोगों को खाना उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके अलावा 13 राहत शिविर भी बनाए गए हैं. इन शिविरों में करीब 11,508 लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है. यहां लोगों को रहने की जगह के साथ भोजन, इलाज और दूसरी जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं.
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें तैनात की गई हैं. NDRF की 10 टीमें और SDRF की 27 टीमें अलग-अलग प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव के काम में लगी हैं. जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम भी किया जा रहा है.
बिहार की नदियों में बढ़ते पानी के बीच बैराजों से भी बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया है. सुबह 10 बजे वाल्मीकिनगर के गंडक बैराज से 81,800 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया. वहीं, वीरपुर स्थित कोसी बैराज से 1,66,265 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया. बिहार सरकार और जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. फिलहाल सरकार का जोर प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने, किसानों की फसल के नुकसान का आकलन करने, तटबंधों और सड़कों को सुरक्षित करने और बाढ़ प्रभावित लोगों को जरूरी सुविधाएं देने पर है. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की टीम के दौरे के बाद बाढ़ से हुए नुकसान की स्थिति का विस्तृत आकलन भी सामने आने की उम्मीद है.
ये भी पढ़ें:
Cow Lumpy: आज से ही शुरू किया गाय-भैंस का खरहेरा तो पशुपालकों को होगा दोहरा फायदा
किसानों के बकाया FRP निपटाने के लिए आगे आई महाराष्ट्र सरकार, मिलों को मिलेगा सस्ता लोन
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today